डेली संवाद, जालंधर/अमृतसर। Punjab Police Ex AIG Arrested News Update: पंजाब से बड़ी खबर सामने आ रही है। पंजाब पुलिस के पूर्व एआईजी को गिरफ्तार कर लिया गया है। ये गिरफ्तारी जालंधर की स्पेशल टॉस्क फोर्स (STF) ने की है।
जानकारी के मुताबिक पंजाब (Punjab) पुलिस के पूर्व AIG रछपाल सिंह को गिरफ्तार कर लिया गया है। ये गिरफ्तारी जालंधर एसटीएफ की तरफ से की गई है। फिलहाल वे अमृतसर के सिविल लाइन में बंद हैं। कहा जा रहा है कि गिरफ्तारी की वजह 2017 के एक केस से जुड़ रही है।

ड्रग से जुड़ा मामला
हालांकि इसे लेकर अभी किसी अधिकारी ने पुष्टि नहीं की है। आपको बता दें कि 3 अगस्त 2017 को अमृतसर के बलविंदर सिंह को STF अमृतसर पुलिस ने सिविल अस्पताल पट्टी से उठाया था। बाद में उस पर हेरोइन का केस दर्ज कर लिया था। उस पर 1 किग्रा हेरोइन डाल दी गई।
उसे पाकिस्तान से हेरोइन मंगवाने के भी आरोप लगाए गए। तीन अन्य आरोपियों के नाम मामले में जोड़ दिए गए। बलविंदर ने इसके बाद मामले की जांच की अपील हाई कोर्ट में की। इसी मामले में ये कार्ऱवाई हुई है।

सप्लीमेंट्री जार्चशीट दाखिल हुई थी
जानकारी के मुताबिक STF ने अपनी रिपोर्ट में बताया था कि भौर सिंह नाम के आरोपी के खेतों में हेरोइन की एक और खेप दबी है। इसके बाद पुलिस को खेत से चार किलो 530 ग्राम हेरोइन, एक पिस्टल, तीन मैगजीन और 56 कारतूस मिले।
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पुलिस ने बाद में बलविंदर सिंह, मेजर सिंह और भौर सिंह के खिलाफ अमृतसर की अदालत में चार्जशीट पेश की। वहीं बलविंदर सिंह के खिलाफ सप्लीमेंट्री चार्जशीट दाखिल की। इसमें गुरजंट सिंह का जिक्र नहीं था।
कॉल डिटेल्स पर हुआ शक
बलविंदर सिंह ने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया। हाई कोर्ट ने नवंबर 2019 में मामले की जांच के लिए डीजीपी डायरेक्टर ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन प्रमोद बान को कहा गया। जांच में डीजीपी की तरफ से बलविंदर सिंह की कॉल डिटेल्स, सीसीटीवी फुटेज और लोकेशन का डाटा दिसंबर 2020 को हाई कोर्ट में दाखिल किया गया।
कॉल डिटेल्स व सीसीटीवी फुटेज के आधार पर सवाल खड़े हुए और जनवरी 2021 को हाईकोर्ट ने जांच CBI के हवाले कर दी। इसी केस में अब पंजाब पुलिस ने एक बार फिर कार्रवाई की है।
इसके नाम दिखाई 1 किलो हेरोइन
पड़ताल में पाया गया कि गुरजंट सिंह उर्फ सोनू नाम के व्यक्ति से एक किलोग्राम हेरोइन बरामद हुई थी। पूरी हेरोइन बलविंदर सिंह के नाम पर दिखा दी गई। जबकि गुरजंट सिंह को रिहा कर दिया गया था। पुलिस ने बलविंदर सिंह को फंसाने के लिए एक फर्जी कहानी पेश की।








