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Sunday, 04 October 2026

Punjab News: STP सुरिंदर सिंह बिंद्रा की प्रमोशन को हाईकोर्ट में चुनौती, याचिकाकर्ता ने शैक्षणिक योग्यता पर उठाए सवाल

Punjab News: STP सुरिंदर सिंह बिंद्रा की प्रमोशन को हाईकोर्ट में चुनौती, याचिकाकर्ता ने शैक्षणिक योग्यता पर उठाए सवाल

डेली संवाद, जालंधर/चंडीगढ़। Punjab News: नगर निगम के सबसे चर्चित अफसर सुरिंदर बिंद्रा के प्रमोशन को लेकर फिर से सवाल खड़े किए गए हैं। सीनियर टाउन प्लानर (STP) के पद पर प्रमोद हुए सुरिंदर बिंद्रा के प्रमोशन को हाईकोर्ट में चुनौती दी गई है। ये चुनौती जालंधर के आरटीआई एक्टिविस्ट करणप्रीत सिंह ने दी है।

पंजाब सरकार द्वारा एमटीपी सुरिंदर सिंह बिंद्रा समेत कुछ अफसरों को प्रमोट किया। सरकार ने सुरिंदर सिंह बिंद्रा को एमटीपी से सीनियर टाउन प्लानर (एसटीपी) के पद पर प्रमोशन किया। इसी प्रमोशन को पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में चुनौती दी गई है।

प्रमोशन आदेश पर रोक लगाने की मांग

याचिकाकर्ता करणप्रीत सिंह ने बताया कि 24 सितंबर 2026 को हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर कर 25 अगस्त 2026 के उस आदेश को रद्द करने की मांग की है, जिसके तहत सुरिंदर सिंह बिंद्रा को एसटीपी पद पर प्रमोट किया गया था।

करणप्रीत सिंह ने बताया कि याचिका में प्रमोशन आदेश पर रोक लगाने और मामले के अंतिम फैसले तक इस आदेश को स्थगित रखने की मांग की गई है। याचिकाकर्ता ने बिंद्रा की नियुक्ति और शैक्षणिक योग्यता को लेकर भी सवाल उठाए हैं।

इंजीनियरिंग डिप्लोमा की मान्यता पर सवाल

याचिका के अनुसार, बिंद्रा वर्ष 1999 में इंस्पेक्टर (जनरल) के पद पर नियुक्त हुए थे और उनके पास एमए (पॉलिटिकल साइंस) की योग्यता थी। याचिकाकर्ता का दावा है कि वर्ष 2003 में बिंद्रा ने सिविल इंजीनियरिंग का छह माह/एक वर्ष का डिप्लोमा हासिल किया था।

याचिका में आरोप लगाया गया है कि संबंधित संस्था को एआईसीटीई से मान्यता प्राप्त होने की जानकारी नहीं थी और एक वर्षीय डिप्लोमा को तीन वर्षीय डिप्लोमा के बराबर नहीं माना गया था।

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याचिकाकर्ता ने वर्ष 2017 में स्थानीय निकाय विभाग की ओर से बिंद्रा को जारी किए गए शो-कॉज नोटिस का भी हवाला दिया है। याचिका में कहा गया है कि उस समय उनकी योग्यता और प्रमोशन को लेकर सवाल उठाए गए थे।

2025 के हाईकोर्ट फैसले का भी हवाला

याचिकाकर्ता ने 29 सितंबर 2025 के हाईकोर्ट के एक फैसले का हवाला देते हुए कहा है कि डिस्टेंस एजुकेशन के माध्यम से हासिल इंजीनियरिंग डिप्लोमा की मान्यता का मुद्दा प्रमोशन में महत्वपूर्ण है।

याचिका में बिंद्रा के खिलाफ करीब 8 अगस्त 2026 को लुधियाना के सराभा नगर थाने में दर्ज एफआईआर का भी उल्लेख किए जाने की बात कही गई है।

अंतिम फैसला आने तक आदेश स्थगित रखने की मांग

याचिकाकर्ता ने हाईकोर्ट से पंजाब सरकार के प्रमोशन आदेश पर रोक लगाने और मामले का अंतिम फैसला आने तक आदेश को स्थगित रखने की मांग की है।

हालांकि, रिपोर्ट के अनुसार सरकार के 25 अगस्त के प्रमोशन आदेश में स्पष्ट किया गया है कि सभी प्रमोशन संबंधित अदालतों में लंबित मामलों के फैसले के अधीन रहेंगे। साथ ही नई सीनियरिटी का लाभ अंतिम न्यायिक निर्णय के बाद ही मिलने की बात कही गई है।

वहीं, इस संबंध में एसटीपी सुरिंदर सिंह बिंद्रा का पक्ष अभी तक नहीं मिल लका है। सुरिंदर सिंह बिंद्रा का जब भी पक्ष आएगा, तो उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा।