Monday, 21 September 2026
एजुकेशन
IKG PTU News: आई.के.जी पी.टी.यू में स्वयं–नेप्टेल कार्यशाला के माध्यम से डिजिटल एवं आजीवन शिक्षा को सशक्त बनाने का प्रयास- एक दिवसीय कार्यशाला आयोजित
डेली संवाद, जालंधर/कपूरथला। IKG PTU News: भविष्य-उन्मुख शिक्षा एवं सतत कौशल विकास के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को मजबूत करते हुए, आई.के. गुजराल पंजाब टेक्निकल यूनिवर्सिटी (आई.के.जी पी.टी.यू) ने एक इंटरैक्टिव स्वयं–नेप्टेल कार्यशाला का आयोजन किया। इसमें 500 से अधिक फैकल्टी सदस्य एवं छात्र शामिल हुए, जिनमें पंजाब के 30+ संस्थानों से फैकल्टी प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
सभा को संबोधित करते हुए कुलपति प्रो. (डॉ.) अरविंद कुमार बंसल ने जोर दिया कि स्वयं–नेप्टेल जैसे प्लेटफॉर्म केवल प्रमाणपत्र प्राप्ति तक सीमित न रहें, बल्कि दक्षता निर्माण, शैक्षणिक समृद्धि और उभरते अवसरों की तैयारी में योगदान दें। उन्होंने फैकल्टी सदस्यों से आग्रह किया कि वे छात्रों को प्रासंगिक पाठ्यक्रम चुनने में मार्गदर्शन दें एवं शिक्षार्थियों को निर्धारित पाठ्यक्रम से आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करें।
पाठ्यक्रमों का विस्तृत अवलोकन प्रस्तुत किया
रजिस्ट्रार डॉ. नवदीपक संधू ने कहा, “स्वयं–नेप्टेल" हमारे फैकल्टी एवं छात्रों को अग्रणी विशेषज्ञों से गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्राप्त करने का मूल्यवान अवसर प्रदान करता है। यूनिवर्सिटी ऐसे प्लेटफॉर्म को एक गतिशील एवं भविष्य-उन्मुख शैक्षणिक वातावरण का अभिन्न हिस्सा बनाने के लिए निरंतर प्रयासरत रहेगा।”
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कार्यशाला की रिसोर्सपर्सन, डॉ. आंगना सेनगुप्ता, कोऑर्डिनेटर, नेप्टेल लोकल चैप्टर (नॉर्थ ज़ोन), आई.आई.टी कानपुर, एवं प्रोफेसर लखवीर सिंह, इंचार्ज, सी.एम.एल, जी.एन.डी.ई.सी लुधियाना, ने स्वयं–नेप्टेल पाठ्यक्रमों का विस्तृत अवलोकन प्रस्तुत किया। उन्होंने इनके शैक्षणिक एवं व्यावसायिक लाभ, फैकल्टी विकास के अवसर एवं एन.ई.पी के अंतर्गत प्रासंगिकता पर प्रकाश डाला।
विचार-विमर्श एवं संवाद का मंच प्रदान किया
साथ ही उन्होंने पाठ्यक्रम चयन, प्रभावी पूर्णता एवं अधिगम के अनुप्रयोग पर चर्चा की तथा फैकल्टी सदस्यों को पाठ्यक्रम विकास एवं शैक्षणिक विशेषज्ञता के माध्यम से योगदान देने के अवसरों की जानकारी दी। इस कार्यक्रम ने पंजाब के 30+ संस्थानों के फैकल्टी को एक साथ लाकर डिजिटल शिक्षा को उच्च शिक्षा में सुदृढ़ करने पर विचार-विमर्श एवं संवाद का मंच प्रदान किया।
कार्यशाला ने यूनिवर्सिटी की उस प्रतिबद्धता को पुनः पुष्ट किया, जिसमें शिक्षा कक्षा से परे विस्तारित होती है, तकनीक अध्यापन को पूरक बनाती है और ज्ञान को दक्षता एवं नवाचार में रूपांतरित किया जाता है।