डेली संवाद, जालंधर/चंडीगढ़। Jalandhar News: Corruption in PSPCL Jalandhar PIL filed in High Court – जालंधर के मशहूर होटल और एक मशहूर कालोनाइजर व बिल्डर्स समेत PSPCL के इंजीनियरों के खिलाफ पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर (PIL) की है। पीआईएल (PIL) में आरोप लगाया है कि जालंधर (Jalandhar) में PSPCL के कुछ इंजीनियरों की मिलीभगत से सरकार को बड़ी चपत लगाई जा रही है। इस जनहित याचिका पर 11 सितंबर को सुनवाई होगी।
जालंधर (Jalandhar) के निवासी सिमरनजीत सिंह द्वारा पंजाब राज्य बिजली निगम (PSPCL) में व्याप्त भ्रष्टाचार, प्रशासनिक उदासीनता और प्रणालीगत विफलताओं के खिलाफ पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय में एक जनहित याचिका (PIL) दायर की गई है। यह याचिका सरकारी खजाने को हो रहे भारी नुकसान को उजागर करती है, जो कि ऐसे समय में हो रहा है जब निगम स्वयं भारी वित्तीय ऋण से जूझ रहा है।

PSPCL के कुछ अफसरों ने फायदा पहुंचाया
जनहित याचिका में कहा गया है कि PSPCL के कुछ अधिकारियों की मिलीभगत और बड़े डिफॉल्टरों को फायदा पहुंचाया जा रहा है। याचिका में आर.ईएसएस आयरन एंड स्टील प्राइवेट लिमिटेड (R.ESS IRON AND STEEL PVT LTD) के एक मामले का विस्तार से उल्लेख किया गया है, जिस पर PSPCL का 3.02 करोड़ रुपए बकाया था। इस बकाया राशि को संपत्ति के फर्द (रिकॉर्ड) पर एक भार के रूप में दर्ज किए जाने के बावजूद, कथित तौर पर अधिकारियों की मिलीभगत से संपत्ति बेच दी गई और उसी परिसर में नए बनाए गए मैरिटन होटल (Mariton Hotel) को साल 2022 में नया बिजली कनेक्शन जारी कर दिया गया।
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जनहित याचिका में आरोप लगाया गया है कि यह कोई इकलौता केस नहीं है, बल्कि यह एक पैटर्न का हिस्सा है। याचिकाकर्ता का आरोप है कि इसी जमीन में बन रहे पीटूपी (P2P) नाम से एक अन्य निर्माणाधीन होटल को टैंपरेरी कनैक्शन दे दिया गया, अब इस टैंपरेरी कनैक्शन को पक्का कनेक्शन जारी करने का खेल शुरू हुआ है।

यही नहीं PSPCL के कुछ अफसरों औऱ इंजीनियरों की मेहरबानी से जालंधर में नकोदर रोड पर स्थित एल्डिको ग्रीन (Eldeco Greens) को करोड़ों रुपए का फायदा पहुंचाया गया, जबकि सरकार को करोड़ों रुपए का नुकसान किया गया। एल्डिको ग्रीन (Eldeco Greens) जैसे अन्य बड़े डिफॉल्टरों PSPCL का करोड़ों रुपए नहीं जमा करवाया।

एल्डिको ग्रीन ने 30 करोड़ नहीं जमा करवाया
याचिका में आरोप लगाया गया है कि एल्डिको ग्रीन के डेवलेपरों ने करीब 30 करोड़ रुपए सरकार को नहीं जमा करवाया। उल्टे PSPCL के कुछ इंजीनियरों ने उसे कनैक्शन दिया, बल्कि आज तक एल्डिको से सब स्टेशन लगाने के लिए जमीन नहीं ले सके। आरोप है कि एल्डिको ग्रीन में एक अफसर को प्लाट गिफ्ट किया गया है। याचिका में यह भी कहा है कि निचले स्तर पर मीटर से छेड़छाड़ और खपत की जानबूझकर कम रिकॉर्डिंग का खेल चल रहा है, ताकि उपभोक्ताओं को कम टैरिफ स्लैब में रखा जा सके, जिससे राजस्व का भारी नुकसान हो रहा है।

याचिकाकर्ता ने कहा है कि लुधियाना में दो जूनियर इंजीनियरों (जेई) को बड़े पैमाने पर कदाचार के लिए निलंबित किया गया था, जो निगम के भीतर समस्या की स्वीकारोक्ति है । याचिकाकर्ता ने मांग की है कि इस पूरे मामले की किसी स्वतंत्र एजेंसी जैसे कि केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI), प्रवर्तन निदेशालय (ED) या न्यायालय की निगरानी में एक विशेष जांच दल (SIT) द्वारा व्यापक जांच की जाए।

स्मार्ट मीटर योजना को लागू करने की मांग
इसके अलावा भ्रष्टाचार और बिजली चोरी को रोकने के लिए पंजाब में 100% स्मार्ट मीटरिंग योजना को तत्काल लागू करने के लिए निर्देश जारी किए जाएं। यह जनहित याचिका पंजाब के नागरिकों पर पड़ रहे वित्तीय बोझ को कम करने और सरकारी स्वामित्व वाले निगम में जवाबदेही सुनिश्चित करने का एक प्रयास है।









