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Thursday, 17 September 2026

Swachhata Hi Seva: पंजाब में 'स्वच्छता ही सेवा-2026' अभियान की शुरुआत

Swachhata Hi Seva: पंजाब में 'स्वच्छता ही सेवा-2026' अभियान की शुरुआत

डेली संवाद, चंडीगढ़। Swachhata Hi Seva: राज्य भर में साफ़-सफ़ाई सुनिश्चित करने के लिए आज 'स्वच्छता ही सेवा' (एस.एच.एस.)-2026 अभियान की शुरुआत की गई। 17 सितंबर से 2 अक्टूबर, 2026 तक पंद्रह दिनों तक चलने वाले इस अभियान के तहत राज्य भर में ग्रामीण समुदायों की सक्रिय भागीदारी के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छता और स्वच्छता के प्रयासों को और मजबूत करने पर विशेष जोर दिया जाएगा।

यह अभियान आज एस.ए.एस. नगर स्थित जल आपूर्ति और स्वच्छता विभाग के मुख्य दफ्तर में एस.बी.एम. (जी) के मिशन डायरेक्टर डॉ. सैयद सहरीश अली असगर की मौजूदगी में शुरू हुआ।

"स्वच्छ में सहभाग, स्वच्छ भारत, विकसित भारत" थीम

"स्वच्छ में सहभाग, स्वच्छ भारत, विकसित भारत" थीम के तहत चलाए जा रहे इस अभियान का उद्देश्य सफाई सुनिश्चित करने के लिए जमीनी स्तर पर 'लोगों की भागीदारी' को सुनिश्चित करना है।

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इस दौरान ग्राम पंचायतों, ग्रामीण परिवारों, सामुदायिक समूहों, युवाओं, महिलाओं, विद्यार्थियों, चुने हुए प्रतिनिधियों और अन्य संबंधित पक्षों को स्वच्छता अभियानों में हिस्सा लेने और जिम्मेदाराना तरीके से स्वच्छता तथा कूड़ा-कचरा प्रबंधन संबंधी तरीके अपनाने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा।

हिस्सा लेने के लिए भी प्रोत्साहित किया

ग्रामीण क्षेत्रों पर विशेष ध्यान देते हुए इस अभियान का उद्देश्य सफाई और स्वच्छता के प्रति सामुदायिक जिम्मेदारी को प्रोत्साहित करना है। इस दौरान गांवों और ग्रामीण इकाइयों में विभिन्न गतिविधियां करवाई जाएंगी, जिनमें मौके पर ही कूड़े को अलग-अलग करना, ठोस और प्लास्टिक कचरे का सुचारू भंडारण तथा प्रबंधन, कूड़े-कचरे में कमी लाना, पुनः उपयोग और रीसाइक्लिंग, सार्वजनिक स्थानों की सफाई और स्वच्छता संबंधी इकाइयों का रख-रखाव शामिल है।

इस दौरान समुदायों को स्थानीय सफाई संबंधी चुनौतियों की पहचान करने और उनसे निपटने के लिए व्यावहारिक अभ्यासों में हिस्सा लेने के लिए भी प्रोत्साहित किया जाएगा।

स्वच्छता ही सेवा के उद्देश्य

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मिशन डायरेक्टर डॉ. सैयद सहरीश अली असगर ने कहा कि सफाई एक निरंतर चलने वाला और सामुदायिक भागीदारी वाला प्रयास है। उन्होंने कहा कि स्वच्छता ही सेवा के उद्देश्यों को तभी पूरा किया जा सकता है जब सभी नागरिक सफाई संबंधी गतिविधियों में सक्रिय रूप से हिस्सा लेंगे और साफ-सुथरे आस-पास को बनाए रखने को अपनी जिम्मेदारी समझेंगे।

उन्होंने स्टाफ और जमीनी स्तर पर काम करने वाले लोगों को सफाई का संदेश ग्रामीण समुदायों तक पहुंचाने और लोगों को साफ-सुथरे आस-पास को बनाए रखने के लिए अपने व्यवहार में बदलाव लाने के लिए प्रोत्साहित करने को भी कहा।

सफाई और कूड़ा-कचरा प्रबंधन पर लैक्चर दिया

इस दौरान पी.एम.आई.डी.सी. के एस.डब्ल्यू.एम./एस.बी.एम.यू. विभाग की प्रोजेक्ट असिस्टेंट श्रीमती रितिका आहूजा ने अधिकारियों और स्टाफ के लिए तकनीकी जागरूकता पर एक सत्र करवाया। पी.एम.आई.डी.सी. के विशेषज्ञ ने सफाई और कूड़ा-कचरा प्रबंधन पर लैक्चर दिया, जिसमें कूड़े के योजनाबद्ध निपटारे, मौके पर ही कूड़े को अलग-अलग करने और सामुदायिक भागीदारी पर विशेष जोर दिया गया।

सम्मेलन में भाग लेने वालों को संबोधित करते हुए आई.पी.सी.ए. की जनरल मैनेजर डॉ. रीना चड्ढा ने प्लास्टिक के कचरे के प्रबंधन और प्लास्टिक को उत्पादों में रीसाइकल करने पर विशेष जोर दिया तथा कूड़े के सुचारू प्रबंधन के लिए चार-चरणीय पृथक्करण के महत्व के बारे में जानकारी साझा की।

ग्रामीण समुदाय की भूमिका को भी उजागर किया

उन्होंने प्लास्टिक के कूड़े के गलत निपटारे के कारण पैदा होने वाली पर्यावरण संबंधी समस्याओं के बारे में लोगों को जागरूक किया और कूड़ा घटाने, कूड़े के सुचारू पृथक्करण, एकत्र करने, रीसाइकल करने और जिम्मेदारी से निपटारा करने की आवश्यकता पर जोर दिया।

इस सत्र के दौरान गांवों, सार्वजनिक स्थानों और जल स्रोतों में प्लास्टिक की गंदगी को रोकने में ग्रामीण समुदाय की भूमिका को भी उजागर किया गया।इस लॉन्च कार्यक्रम को अमली जामा पहनाने के सुहृदय प्रयास के तहत मुख्य दफ्तर में और आस-पास सफाई अभियान चलाया गया।

कार्यक्रम का समापन 'स्वच्छता शपथ' लेने के साथ हुआ

मिशन डायरेक्टर डॉ. सैयद सहरीश अली असगर ने स्टाफ के साथ सफाई गतिविधि में सक्रिय रूप से हिस्सा लिया और संदेश दिया कि सफाई की शुरुआत व्यक्तिगत जिम्मेदारी और सामूहिक कोशिश से ही होती है।

कार्यक्रम का समापन 'स्वच्छता शपथ' लेने के साथ हुआ। अधिकारियों और स्टाफ ने सामूहिक रूप से सफाई बनाए रखने, गंदगी फैलने से रोकने, कूड़ा-प्रबंधन के जिम्मेदाराना तरीके अपनाने और साफ, स्वस्थ तथा हरा-भरा वातावरण सुनिश्चित करने के लिए आगे आने और दूसरों को प्रोत्साहित करने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।

ग्रामीण पंजाब में 'जन भागीदारी' को बढ़ाने के लिए विशेष गतिविधियां

डॉ. सैयद सहरीश अली असगर ने बताया कि पंजाब के लिए राज्य कार्यान्वयन योजना के अनुसार यह अभियान विशेष गतिविधियों की श्रृंखला के माध्यम से लागू किया जाएगा, जिसका उद्देश्य ग्रामीण और अन्य सार्वजनिक स्थानों पर जागरूकता, भागीदारी और सफाई के निरंतर अभ्यासों को बनाए रखना है।

उन्होंने आगे बताया कि इस अभियान में सफाई लक्ष्य इकाइयों/अधिक कूड़े वाले स्थानों का कायाकल्प, 'स्वच्छ पाठशाला-युवा फॉर स्वच्छता', साफ सार्वजनिक स्थान, जन भागीदारी जागरूकता अभियान, सफाई मित्र सुरक्षा सेवा और सम्मान कैंप तथा 'स्वच्छता से समृद्धि' जैसे कार्यक्रम शामिल हैं।

सफाई पर विशेष ध्यान दिया जाएगा

उन्होंने कहा कि पंजाब में सफाई और स्वच्छता गतिविधियों में ग्रामीण समुदाय की सक्रिय भागीदारी इस अभियान की मुख्य प्राथमिकता होगी। ग्राम पंचायतों और गांव-स्तरीय संस्थाओं द्वारा श्रमदान, गलियों और सार्वजनिक स्थानों की सफाई, सार्वजनिक सफाई सुविधाओं का रख-रखाव और स्वच्छता, साझा क्षेत्रों से कूड़ा हटाने, जल स्रोतों की सुरक्षा और घरेलू तथा प्लास्टिक कूड़े के सुचारू प्रबंधन के बारे में निवासियों को प्रोत्साहित किया जाएगा।

उन्होंने बताया कि यह अभियान ग्रामीण युवाओं, महिलाओं, स्वयं सहायता समूहों, स्कूली विद्यार्थियों, वालंटियरों, चुने हुए प्रतिनिधियों और अन्य स्थानीय भागीदारों को गांव की सफाई गतिविधियों में सक्रिय रूप से भागीदार बनने के लिए भी प्रेरित करेगा। हर अभियान के बाद सफाई को बनाए रखने की ओर विशेष ध्यान दिया जाएगा ताकि अभियान एक बार का प्रयास न रहकर नियमित अभ्यासों और स्थायी व्यवहारिक बदलाव का रूप धारण कर सके।