डेली संवाद, जालंधर। Punjab Flood: बाढ प्रभावित पंजाब (Punjab) में किसान और आमजन की क्षतिपूर्ति और पुनर्वास के लिए ‘जागदा पंजाब’ के संयोजक राकेश शान्तिदूत ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) को चिट्ठी लिखी है। उन्होंने प्रधानमंत्री कार्यालय को भेजे ई-मेली में कहा है कि बाढ़ग्रस्त पंजाब को विशेष पैकेज दिया जाए। इसके साथ ही केंद्रीय राजस्व में पंजाब के बकाया राज्य सरकार को अविलंब जारी किया जाए।
जालंधर (Jalandhar) के निवासी राकेश शान्तिदूत (Rakesh Shantidoot) ने प्रधानमंत्री कार्य़ालय को लिखा है कि पहाड़ी राज्यों के साथ साथ भारत की खड्ग भुजा व अन्न प्रदाता सीमांत प्रदेश पंजाब इन दिनों कुदरती आपदा के दौर से गुजर रहा है। राज्य के 19 जिलों के 2500 से भी अधिक गांव बाढ़ के घेरे में है।

तीन लाख हेक्टेयर भूमि की फसल तबाह
इन गांवों सहित राज्यों के अन्य हिस्सों में तीन लाख हेक्टेयर भूमि पर खड़ी धान और गन्ने इत्यादि की फसल तबाह हो गई है। इन क्षेत्रों में किसान,खेत मजदूर और अन्य के रैन बसेरे भी अप्रत्याशित और निरन्तर बारिश से ध्वस्त हो गए है और खुले आकाश के नीचे तात्कालिक सहायता के लिए अधिकतर समाज और सरकार तन्त्र पर आश्रित है।
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उल्लेखनीय है कि कुदरती आपदा को झेल रहे यह सारे क्षेत भारत-पाकिस्तान अंतररष्ट्रीय सीमा पर है। शहरों क्षेत्रों में भी जहा स्मार्ट सिटी की ग्रांट से विकास हो रहे है वहाँ भी अप्रत्याशित वर्षा आपदा बन कर बरसी है और लोगो के आवासीय और व्यवसायिक भवनों को भारी नुकसान हुआ है।

राष्ट्र के अन्नभंडार में संभावित बड़ी कमी आ सकती है
निःसंदेह इस परस्थिति पर पल -पल आपकी नजर होगी। अतः बाढ़ के बाद की स्थिति और भी चिंताजनक होगी। जिस प्रकार से पंजाब में तबाही हुई है और इसकी वजह से राष्ट्र के अन्नभंडार में संभावित बड़ी कमी की दृष्टि से और पंजाब के सीमांत प्रदेश होने की स्थिति में यह एक बड़ा राष्ट्रीय संकट है और इसे संविधान प्रदत व्यवस्था के हिसाब से राष्ट्रीय आपदा की श्रेणी में ही रखा जाना चाहिए।
उपरोक्त चिंताओं से आपको अवगत कराना बेशक सूर्यं को दीप दिखाने जैसा हो लेकिन अपने नागरिक कर्तव्यं का पालन करने की दृष्टि से हमने आपको इस परिस्थिति से अवगत कराने की चेष्टा की है। इस परिस्थिति पर आपकी चिंता से भी पंजाब वासी अवगत हो चुके है ,जब आपने स्वदेश लौटते ही सर्वप्रथम राज्य के मुख्यमंत्री श्री भगवंत मान से फोन वार्ता कर जानकारी ली थी। पंजाब अपने यशस्वी प्रधानमंत्री के इस कृत्य के लिए उन्हें सच्चे जनप्रतिनिधि के रूप में रेखांकित कर रहा है।

केंद्र पंजाब के पुनर्वास के लिए मुक्त हृदय से सहायता करेगा
आपके निर्देश पर केंद्रीय कृषि मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान के बाढ़ग्रस्त क्षेत्रों के दौरे के साथ साथ केंद्रीय आकलन दलों की तैनाती से पंजाब को यह आशा है कि भारतीय संविधान की व्यवस्था अनुसार केंद्र और राज्य (डबल इंजन) केंद्र पंजाब के पुनर्वास के लिए मुक्त हृदय से सहायता करेगा।
अतः आपसे करबद्ध प्रार्थना है कि पंजाब की इस परिस्थिति को इसके राष्ट्रीय महत्व अनुरूप राष्ट्रीय आपदा श्रेणी में रखकर इसकी आवश्यकता और अनिवार्यता का आकलन कर विशेष केंद्रीय राहत पैकेज दिया जाए। चूंकि सूबे के शहरी क्षेत्र में हुए क्षति बाद नागरिक सहायता के लिए राज्य सरकार को धन की आवश्यकता होगी। अतः केंद्रीय राजस्व में राज्य सरकार के अंश की बकाया राशि प्राथमिकता के आधार पर तुरन्त जारी करने का भी आग्रह है।







