Happy Women’s Day: शक्ति है एक नारी, जाने आठ मार्च को ही क्यों मनाया जाता है महिला दिवस?

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⏱️ 5 मिनट पढ़ने का समय|📝 545 शब्द|📅 08 Mar 2023

डेली संवाद, चंडीगढ़। Happy Women’s Day: हर साल की तरह इस साल भी अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस (International Women’s Day) आठ मार्च को मनाया जा रहा है। इस बार जहां एक तरफ भारत होली के रंग में रंगा हुआ है तो दूसरी तरफ भारत समेत पूरी दुनिया बुधवार को अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस मनाने वाली है। 8 मार्च का दिन इतिहास के पन्नों में अंतरराष्ट्रीय महिला के नाम से जाना जाता है, सभी महिलाओं को महिला दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं।

Happy Women's Day: शक्ति है एक नारी, जाने आठ मार्च को ही क्यों मनाया जाता है महिला दिवस?

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घर का आंगन महिला के बिना अधूरा लगता है। मां, बहन, बेटियां हम सभी के जीवन में अहम भूमिका निभाती हैं। स्त्री है तो संसार है। हमारे जीवन में महिलाओं का अहम योगदान है। इस दिन को खास बनाने के लिए आप भी महिलाओं को खास संदेशों के साथ बधाई व शुभकामनाएं दे सकते हैं। इसकी शुरुआत 20वीं सदी में अमेरिकी समाजवादी और श्रमिक आंदोलनों से हुई थी।

अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस की शुरुआत

अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस हर साल आठ मार्च को मनाया जाता है। साल 1917 में रूसी महिलाओं ने रोटी और शांति की मांग के लिए विरोध प्रदर्शन के साथ किया था। इस विरोध प्रदर्शन की वजह से तत्कालीन रूसी जार को सत्ता छोड़नी पड़ी थी। अंतरिम सरकार ने महिलाओं को वोट देने का अधिकार भी दिया।

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जिस दिन रूसी महिलाओं ने इस प्रदर्शन की शुरुआत की थी, वह दिन रूसी कैलेंडर के हिसाब से 23 फरवरी (रविवार) था। यदि इस तारिख को ग्रेगॉरियन कैलेंडर के हिसाब से देखा जाए तो वह दिन आठ मार्च का था। तब से इसी दिन को अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस का नाम दिया गया।

क्यों मनाया जाता है महिला दिवस

अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस महिलाओं की उपलब्धियों का जश्न मनाने और अधिकारों की प्रगति का वार्षिक कार्यक्रम है। इसकी शुरुआत 20वीं सदी में अमेरिकी समाजवादी और श्रमिक आंदोलनों से हुई थी। उस समय महिलाएं काम के घंटे कम करने, बेहतर वेतन और वोट देने के अधिकार के लिए लड़ रही थी। 1911 में महिला दिवस का पहला उत्सव मनाया गया था।

इस दौरान ऑस्ट्रिया, डेनमार्क, जर्मनी और स्विटजरलैंड में दस लाख से भी अधिक लोगों ने महिलाओं के अधिकारों का समर्थन करने के लिए रैलियां निकाली थीं। इसके बाद से महिलाओं के कार्यस्थलों पर समानता से लेकर हिंसा के खिलाफ मुद्दों पर भी ध्यान केंद्रित किया गया। हालांकि, किसी भी समूह के पास इस कार्यक्रम का स्वामित्व नहीं था। 1977 में संयुक्त राष्ट्र की तरफ से अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस को मान्यता दी गई। तभी से संयुक्त राष्ट्र के सदस्यों ने इस दिन को अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के रूप में मनाना शुरू किया।

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