UP News: अच्छे आचरण वाले कैदियों को सरप्राइज गिफ्ट दे सकती है योगी सरकार

Daily Samvad
4 Min Read
Punjab Government
WhatsApp Group Join Now
WhatsApp Channel Join Now
⏱️ 5 मिनट पढ़ने का समय|📝 527 शब्द|📅 07 Jan 2023

डेली संवाद, लखनऊ। UP News: उत्तर प्रदेश की जेलों में सात साल से बंद विचाराधीन कैदियों को बड़ी राहत मिल सकती है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर जेल विभाग ऐसे कैदियों की लिस्ट तैयार करने में जुटा हुआ है, जिन्होंने सात साल जेल में गुजार दिये हैं और जिनका आचरण अच्छा है व उन्होंने अपने जुर्म का इकबाल भी कर लिया हो।

ये भी पढ़ें: आज से RT-PCR के बिना भारत में नो इंट्री, 6 देशों के लिए नियम सख्त

सरकार की ओर से जेल विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिये गये हैं कि सभी अपनी-अपनी जेलों में सात साल से कम सजा वाले विचाराधीन कैदियों की सूची उपलब्ध कराएं एवं साथ में सुझाव भी दें, जिससे कि विचाराधीन कैदियों की संख्या को कम से कम किया जा सके। ऐसे कैदियों की फाइलें मुख्यालय तलब की गयी हैं, जो दया याचिकाओं के मानकों को पूरा करते हैं।

दया याचिकाओं में आ रही बाधाओं की रिपोर्ट तलब

डीआईजी जेल एके सिंह के अनुसार प्रदेश की सभी जेलों में सात साल से कम सजा वाले विचाराधीन कैदियों की दया याचिका के मामलों में आ रही बाधाओं के बारे में रिपोर्ट तलब की गयी है। उन्होंने बताया ऐसे कैदियों की रिहाई का रास्ता प्रशस्त हो और इनके लंबित केसों में उचित पैरवी कराने के लिए शासन से निर्देश मिले हैं।

उन्होंने बताया कि विभाग की ओर से प्रदेश में कुल 62 जेलों और बंदी नारी निकेतन में बंद ऐसे विचाराधीन कैदियों की लिस्ट बनायी जा रही है, जिनका आचरण अच्छा हो और उनकी ओर से अपने जुर्म का इकबाल करते हुए दया की अपील की गयी हो।

ट्रेडवार प्रशिक्षित कैदियों की भी लिस्ट उपलब्ध कराएं जेल अधीक्षक

डीआईजी जेल के अनुसार विभाग ऐसे कैदियों की भी लिस्ट तैयार करा रहा है, जिनसे एक साल में उनका कोई भी परिजन मिलने न आया हो। जेलों में बहुत से ऐसे भी कैदी हैं जिनकी आयु 40 साल से कम है और जो छोटे-मोटे अपराधों में जेल में बंद हैं। ऐसे कैदियों को रोजगार से जोड़ने के लिए कौशल विकास के माध्यम से ट्रेनिंग देने का कार्य किया जाएगा, जिनसे उन्हें समाज की मुख्य धारा से जोड़ा जा सके।

ये भी पढ़ें: पंजाब में कई कारोबारियों के ठिकानों पर ED की Raid

प्रदेश की सभी जेलों के अधीक्षकों से अपनी अपनी जेलों से ट्रेडवार प्रशिक्षित कैदियों की भी लिस्ट मांगी गयी है। अधिकारी के अनुसार जेलों में बंद सभी बंदी पेशेवर अपराधी नहीं होते हैं, उनके साथ मानवीय दृष्टिकोण अपनाने की आवश्यक्ता है, जिससे वे अच्छी सोच और स्किल के साथ बाहर आएं और समाज की मुख्यधारा में दोबारा जुड़ सकें।

जल्द से जल्द कराएं अलाव और कंबल की व्यवस्था

अधिकारी ने बताया कि प्रदेश की सभी जेलों के अधीक्षकों को निर्देश दिया गया है कि वे समाजसेवी संस्थाओं और जिला प्रशासन की मदद से कैदियों के लिए सर्दियों में कम्बल और अलाव आदि की व्यवस्था करें। जेलों में गुणवत्तापरक भोजन, कैदियों की उनके परिजनों से वार्ता एवं मिलाई की व्यवस्था सुदृढ़ करने के लिए भी शासन स्तर से हमें निर्देश मिले हैं। मुख्यालय से सभी निर्देश प्रदेश की सभी जेलों के अधीक्षकों को भेज दिया गया है।

पंजाबी कॉमेडियन ‘पतीला जी’ का नया अंदाज, खोल दिए अपने दिल के राज

https://youtu.be/A8Y8DZLT3SY

















Share This Article
Follow:
Daily Samvad एक विश्वसनीय हिंदी न्यूज़ वेबसाइट है, जहां हम देश-दुनिया, राजनीतिक विश्लेषण, प्रदेश, शिक्षा, बिज़नेस, मनोरंजन, खेल, स्वास्थ्य सहित हर क्षेत्र की ख़बरें सरल भाषा में आप तक पहुंचाते हैं। हमारा उद्देश्य है—जनता की आवाज़ बनकर निष्पक्ष पत्रकारिता को आगे बढ़ाना। डेली संवाद ऑनलाइन के महाबीर जायसवाल फाउंडर चीफ एडिटर हैं। वे राजनीति, अपराध, देश-दुनिया की खबरों पर दमदार पकड़ रखते हैं। उन्होंने पत्रकारिता करियर की शुरुआत राजनीति की खबरों से की, जबकि उनके पास, अमर उजाला, दैनिक भास्कर, दैनिक जागरण में रिपोर्टिंग से लेकर एडिटर तक 25 साल से अधिक पत्रकारिता का अनुभव है। वे उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और भारत सरकार के कैबिनेट मंत्री गजेंद्र शेखावत के Media Consultant भी रहे हैं। उन्होंने इलाहाबाद की यूनिवर्सिटी से मास कॉम्यूनिकेशन, बीए और एमए की डिग्री हासिल की है। संपर्क नंबर: +91-98881-90945 ईमेल: mmmmediahouse@gmail.com
Leave a Comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *