Friday, 25 September 2026
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Air India: एअर इंडिया पायलट पर कार्रवाई: ज्यूरिख से दिल्ली की फ्लाइट उड़ाने से पहले नशे में मिला, टेस्ट में हुई पुष्टि
डेली संवाद, नई दिल्ली। Air India: एअर इंडिया ने ज्यूरिख से दिल्ली आने वाली फ्लाइट के एक पायलट को उड़ान से पहले अल्कोहल टेस्ट में फेल पाए जाने के बाद सस्पेंड कर दिया है। यह मामला 6 सितंबर का बताया जा रहा है। पायलट के खिलाफ जांच पूरी होने तक निलंबन जारी रहेगा।
रिपोर्ट के मुताबिक, टेकऑफ से पहले ग्राउंड स्टाफ को पायलट से शराब की गंध आई थी। इसके बाद अधिकारियों को इसकी जानकारी दी गई और पायलट को विमान से उतार दिया गया। अनिवार्य अल्कोहल टेस्ट में उसके नशे में होने की पुष्टि हुई।
ज्यूरिख एयरपोर्ट पर रोकी गई कार्रवाई
यह मामला एअर इंडिया की AI-151 ज्यूरिख-दिल्ली फ्लाइट से जुड़ा है। पायलट को उड़ान संचालित करने की अनुमति नहीं दी गई। बाद में उसे उसी फ्लाइट से भारत भेजे जाने की जानकारी सामने आई है।
स्विस फेडरल ऑफिस ऑफ सिविल एविएशन (FOCA) ने भी मामले की पुष्टि की है। FOCA के मुताबिक, पायलट के खिलाफ स्विट्जरलैंड के नियमों के तहत कार्रवाई की गई और इसकी जानकारी भारत के नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) को दी गई।
एअर इंडिया ने कहा- सुरक्षा से समझौता नहीं
एअर इंडिया ने मामले पर अपनी प्रतिक्रिया में कहा कि एयरलाइन सुरक्षा, नियमों और तय प्रोटोकॉल के उल्लंघन को लेकर जीरो टॉलरेंस पॉलिसी अपनाती है। ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई की जाती है।
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एयरलाइन के मुताबिक, सभी क्रू मेंबर्स को उच्चतम सुरक्षा मानकों का पालन करने के निर्देश दिए गए हैं। इसके अलावा कर्मचारियों के बीच सुरक्षा नियमों को लेकर समय-समय पर जागरूकता अभियान भी चलाए जाते हैं।
विदेश से आने वाली फ्लाइट में कब होता है अल्कोहल टेस्ट?
DGCA के मौजूदा नियमों के मुताबिक, भारत से उड़ान भरने वाली निर्धारित उड़ानों के क्रू का प्री-फ्लाइट ब्रीथ-एनालाइजर टेस्ट किया जाता है। वहीं, विदेश से भारत आने वाली निर्धारित उड़ानों के क्रू का ब्रीथ-एनालाइजर टेस्ट भारत में पहले लैंडिंग पॉइंट पर पोस्ट-फ्लाइट किया जाता है।
DGCA के नियमों के अनुसार, पायलट या अन्य संबंधित क्रू सदस्य को उड़ान शुरू होने से 12 घंटे के भीतर शराब, नशीली या कुछ अन्य प्रतिबंधित दवाओं का सेवन नहीं करना चाहिए। नियमों में उड़ान के दौरान ऐसे पदार्थों के सेवन पर भी रोक है और ड्यूटी के दौरान नशे की हालत में होना प्रतिबंधित है।
फुकेट-दिल्ली फ्लाइट के पायलट का मामला भी आया था सामने
एअर इंडिया में पायलट से जुड़ा यह मामला ऐसे समय सामने आया है, जब अगस्त में फुकेट-दिल्ली फ्लाइट से जुड़ी एक घटना की जांच भी चर्चा में है।4 अगस्त की इस घटना में विमान ने उड़ान के दौरान अचानक करीब 300 फीट की ऊंचाई खो दी थी।
AAIB की प्रारंभिक रिपोर्ट के मुताबिक, विमान के तीनों हाइड्रोलिक सिस्टम में थोड़े समय के लिए समस्या आई थी और पायलट-इन-कमांड के ड्रग टेस्ट में एक पदार्थ के लिए “non-negative” नतीजा आया था। घटना में 20 यात्री और चार क्रू सदस्य घायल हुए थे। मामले की जांच अभी जारी है।
पायलटों के लिए सख्त हैं सुरक्षा नियम
एविएशन सेक्टर में पायलटों की फिटनेस और नशामुक्त ड्यूटी को लेकर कड़े नियम लागू हैं। DGCA के नियमों में फ्लाइट क्रू के लिए ब्रीथ-एनालाइजर टेस्ट और अल्कोहल सेवन से संबंधित स्पष्ट प्रावधान हैं। इन नियमों का उद्देश्य उड़ान संचालन के दौरान सुरक्षा मानकों को सुनिश्चित करना है।
ज्यूरिख-दिल्ली फ्लाइट के पायलट के मामले में एयरलाइन की आंतरिक जांच और संबंधित अधिकारियों की प्रक्रिया पूरी होने के बाद आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।