Monday, 22 December 2025
उत्तर प्रदेश
UP News: जेवर एयरपोर्ट से गंगा एक्सप्रेसवे तक प्रवेश-नियंत्रित ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे के लिए अनुपूरक बजट में ₹1,246 करोड़ का प्रावधान
डेली संवाद, लखनऊ।
UP News: योगी सरकार ने औद्योगिक विकास और वैश्विक कनेक्टिविटी को नई गति देने के लिए जेवर एयरपोर्ट से गंगा एक्सप्रेसवे तक प्रवेश-नियंत्रित ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे के निर्माण के लिए रु1,246 करोड़ की धनराशि का प्रावधान अनुपूरक बजट में किया है। इस धनराशि के माध्यम से भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया को तेज किया जाएगा। यह परियोजना उत्तर प्रदेश को अंतरराष्ट्रीय निवेश, लॉजिस्टिक्स और औद्योगिक विस्तार के वैश्विक मानचित्र पर और मजबूत करने की दिशा में एक निर्णायक कदम मानी जा रही है।
इस ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे के माध्यम से नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट (जेवर) को सीधे गंगा एक्सप्रेसवे से जोड़ा जा रहा है, जिससे माल परिवहन, निर्यात, औद्योगिक आपूर्ति श्रृंखला और यात्री आवागमन को निर्बाध गति मिलेगी। सरकार का मानना है कि यह कॉरिडोर प्रदेश में निवेश आकर्षण, रोजगार सृजन और औद्योगिक क्लस्टर्स के विकास को अभूतपूर्व बढ़ावा देगा।
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एक्सप्रेसवेज के विकास में आ रही बाधाओं को किया जाएगा दूर
अनुपूरक बजट में औद्योगिक और अवस्थापना विकास को व्यापक समर्थन देते हुए गंगा एक्सप्रेसवे परियोजना के लिए बीजीएफ के अंतर्गत रु1,835 करोड़ तथा गोरखपुर लिंक एक्सप्रेसवे परियोजना के लिए रु100 करोड़ का प्रावधान किया गया है। इस प्रस्तावित धनराशि के माध्यम से एक्सप्रेसवेज के विकास में आ रही बाधाओं को दूर किया जाएगा। वहीं आगरा–लखनऊ एक्सप्रेसवे के 292 किलोमीटर हिस्से में बाईं ओर नए जन सुविधा परिसर एवं वाहन पार्किंग स्थलों के निर्माण के लिए रु5 लाख की प्रतीक मांग रखी गई है, जिसे अनुदानों में होने वाली बचत से वहन किया जाएगा।यह भी पढ़ें: डंकी रूट का मास्टर माइंड जालंधर में, ED की कार्रवाई के बाद हड़कंप, 12 ट्रेवल एजैंट रडार पर
निवेश प्रोत्साहन के लिए भी धनराशि की व्यवस्था
औद्योगिक निवेश को गति देने के लिए सरकार ने विभिन्न निवेश प्रोत्साहन नीतियों के अंतर्गत भी भारी धनराशि प्रस्तावित की है। त्वरित निवेश प्रोत्साहन नीति 2020 के कार्यान्वयन हेतु रु75 करोड़, फॉरेन डायरेक्ट इन्वेस्टमेंट एवं फॉर्च्यून-500 कंपनियों के निवेश प्रोत्साहन नीति 2023 के तहत रु371.69 करोड़, उत्तर प्रदेश ऑक्सीजन उत्पादन प्रोत्साहन नीति 2021 के अंतर्गत रु23.03 करोड़ तथा औद्योगिक निवेश एवं रोजगार प्रोत्साहन नीति 2022 के तहत रु823.43 करोड़ की अतिरिक्त आवश्यकता की पूर्ति के लिए धनराशि प्रस्तावित की गई है। इसके अलावा अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास नीति 2012 के लिए रु100 करोड़ और औद्योगिक निवेश एवं रोजगार प्रोत्साहन नीति 2017 के लिए रु300 करोड़ का प्रावधान किया गया है। [caption id="attachment_97310" align="aligncenter" width="1200"]
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