Punjab News: छतबीड़ चिड़ियाघर में जानवरों को ठंड से बचाने के लिए किए गए विशेष प्रबंध

पक्षियों के पिंजरों को फाइबर कपड़े, जूट मैट एवं पॉलीथीन की चादरों से अच्छी तरह ढका गया है ताकि उन्हें ठंड एवं बारिश से बचाया जा सके। सभी पक्षियों के घोंसलों को गर्म रखने के लिए पराली, तूड़ी एवं चावलों के भूसे के बिस्तरों का उपयोग किया गया है।

Daily Samvad
3 Min Read
छतबीड़ चिड़ियाघर में जानवरों को ठंड से बचाने के लिए किए गए विशेष प्रबंध
Punjab Government
Highlights
  • पिंजरों को घास/धान के ढांचे से भरपूर बनाया गया
  • रूम हीटर एवं हीट कन्वेक्टर की व्यवस्था की गई
  • पक्षियों के घोंसलों को गर्म रखने के लिए व्यवस्था
WhatsApp Group Join Now
WhatsApp Channel Join Now

डेली संवाद, चंडीगढ़। Punjab News: सर्दियों के आगमन एवं खराब मौसम को ध्यान में रखते हुए कैबिनेट मंत्री लाल चंद कटारूचक्क की अगुवाई में वन एवं वन्य जीव संरक्षण विभाग, पंजाब ने छतबीड़ (Chhatbir Zoo) के महिंदर चौधरी जूलॉजिकल पार्क में जानवरों के लिए साफ-सुथरे एवं सुरक्षित वातावरण को सुनिश्चित बनाने के लिए विशेष प्रबंध किए हैं।

पंजाब (Punjab) सरकार द्वारा मांसाहारी जानवरों बाघ, चीता, शेर एवं अन्य बिल्ली प्रजातियों के लिए रात के आश्रय स्थानों में रूम हीटर एवं हीट कन्वेक्टर की व्यवस्था की गई है। सभी खिड़कियों एवं खुले स्थानों को पॉलीथीन शीट या फाइबर शीट एवं सरकंडे घास की छत से ढका गया है। सभी वृद्ध एवं छोटी उम्र के जानवरों के लिए विशेष तापमान नियंत्रण प्रबंध किए गए हैं।

छतबीड़ चिड़ियाघर में जानवरों को ठंड से बचाने के लिए किए गए विशेष प्रबंध
छतबीड़ चिड़ियाघर में जानवरों को ठंड से बचाने के लिए किए गए विशेष प्रबंध

तूड़ी के बिस्तरों की व्यवस्था

शाकाहारी जानवरों के लिए बांधने वाली तारों एवं रस्सियों की मदद से अस्थायी आश्रय/झोपड़ियां बनाई गई हैं, जिससे इन शाकाहारी जानवरों के सभी बाड़ों में वाटरप्रूफ प्रबंधों (छतों को काली तिरपाल से ढकने) की सुविधा दी गई है। सभी शाकाहारी जानवरों के लिए आरामदायक फर्श हेतु पराली एवं तूड़ी के बिस्तरों की व्यवस्था की गई है।

यह भी पढ़ें: डंकी रूट का मास्टर माइंड जालंधर में, ED की कार्रवाई के बाद हड़कंप, 12 ट्रेवल एजैंट रडार पर

सभी पक्षियों के पिंजरों को फाइबर कपड़े, जूट मैट एवं पॉलीथीन की चादरों से अच्छी तरह ढका गया है ताकि उन्हें ठंड एवं बारिश से बचाया जा सके। सभी पक्षियों के घोंसलों को गर्म रखने के लिए पराली, तूड़ी एवं चावलों के भूसे के बिस्तरों का उपयोग किया गया है। पक्षियों के पिंजरों के ढक्कन आगे के हिस्से से फोल्ड हो सकते हैं ताकि आवश्यकता पड़ने पर उन्हें धूप लगने के लिए खोला जा सके।

छतबीड़ चिड़ियाघर में जानवरों को ठंड से बचाने के लिए किए गए विशेष प्रबंध
छतबीड़ चिड़ियाघर में जानवरों को ठंड से बचाने के लिए किए गए विशेष प्रबंध

कंबलों की व्यवस्था की गई है

आरामदायक वातावरण के लिए सभी तीतरों के पिंजरों को घास/धान के ढांचे से भरपूर बनाया गया है। इसके अलावा रेंगने वाले जंतुओं की बिलों पर ऑयल फिन हीटर लगाए गए हैं एवं ये हीटर आसपास की प्राकृतिक नमी को प्रभावित नहीं करते।

इसके अलावा रेंगने वाले जंतुओं के सभी सेलों के लिए तूड़ी, सूखे पत्तों एवं भारी कंबलों की व्यवस्था की गई है जो इन रेंगने वाले जंतुओं के लिए बहुत आरामदायक हैं। रेंगने वाले जंतुओं वाले सेक्शन में विशेष यू.वी. लैंप लगाए गए हैं। कछुओं एवं पानी में रहने वाले कछुओं के लिए वाटर सर्कुलेशन सिस्टम वाले विशेष एक्वेरियम वाटर हीटर भी लगाए गए हैं।



















Share This Article
Follow:
Daily Samvad एक विश्वसनीय हिंदी न्यूज़ वेबसाइट है, जहां हम देश-दुनिया, राजनीतिक विश्लेषण, प्रदेश, शिक्षा, बिज़नेस, मनोरंजन, खेल, स्वास्थ्य सहित हर क्षेत्र की ख़बरें सरल भाषा में आप तक पहुंचाते हैं। हमारा उद्देश्य है—जनता की आवाज़ बनकर निष्पक्ष पत्रकारिता को आगे बढ़ाना। डेली संवाद ऑनलाइन के महाबीर जायसवाल फाउंडर चीफ एडिटर हैं। वे राजनीति, अपराध, देश-दुनिया की खबरों पर दमदार पकड़ रखते हैं। उन्होंने पत्रकारिता करियर की शुरुआत राजनीति की खबरों से की, जबकि उनके पास, अमर उजाला, दैनिक भास्कर, दैनिक जागरण में रिपोर्टिंग से लेकर एडिटर तक 25 साल से अधिक पत्रकारिता का अनुभव है। वे उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और भारत सरकार के कैबिनेट मंत्री गजेंद्र शेखावत के Media Consultant भी रहे हैं। उन्होंने इलाहाबाद की यूनिवर्सिटी से मास कॉम्यूनिकेशन, बीए और एमए की डिग्री हासिल की है। संपर्क नंबर: +91-98881-90945 ईमेल: mmmmediahouse@gmail.com
Leave a Comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *