डेली संवाद, चंडीगढ़। Punjab News: आय से अधिक संपत्ति के मामले में फंसे पंजाब के पूर्व मंत्री और शिरोमणि अकाली दल के वरिष्ठ नेता बिक्रम सिंह मजीठिया (Bikram Singh Majithia) की मुश्किलें लगातार बढ़ती जा रही हैं। विजिलेंस ब्यूरो ने मामले में मजीठिया के करीबी हरप्रीत सिंह गुलाटी को गिरफ्तार किया है।
पंजाब (Punjab) के पूर्व मंत्री बिक्रम मजीठिया (Bikram Singh Majithia) को लेकर नया खुलासा हुआ है। आरोप है कि आकाश स्प्रीति, यू वी एंटरप्राइज और ए डी एंटरप्राइजेज नामक शराब कंपनियों के माध्यम से पैसों का लेन-देन किया गया था। इसी लेन देन को लेकर मजीठिया के करीबी हरप्रीत सिंह गुलाटी को गिरफ्तार कर लिया गया है।

शिमला और दिल्ली में संपत्तियां
पंजाब विजिलेंस (Punjab Vigilance) ब्यूरो की जांच में सामने आया है कि पूर्व मंत्री मजीठिया (Bikram Singh Majithia) ने गुलाटी के जरिये शिमला (Shimla) और दिल्ली (Delhi) में संपत्तियां बनाई थीं।
इससे पहले मजीठिया (Bikram Singh Majithia) के साले गजपत सिंह ग्रेवाल के खिलाफ भी मोहाली की जिला अदालत में विजिलेंस ने एक आवेदन दाखिल किया है। अब उसे भगोड़ा घोषित करने की तैयारी की जा रही है। इस पर 1 दिसंबर को सुनवाई होगी।

विजिलेंस के तर्क
पंजाब विजिलेंस (Punjab Vigilance) ने अदालत में कहा कि आरोपी ग्रेवाल के कई पतों—संगरूर स्थित घर, दिल्ली के बसंत विहार और डिफेंस कॉलोनी—पर नोटिस भेजे गए थे।
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कुछ दिन पहले ही उसको मामले में नामजद किया गया था और आपराधिक साजिश की धाराएं भी लगाई गई थीं। पूछताछ के लिए समन जारी किया गया, लेकिन वह पेश नहीं हुआ। अब उसे दोबारा तलब किया गया है।
आरोप तय होने की संभावना
पंजाब सरकार (Punjab Government) ने बीते महीने हुई कैबिनेट मीटिंग में इस मामले में केस चलाने की मंजूरी दे दी थी। हालांकि अभी तक आरोप तय नहीं हुए हैं।

माना जा रहा है कि 10 दिसंबर को होने वाली अगली सुनवाई में आरोप तय हो सकते हैं। उस दिन मजीठिया की ओर से विजिलेंस द्वारा पेश किए गए चालान पर बहस होगी।
जमानत याचिका पर फैसला जल्द
दूसरी ओर मजीठिया (Bikram Singh Majithia) की जमानत याचिका पर सुनवाई पूरी हो चुकी है। अदालत कभी भी फैसला सुना सकती है। हालांकि मजीठिया के करीबी की गिरफ्तारी के बाद स्थित बदल सकती है।







