ePaper Reading mode

Daily Samvad ePaper

Thursday, 10 September 2026

Smile Scheme: डॉ. बलजीत कौर के नेतृत्व में ‘स्माइल योजना’ बनी भिक्षावृत्ति से सम्मानजनक जीवन की ओर नई उम्मीद

Smile Scheme: डॉ. बलजीत कौर के नेतृत्व में ‘स्माइल योजना’ बनी भिक्षावृत्ति से सम्मानजनक जीवन की ओर नई उम्मीद

डेली संवाद, चंडीगढ़। Smile Scheme: मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में पंजाब सरकार समाज के सबसे अधिक जरूरतमंद और हाशिए पर रह रहे लोगों को सम्मानजनक जीवन प्रदान करने के लिए लगातार कार्य कर रही है। इसी प्रतिबद्धता के तहत कैबिनेट मंत्री डॉ. बलजीत कौर के नेतृत्व में सामाजिक सुरक्षा, महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा ‘स्माइल योजना’ के अंतर्गत अमृतसर, पटियाला, लुधियाना और जालंधर में बेघर और भिक्षावृत्ति में शामिल व्यक्तियों के बचाव, पुनर्वास और सामाजिक पुनर्स्थापन के लिए विशेष प्रयास किए जा रहे हैं।

इस संबंधी जानकारी देते हुए सामाजिक सुरक्षा, महिला एवं बाल विकास मंत्री डॉ. बलजीत कौर ने बताया कि अमृतसर में मार्च 2026 से चल रहे सर्वेक्षण के दौरान अब तक 422 भिक्षावृत्ति में शामिल व्यक्तियों की पहचान की जा चुकी है। इनमें से 32 व्यक्तियों का सफल पुनर्वास किया गया है, जिनमें 8 व्यक्तियों को उनके परिवारों के साथ पुनः जोड़ा गया, 2 बुजुर्गों को पेंशन का लाभ दिलाया गया, 4 व्यक्तियों के आधार कार्ड बनवाए गए, 1 व्यक्ति को आशीर्वाद योजना का लाभ दिलाया गया, 4 व्यक्तियों को वृद्धाश्रम भेजा गया और 13 व्यक्तियों को रोजगार अथवा व्यवसाय से जोड़ा गया।

व्यक्तियों की काउंसलिंग की

इसके अलावा 54 व्यक्तियों की काउंसलिंग भी की गई है। उन्होंने बताया कि पटियाला में भी 168 व्यक्तियों की पहचान करके उनके पुनर्वास के लिए कार्रवाई जारी है, जबकि सितंबर के दूसरे सप्ताह के दौरान लुधियाना और जालंधर में भी सर्वेक्षण शुरू किया जा रहा है।

डॉ. बलजीत कौर ने कहा कि स्माइल योजना का उद्देश्य केवल भिक्षावृत्ति से मुक्ति दिलाना नहीं, बल्कि प्रत्येक जरूरतमंद को सम्मान, सुरक्षा और आत्मनिर्भरता से जोड़ना है। उन्होंने कहा कि भिक्षावृत्ति में शामिल व्यक्तियों को सामाजिक सुरक्षा योजनाओं, स्वास्थ्य सेवाओं, काउंसलिंग, कौशल विकास, शिक्षा, रोजगार और स्वरोजगार के अवसरों से जोड़कर उन्हें समाज की मुख्यधारा में लाया जा रहा है।

पुनर्वास सेवाओं से जोड़ा जाता

उन्होंने बताया कि योजना के तहत संबंधित विभागों और स्थानीय प्रशासन के सहयोग से भिक्षावृत्ति में शामिल व्यक्तियों की पहचान और सर्वेक्षण किया जाता है। आवश्यकता के अनुसार उन्हें सुरक्षित स्थानों पर ले जाकर काउंसलिंग, स्वास्थ्य जांच और अन्य आवश्यक सहायता प्रदान की जाती है। जिन व्यक्तियों के परिवारों की पहचान हो जाती है, उन्हें नियमों के अनुसार परिवार के साथ पुनः जोड़ा जाता है, जबकि बेसहारा व्यक्तियों को उनकी आवश्यकता के अनुसार पुनर्वास सेवाओं से जोड़ा जाता है।

डॉ. बलजीत कौर ने कहा कि इस अभियान को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए स्थानीय प्रशासन, नगर निगमों, स्थानीय निकाय संस्थाओं, पुलिस विभाग, स्वास्थ्य विभाग, कौशल विकास से संबंधित संस्थाओं और अन्य हितधारक विभागों के साथ आपसी तालमेल के माध्यम से कार्य किया जा रहा है, ताकि कोई भी जरूरतमंद व्यक्ति सहायता से वंचित न रहे।

लोगों से अपील की

कैबिनेट मंत्री ने आम लोगों से अपील की कि वे सड़कों पर भिक्षा मांगने वाले व्यक्तियों को नकद राशि देने की बजाय उन्हें सरकार द्वारा उपलब्ध पुनर्वास और सामाजिक सहायता सेवाओं तक पहुंचाने में सहयोग करें। उन्होंने कहा कि सरकार और समाज के संयुक्त प्रयासों से ही भिक्षावृत्ति-मुक्त, आत्मनिर्भर और सम्मानजनक "रंगला पंजाब" का निर्माण संभव है।