Australia में ‘Right To Disconnect’ कानून: कर्मचारियों को काम के बाद बॉस की कॉल्स को अनदेखा करने की आज़ादी

Daily Samvad
5 Min Read
Punjab Government
WhatsApp Group Join Now
WhatsApp Channel Join Now
⏱️ 6 मिनट पढ़ने का समय|📝 665 शब्द|📅 07 May 2025

Australia में कर्मचारियों के काम से जुड़े तनाव को कम करने और उनके जीवन को बेहतर बनाने के लिए एक नया कानून लाया गया है। इसे ‘Right To Disconnect’ (अधिकार से डिस्कनेक्ट होने का अधिकार) कहा जाता है।

यह भी पढ़ें: Janmashtami 2024: 26 या 27 अगस्त, कौन सी तिथि है सही? जानें शुभ मुहूर्त, खास योग और रोहिणी नक्षत्र का महत्त्व

यह कानून कर्मचारियों को काम के घंटों के बाद अपने मालिक के कॉल्स या मैसेज का जवाब न देने की अनुमति देता है। इस कदम का उद्देश्य कर्मचारियों को उनकी निजी और पेशेवर जीवन के बीच बैलेंस बनाए रखने में मदद करना है, ताकि वे अपने परिवार और व्यक्तिगत समय का पूरी तरह से आनंद ले सकें।

Australia में ‘Right To Disconnect’ क्या है?

‘राइट टू डिस्कनेक्ट’ (Right To Disconnect) कानून का विचार इस तथ्य पर आधारित है कि आजकल की आधुनिक तकनीक और काम करने के तरीकों ने काम और निजी जीवन के बीच की सीमाओं को बहुत धुंधला कर दिया है। खास रूप से जब से रिमोट वर्किंग का ट्रेंड बढ़ा है, कर्मचारी अक्सर अपने ऑफिस के काम में इस कदर उलझ जाते हैं कि वे अपने निर्धारित काम के घंटों के बाद भी काम से जुड़े संदेशों और कॉल्स का जवाब देते रहते हैं। यह स्थिति खास रूप से महामारी के दौरान अधिक गंभीर हो गई थी, जब ज्यादातर लोग घर से काम कर रहे थे।

कानून का उद्देश्य

australia-visa
australia

यह नया कानून कर्मचारियों को यह अधिकार देता है कि वे काम के घंटों के बाद अपने नियोक्ता द्वारा किए गए कॉल्स, ईमेल्स या किसी भी प्रकार के संदेश का जवाब देने से मना कर सकते हैं, बिना इस डर के कि इससे उनके करियर पर बुरा असर पड़ेगा। यह कानून कर्मचारियों के मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य को बनाए रखने के लिए बनाया गया है। कई जांच से यह साफ़ हुआ है कि लगातार काम के संपर्क में रहने से कर्मचारियों में तनाव, चिंता और बर्नआउट जैसी समस्याएं बढ़ जाती हैं। इस कानून का उद्देश्य इन समस्याओं को कम करना है।

कानून की जरूरत क्यों पड़ी?

महामारी के दौरान रिमोट वर्किंग का ट्रेंड बढ़ा, जिसके चलते कर्मचारियों के काम के घंटे बढ़ गए। इससे यह साफ़ हुआ कि घर से काम करने वाले कर्मचारियों को भी अपने काम और निजी जीवन के बीच एक सीमा की जरूरत है। इसके अलावा, लेटेस्ट तकनीक ने भी इस समस्या को बढ़ाया है। कर्मचारियों को अक्सर ऐसा महसूस होता है कि उन्हें हर समय अपने बॉस के संपर्क में रहना चाहिए, जिससे उनके निजी जीवन पर असर पड़ता है।

इस कानून के माध्यम से ऑस्ट्रेलिया सरकार ने यह पक्का कर दिया है कि कर्मचारी अपने निर्धारित काम के घंटों के बाद नियोक्ता के संपर्क में रहने के लिए रुकावट न हों। यह कानून कर्मचारियों को उनके व्यक्तिगत जीवन का पूरा आनंद लेने का अधिकार देता है, जिससे उनकी मानसिक और शारीरिक सेहत को फायदा हो।

कब से लागू होगा यह कानून?

Australia Study Visa News: ऑस्ट्रेलिया में पढ़ाई करने वाले भारतीय छात्रों के लिए नए वीजा नियम, जानें क्या बदला है आपके लिए
Australia News

‘राइट टू डिस्कनेक्ट’ (Right To Disconnect) कानून 26 अगस्त 2024 से ऑस्ट्रेलिया में लागू हो जाएगा। इसके बाद से सभी ऑस्ट्रेलियाई कर्मचारियों को कानूनी रूप से यह अधिकार मिल जाएगा कि वे अपने काम के घंटे खत्म होने के बाद नियोक्ता से संपर्क में रहने से मना कर सकें।

हालांकि, इस कानून में कुछ अपवाद भी हैं। यदि किसी कर्मचारी की नौकरी की भूमिका या उसकी जिम्मेदारियां ऐसी हैं कि उन्हें काम के घंटों के बाद भी अपने नियोक्ता के संपर्क में रहना जरूरी हो, तो इस कानून के तहत कर्मचारी को नियोक्ता के संदेशों का जवाब देना पड़ेगा। मान लीजिए, किसी इमरजेंसी या जरूरी स्थिति में यह अपवाद लागू हो सकता है।

यूरोप में भी लागू है ऐसा कानून

ऑस्ट्रेलिया से पहले, फ्रांस, जर्मनी, और अन्य यूरोपीय देशों ने भी इसी तरह के कानून लागू किए हैं। इन देशों में कर्मचारियों को काम के बाद अपने मोबाइल साधन को बंद करने और नियोक्ता से संपर्क में न रहने का अधिकार दिया गया है। यह कदम भी कर्मचारियों की भलाई और उनके निजी जीवन की सुरक्षा के लिए उठाया गया है।

















Share This Article
Follow:
Daily Samvad एक विश्वसनीय हिंदी न्यूज़ वेबसाइट है, जहां हम देश-दुनिया, राजनीतिक विश्लेषण, प्रदेश, शिक्षा, बिज़नेस, मनोरंजन, खेल, स्वास्थ्य सहित हर क्षेत्र की ख़बरें सरल भाषा में आप तक पहुंचाते हैं। हमारा उद्देश्य है—जनता की आवाज़ बनकर निष्पक्ष पत्रकारिता को आगे बढ़ाना। डेली संवाद ऑनलाइन के महाबीर जायसवाल फाउंडर चीफ एडिटर हैं। वे राजनीति, अपराध, देश-दुनिया की खबरों पर दमदार पकड़ रखते हैं। उन्होंने पत्रकारिता करियर की शुरुआत राजनीति की खबरों से की, जबकि उनके पास, अमर उजाला, दैनिक भास्कर, दैनिक जागरण में रिपोर्टिंग से लेकर एडिटर तक 25 साल से अधिक पत्रकारिता का अनुभव है। वे उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और भारत सरकार के कैबिनेट मंत्री गजेंद्र शेखावत के Media Consultant भी रहे हैं। उन्होंने इलाहाबाद की यूनिवर्सिटी से मास कॉम्यूनिकेशन, बीए और एमए की डिग्री हासिल की है। संपर्क नंबर: +91-98881-90945 ईमेल: mmmmediahouse@gmail.com
Leave a Comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *