ePaper Reading mode

Daily Samvad ePaper

Thursday, 11 June 2026

Punjab News: बठिंडा में 140 क्विंटल अवैध उर्वरक जब्त, महाराष्ट्र स्थित फर्म के खिलाफ एफआईआर दर्ज- गुरमीत सिंह खुड्डियां

बठिंडा में 140 क्विंटल अवैध उर्वरक जब्त
बठिंडा में 140 क्विंटल अवैध उर्वरक जब्त
डेली संवाद, चंडीगढ़। Punjab News: अवैध और गैर-मानक उर्वरकों की बिक्री पर शिकंजा कसते हुए पंजाब (Punjab) के कृषि एवं किसान कल्याण विभाग ने बठिंडा में बड़ी कार्रवाई करते हुए 140 क्विंटल अवैध उर्वरक जब्त किए हैं। इस मामले में उर्वरक नियंत्रण आदेश (एफसीओ), 1985 तथा आवश्यक वस्तु अधिनियम, 1955 के प्रावधानों का उल्लंघन करने के आरोप में महाराष्ट्र के ठाणे स्थित मेसर्स के.बी. बायो-ऑर्गेनिक्स प्राइवेट लिमिटेड के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। थाना थर्मल, बठिंडा में दर्ज एफआईआर में मुजफ्फरनगर (उत्तर प्रदेश) के रवि कुमार तथा महाराष्ट्र के साबले अशांत हनुमंत को नामजद किया गया है। इस संबंध में जानकारी साझा करते हुए पंजाब के कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री गुरमीत सिंह खुड्डियां ने बताया कि कृषि विभाग की टीम ने गुप्त सूचना के आधार पर गणपति कॉम्प्लेक्स, मलोट रोड, बठिंडा स्थित एक गोदाम पर छापा मारा। जांच के दौरान टीम ने पाया कि गोदाम में रखे गए उर्वरक उर्वरक नियंत्रण आदेश के तहत निर्धारित मानकों के अनुरूप नहीं थे।

बिक्री के लिए आवश्यक लाइसेंस नहीं

कृषि मंत्री ने बताया कि संबंधित कंपनी के पास उर्वरकों की बिक्री के लिए आवश्यक लाइसेंस भी नहीं था और वह कीटनाशकों के व्यापार हेतु जारी लाइसेंस के आधार पर अवैध रूप से उर्वरकों की बिक्री कर रही थी। यह कार्रवाई उर्वरक नियंत्रण आदेश, 1985 की धारा 7 और 8 तथा आवश्यक वस्तु अधिनियम, 1955 की धारा 3 और 7 का स्पष्ट उल्लंघन है।

यह भी पढ़ें: Japnoor Travels के सतनाम सिंह पर 45 लाख रुपए ठगी का आरोप, किसानों ने दफ्तर घेरा

गुरमीत सिंह खुड्डियां ने कहा कि जब्त किए गए 140 क्विंटल अवैध उर्वरक सैकड़ों एकड़ फसलों को नुकसान पहुंचा सकते थे, जिससे किसानों को भारी आर्थिक क्षति उठानी पड़ सकती थी। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार किसी भी कंपनी या व्यक्ति को कृषि उत्पादों की गुणवत्ता से खिलवाड़ करने की अनुमति नहीं देगी और ऐसे मामलों में शून्य सहनशीलता (ज़ीरो टॉलरेंस) की नीति अपनाई जा रही है। कृषि मंत्री ने राज्य के सभी मुख्य कृषि अधिकारियों (सीएओ) को औचक निरीक्षण अभियान और तेज करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि उर्वरक नियंत्रण आदेश का उल्लंघन करना केवल कानूनी अपराध ही नहीं, बल्कि किसान समुदाय के हितों के विरुद्ध एक गंभीर अपराध भी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि ऐसे मामलों में दोषियों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी।