Friday, 25 September 2026
पंजाब
Punjab: पंजाब एक प्रमुख औद्योगिक केंद्र के रूप में उभरा, लाखों युवाओं के लिए रोजगार के अवसर पैदा किए: मुख्यमंत्री
डेली संवाद, चंडीगढ़। Punjab: पंजाब तेज़ी से एक प्रमुख औद्योगिक केंद्र और निवेश के पसंदीदा गंतव्य के रूप में उभर रहा है। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली सरकार ने पिछले चार वर्षों के दौरान 1.89 लाख करोड़ रुपये का बड़ा निवेश आकर्षित किया है, जिससे 6.31 लाख युवाओं के लिए रोज़गार के अवसर पैदा हुए हैं और पारंपरिक औद्योगिक केंद्रों से बाहर भी औद्योगिक विकास को बढ़ावा मिला है।
नए निवेश प्रस्तावों के मामले में मोहाली 9,478 करोड़ रुपये के निवेश के साथ अग्रणी रहा, जबकि लुधियाना 4,968 करोड़ रुपये के निवेश के साथ दूसरे स्थान पर है। निवेश के बढ़ते दायरे से निवेशकों के बढ़ते विश्वास का पता चलता है और साथ ही पूरे पंजाब में रोजगार, उद्यमिता तथा अधिक आय के लिए नए रास्ते खुल रहे हैं।
वैश्विक निवेशकों के बढ़ते विश्वास को दर्शाता
आज यहां उद्योग विभाग की प्रगति की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान (Bhagwant Mann) ने कहा, "यह शानदार निवेश पंजाब के औद्योगिक इको-सिस्टम में स्थानीय और वैश्विक निवेशकों के बढ़ते विश्वास को दर्शाता है। हमारी सरकार ने बेहतर बुनियादी ढांचे, जवाबदेह प्रशासन और आसान मंजूरी प्रक्रियाओं के माध्यम से अनुकूल, पारदर्शी और निवेशक-अनुकूल कारोबारी माहौल तैयार करने के लिए लगातार काम किया है।"
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मुख्यमंत्री ने कहा, "कृषि, विनिर्माण, इंजीनियरिंग, टेक्सटाइल और फूड प्रोसेसिंग के क्षेत्रों में पंजाब की पारंपरिक क्षमताओं के साथ-साथ प्रौद्योगिकी, नवीकरणीय ऊर्जा, ऑटोमोबाइल और आधुनिक विनिर्माण में हमारी उभरती क्षमताएं औद्योगिक विकास के अगले चरण के लिए मजबूत आधार प्रदान कर रही हैं।"
कारोबार का विस्तार किया
उन्होंने बताया, "टाटा स्टील, जेएसडब्ल्यू स्टील, आईची स्टील्स, वर्धमान, नेस्ले, हिंदुस्तान लीवर, कारगिल, डी ह्यू, एचएमईएल, संथान टेक्सटाइल और फ्रूडेनबर्ग सहित कई प्रमुख राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय कंपनियों ने पंजाब में निवेश किया है या अपने कारोबार का विस्तार किया है।"
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, "एस.ए.एस. नगर (मोहाली) तेजी से पंजाब के प्रमुख आर्थिक और औद्योगिक विकास केंद्रों में शामिल हो रहा है और वित्तीय वर्ष 2022-23 से 2026-27 के दौरान 'कॉमन एप्लीकेशन फॉर्म' के माध्यम से प्राप्त नए निवेश प्रस्तावों के मामले में अग्रणी जिले के रूप में उभरा है। मोहाली को 9,478 करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए, जबकि लुधियाना को 4,968 करोड़ रुपये, पटियाला को 2,590 करोड़ रुपये और होशियारपुर को 2,003 करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं।"
1,003 करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए
मुख्यमंत्री ने कहा, "कई अन्य जिले भी पंजाब के औद्योगिक विकास की यात्रा में महत्वपूर्ण योगदान दे रहे हैं। फतेहगढ़ साहिब को 1,265 करोड़ रुपये, बठिंडा को 1,248 करोड़ रुपये, कपूरथला को 1,037 करोड़ रुपये और जालंधर को 1,003 करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं।"
उन्होंने कहा, "राज्य भर में निवेश का विस्तार दर्शाता है कि औद्योगिक विकास अब केवल कुछ पारंपरिक औद्योगिक केंद्रों तक सीमित नहीं रहा है। नया निवेश पंजाब के विभिन्न क्षेत्रों में अवसर पैदा कर रहा है और आर्थिक विकास के आधार को मजबूत कर रहा है।"
नवाचार का इकोसिस्टम तेजी से विस्तार कर रहा
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, "इस अवधि के दौरान सीएएफ के माध्यम से किए गए कुल निवेश का 49.8 प्रतिशत हिस्सा केवल मोहाली और लुधियाना में है, जो पंजाब के प्रमुख आर्थिक केंद्रों के रूप में इन दोनों शहरों की बढ़ती महत्ता को दर्शाता है। मोहाली में आईटी, प्रौद्योगिकी और नवाचार का इकोसिस्टम तेजी से विस्तार कर रहा है। यह शहर लगातार एक प्रमुख प्रौद्योगिकी हब के रूप में विकसित हो रहा है और इसमें 'भारत की सिलिकॉन वैली' के रूप में उभरने की अपार क्षमता है।"
मुख्यमंत्री ने कहा, "हमारी सरकार प्रौद्योगिकी आधारित कंपनियों, स्टार्ट-अप, ज्ञान आधारित उद्योगों और नए उद्यमों के लिए आवश्यक इकोसिस्टम उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है, ताकि पंजाब के शिक्षित और कुशल युवा राज्य में ही सम्मानजनक रोजगार प्राप्त कर सकें।" उन्होंने कहा, "पंजाब के उभरते औद्योगिक क्षेत्र में नए क्षेत्र भी शामिल हो रहे हैं।
पंजाब की अर्थव्यवस्था मजबूत होगी
सीएएफ के माध्यम से प्राप्त निवेश प्रस्तावों में कई उच्च-विकास वाले क्षेत्र शामिल हैं, जिनमें रियल एस्टेट, आवास निर्माण और बुनियादी ढांचा, अलॉय स्टील और धातु विनिर्माण, कृषि एवं फूड प्रोसेसिंग, बायो-एनर्जी और नवीकरणीय संसाधन, ऑटोमोबाइल कंपोनेंट तथा टेक्सटाइल शामिल हैं।" उन्होंने आगे कहा, "औद्योगिक आधार में विविधता लाने से पंजाब की अर्थव्यवस्था मजबूत होगी, पारंपरिक क्षेत्रों पर निर्भरता कम होगी और हमारे युवाओं के लिए रोजगार के व्यापक अवसर पैदा होंगे।"
सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों (एमएसएमई) को मजबूत करने के लिए अपनी सरकार की प्रतिबद्धता दोहराते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, "एमएसएमई और सहायक इकाइयों को उचित सहयोग प्रदान करने के लिए राज्य के प्रमुख औद्योगिक केंद्रों में विशेष औद्योगिक क्लस्टरों को बढ़ावा दिया जा रहा है।
'कटिंग टूल क्लस्टर' के लिए चुना गया
एस.ए.एस. नगर (मोहाली) में एक 'हाई-टेक मेटल क्लस्टर' को मंजूरी दी गई है, जो उन्नत धातु विनिर्माण और इससे जुड़े क्षेत्रों में काम कर रहे उद्यमों को अनुकूल वातावरण उपलब्ध कराएगा। लुधियाना के लिए ऑयल एक्सपेलर एवं कल-पुर्जा विनिर्माण, कपड़ा और शहद प्रसंस्करण से संबंधित विशेष क्लस्टरों को मंजूरी दी गई है, जबकि पटियाला को समर्पित 'कटिंग टूल क्लस्टर' के लिए चुना गया है।"
मुख्यमंत्री ने कहा, "ये क्लस्टर उद्यमों को साझा बुनियादी ढांचे, आधुनिक तकनीक, कौशल विकास, बड़े पैमाने पर उत्पादन के लाभ और बेहतर विपणन संपर्कों का लाभ उठाने में सक्षम बनाएंगे। एमएसएमई क्षेत्र को मजबूत करना बेहद महत्वपूर्ण है, क्योंकि ये उद्यम रोजगार पैदा करने, उद्यमिता को बढ़ावा देने और मजबूत स्थानीय आपूर्ति श्रृंखला के माध्यम से बड़े उद्योगों को सहयोग देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।"उन्होंने कहा, "आधुनिक और विश्वसनीय बुनियादी ढांचे के बिना औद्योगिक विकास संभव नहीं है।
6.31 लाख युवाओं के लिए रोजगार की संभावना
इस प्रक्रिया को तेज करने के लिए पंजाब में दो बड़े औद्योगिक पार्क परियोजनाओं को भी मंजूरी दी गई है।"मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, "ये पहल आधुनिक औद्योगिक बुनियादी ढांचा उपलब्ध करवाएंगी और नए उद्यमों, मौजूदा उद्योगों के विस्तार तथा अतिरिक्त निवेश को आकर्षित करने के लिए मजबूत इकोसिस्टम तैयार करेंगी। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार कनेक्टिविटी, औद्योगिक बुनियादी ढांचे, कारोबार करने की सुगमता और प्रशासनिक सहयोग को बेहतर बनाने के लिए लगातार काम कर रही है, ताकि निवेशक बिना किसी अनावश्यक कागजी कार्रवाई के पंजाब में अपनी इकाइयां स्थापित और उनका विस्तार कर सकें।"
मुख्यमंत्री ने कहा, "हमारी औद्योगिक नीति केवल निवेश के आंकड़े आकर्षित करने तक सीमित नहीं है। इसका वास्तविक उद्देश्य निवेश को रोजगार, उद्यमिता, आय में वृद्धि और पंजाब के युवाओं के लिए बेहतर अवसरों में बदलना है।" उन्होंने कहा, "1.89 लाख करोड़ रुपये का निवेश और लगभग 6.31 लाख युवाओं के लिए रोजगार की संभावना पंजाब के औद्योगिक क्षेत्र में आ रहे बड़े बदलाव के महत्वपूर्ण संकेत हैं।"
टिकाऊ आर्थिक विकास में बदला जा सके
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, "पंजाब के पास प्रमुख निवेश गंतव्य बनने के लिए आवश्यक प्रतिभा, उद्यमशीलता की भावना, कुशल मानव संसाधन, रणनीतिक भौगोलिक स्थिति और औद्योगिक आधार मौजूद है। हमारी सरकार का मुख्य कार्य ऐसा अनुकूल वातावरण तैयार करना है, जहां इन आंतरिक क्षमताओं को टिकाऊ आर्थिक विकास में बदला जा सके।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार उद्योगों के साथ सहयोगी और साझेदार के रूप में काम करना जारी रखेगी, जिसके तहत तेजी से मंजूरियां, बेहतर बुनियादी ढांचा, नीतिगत सहयोग और जवाबदेह प्रशासन सुनिश्चित किया जाएगा।" मुख्यमंत्री ने कहा, "पंजाब नए निवेश और नए विचारों का स्वागत करने के लिए पूरी तरह तैयार है। उन्होंने कहा कि हम राज्य को घरेलू और वैश्विक निवेशकों की पहली पसंद बनाने में कोई कसर बाकी नहीं छोड़ेंगे।"
उन्होंने कहा, "हमारा दृष्टिकोण बिल्कुल स्पष्ट है: अधिकतम निवेश, उद्योग, रोजगार और पंजाब के लोगों के लिए अधिक से अधिक अवसर पैदा करना। उन्होंने कहा कि निवेश में लगातार वृद्धि, औद्योगिक क्लस्टरों के विस्तार, बड़े बुनियादी ढांचा प्रोजेक्टों और तेजी से विकसित हो रहे प्रौद्योगिकी तंत्र के साथ पंजाब देश के एक प्रमुख औद्योगिक और आर्थिक केंद्र के रूप में अपनी स्थिति लगातार मजबूत कर रहा है।"