Jalandhar News: जालंधर नगर निगम में करप्शन, विदेश बैठे ससुर के नाम पर इंजीनियर बन गया ‘ठेकेदार’, सरकार को लगा रहा है चूना

जालंधर नगर निगम में कुछ इंजीनियर कई साल से एक ही कुर्सी पर बैठे हैं। इसमें से कई इंजीनियरों ने अब ठेकेदारी शुरू कर दी है। ये इंजीनियर अपने सास-ससुर, पिता, भाई और अन्य रिश्तेदारों के नाम पर लाइसेंस लेकर सड़क बनाने से लेकर कई तरह के काम कर रहे हैं।

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Highlights
  • नगर निगम के इंजीनियर बन गए ठेकेदार
  • निगम के तीन बड़े इंजीनियर हैं मास्टर माइंड
  • सीनियर डिप्टी मेयर ने पकड़ा था पूरा मामला
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डेली संवाद, जालंधर। Jalandhar News: जालंधर नगर निगम (Municipal Corporation Jalandhar ) में बड़ा घोटाला चल रहा है। यह घोटाला कोई और नहीं, बल्कि निगम के ही कुछ अफसर कर रहे हैं। जिसे पिछले दिनों सीनियर डिप्टी मेयर बलबीर सिंह बिट्टू ने पकड़ा था। उसके बाद एक अफसर का जालंधर से ट्रांसफर कर दिया गया, जबकि ठेके पर भर्ती किए गए कुछ इंजीनियर इस घोटाले को अभी भी कर रहे हैं। इसके मास्टरमाइंड नगर निगम के तीन अफसर बताए जा रहे हैं, जो कई साल से एक ही कुर्सी पर चिपके हैं। कोई भी सरकार आए, इन घोटालेबाज अफसरों का ट्रांसफर नहीं कर पा रही है।

जालंधर (Jalandhar) नगर निगम में हैरानीजनक मामला सामने आया है। वैसे तो करप्शन में बिल्डिंग ब्रांच ज्यादा बदनाम है, लेकिन असल करप्शन बिल्डिंग एंड रोड (B&R) ब्रांच है। यहां कमीशन बाजी या ठेकेदारों से रिश्वत लेने का कमीशन नहीं है, बल्कि बीएंडआर के कुछ इंजीनियर ही ठेकेदार बन गए हैं। अपने ससुर, भाई, बहन और माता के नाम पर फर्म खोला और खुद ठेकेदारी शुरू कर दी। यूं कहें कि जिस इंजीनियर को एस्टीमेट बनाकर, रोड चैकिंग कर रिपोर्ट देकर ठेकेदार का बिल पास करना है, वही इंजीनियर खुद ठेकेदार बन गया है।

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इंजीनियर ने कंस्ट्रक्शन के नाम पर फर्म खोली

डेली संवाद के पास ऐसा ही एक मामला सामने आया है। जिसमें विदेश में बैठे अपने ससुर के नाम से एक इंजीनियर ने कंस्ट्रक्शन के नाम पर फर्म खोली। हैरानी की बात तो यह है कि विदेश में बैठे ससुर के नाम पर फर्म खोल कर इंजीनियर ने करोड़ों रुपए का काम कर डाला। इंजीनियर का भेद इसलिए खुल गया कि उक्त इंजीनियर ने कंस्ट्रक्शंस नाम की फर्म का पता अपने घर का दे दिया। जबकि फर्म के मालिक का पता कुछ और ही है।

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पीडब्ल्यूडी द्वारा जारी लाइसेंस के मुताबिक विदेश में बैठे ससुर के नाम वाली फर्म पता गांधी नगर जालंधर का है। यही पता उसके आधार कार्ड पर भी है। जबकि कंस्ट्रक्शंस फर्म की जीएसटी सर्टिफिकेट में बिजनेस आफिस का पता माडल हाउस रोड स्थित एक फ्लैट का है। यह पता नगर निगम में तैनात एक इंजीनियर का बताया जा रहा है। हैरानी की बात तो यह है कि नगर निगम के इंजीनियर के घर में ठेकेदार आखिर अपना बिजनेस आफिस क्यों खोलेगा? सूत्र बताते हैं कि ठेकेदार विदेश में है, उनके नाम पर सारा कामकाज उसका दामाद नगर निगम का इंजीनियर करता है।

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कई इंजीनियर कर रहे हैं धंधा

डेली संवाद के पड़ताल में यह बात सामने निकल कर आई है, अकेला गांधी नगर के ससुर के नाम पर ही नहीं है, बल्कि कई ऐसे नाम है, जिसकी आड़ में नगर निगम के कई इंजीनियर ठेकेदारी का काम कर रहे हैं। इसी तरह एक इंजीनियर ने अपने पिता के नाम पर ठेकेदारी कर रहा है। पिता के नाम पर करोड़ों का ठेका लेता है, खुद ही एस्टीमेट बनाता है, सड़क की चैकिंग रिपोर्ट बनाता है औऱ बिल पास करवाता है। यानी सबकुछ हजम।

यह सारा खेल जालंधर सैंट्रल,  जालंधर नार्थ और जालंधर वेस्ट हलके में चल रहा है। वेस्ट हलके में इंजीनियर ज्यादा सक्रिय हैं। यहां करोड़ों रुपए का ठेका इंजीनियर अपने ससुर वाली फर्म पर लेता है और जमकर करप्शन का खेल होता है। हैरानी तो यह है कि इन सड़कों का कभी भी निरीक्षण नहीं होती है, जिससे सरकार का करोड़ों रुपया नगर निगम के इंजीनियर ही डकार जाते हैं। बताया जा रहा है कि उक्त इंजीनियर खुद को एक मंत्री का रिश्तेदार भी बताता है।

Balbir Singh Bittu Jalandhar
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शिकायत आने पर कार्रवाई होगी – बिट्टू

इस संबंध में कंस्ट्रक्शंस कंपनी के मालिक का पक्ष लेने के लिए उनके मोबाइल नंबर पर फोन किया। कई बार फोन किया गया, लेकिन किसी ने फोन पिक नहीं किया। वहीं, सीनियर डिप्टी मेयर बलबीर सिंह बिट्टू ने कहा कि हमने इसे पकड़ा था। कई टैंडर रद्द किए। एक अफसर का ट्रांसफर भी करवाया। इसकी जांच चल रही है। अगली किस्त में इंजीनियर और उसके ससुर के कंस्ट्रक्शन कंपनी की अवैध बिल्डगों की पोल खुलेगी कि किस तरह से एक मंत्री और पार्षद से रिश्तेदारी बताकर सरकार को करोड़ों रुपए का चूना लगाया जा रहा है। कौन हैं इसके मास्टरमाइंड? पढ़ते रहें डेली संवाद…

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