डेली संवाद, चंडीगढ़। Punjab News: सहकारिता विभाग ने उन सहकारी हाउसिंग और हाउस बिल्डिंग सोसायटियों को नोटिस (Notice) जारी करने के आदेश दिए हैं, जिन्होंने अपने सदस्यों से बकाया राशि वसूलने के बावजूद संबंधित शहरी विकास प्राधिकरणों को इसका भुगतान नहीं किया है।
सोसायटियों को नोटिस जारी करने के आदेश
मुख्यमंत्री श्री भगवंत सिंह मान (Bhagwant Mann) के निर्देशों के तहत रजिस्ट्रार सहकारी सोसायटियां गिरीश दियालन ने इन सभी सोसायटियों को नोटिस जारी करने के आदेश दिए हैं। इन बकायों में बाहरी विकास खर्चे (EDC), भूमि के इस्तेमाल में परिवर्तन (CLU) खर्चे और अन्य खर्चे शामिल हैं।
यह भी पढ़ें: अमेरिका में अवैध आप्रवासियों के खिलाफ बड़े एक्शन की तैयारी, ट्रंप ने की बड़ी घोषणा
इन भुगतानों को न करना प्रबंधक समितियों और पदाधिकारियों की ओर से विश्वास का गंभीर उल्लंघन है। ऐसे डिफॉल्ट न केवल सोसायटियों की कानूनी स्थिति को खतरे में डालते हैं बल्कि उनके सदस्यों के हितों को भी नुकसान पहुँचाते हैं।

21 दिनों के भीतर जमा करवाए जाएं
सदस्यों के अधिकारों की रक्षा और कानूनी आवश्यकताओं के अनुपालन को सुनिश्चित करने के लिए, सभी सहकारी हाउसिंग और हाउस बिल्डिंग सोसायटियों को निर्देश दिए जाते हैं कि संबंधित शहरी विकास प्राधिकरण को देय सभी बकाए इस नोटिस के 21 दिनों के भीतर जमा करवाए जाएं।
जहाँ व्यक्तिगत सदस्यों ने अपना हिस्सा जमा नहीं किया है, वहाँ प्रबंधक समिति को 30 दिनों के भीतर इसकी वसूली कर जमा करना सुनिश्चित करना होगा। प्रत्येक सोसायटी को 30 दिनों के भीतर संबंधित प्राधिकरण से डीआरसीएस कार्यालय में एक नो-ड्यूज़ सर्टिफिकेट(कोई बकाया नहीं) जमा करना होगा।
बड़े जनहित में उठाए जा रहे
उन्होंने आगे कहा कि इन निर्देशों का पालन न करने पर इसे सहकारी सभाएं अधिनियम की धारा 27 के तहत लगातार डिफॉल्ट या लापरवाही माना जाएगा। अनुपालन न करने की स्थिति में प्रबंधक समिति को बर्खास्त करने सहित सख़्त कार्रवाई शुरू की जाएगी।
श्री दियालन ने कहा कि यह कदम सदस्यों के अधिकारों की रक्षा और सहकारी हाउसिंग सभाओं के कामकाज में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए बड़े जनहित में उठाए जा रहे हैं।








