Monday, 28 September 2026
पंजाब
Punjab News: अमरजीत चावला रेप केस में ड्राइव से पूछताछ, पुलिस जांच में हुआ शामिल
डेली संवाद, चंडीगढ़/रूपनगर। Punjab News: पूर्व एसजीपीसी सदस्य अमरजीत सिंह चावला के विरुद्ध दर्ज बलात्कार मामले की चल रही जांच में, कानूनी नोटिस मिलने के बाद गुरुद्वारा तख्त श्री केसगढ़ साहिब में तैनात ड्राइवर आज जांच में शामिल हुआ और उसने रूपनगर पुलिस के समक्ष अपना बयान दर्ज कराया।
विवरण देते हुए, उप पुलिस अधीक्षक (डीएसपी), श्री आनंदपुर साहिब, जशनदीप सिंह मान ने बताया कि भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) की धारा 35 के तहत ड्राइवर मोहन सिंह, निवासी मोहल्ला कुहालीवाला, श्री आनंदपुर साहिब को नोटिस जारी किया गया था।
6 घंटे तक विस्तृत पूछताछ की
इस नोटिस के माध्यम से उसे पुलिस स्टेशन श्री आनंदपुर साहिब में भारतीय न्याय संहिता की धाराओं 64, 127(2) और 351(2) के तहत दर्ज एफआईआर संख्या 149, दिनांक 21.08.2026, के संबंध में जांच में शामिल होने के लिए कहा गया था। नोटिस का पालन करते हुए मोहन सिंह पुलिस चौकी सिटी श्री आनंदपुर साहिब में पेश हुआ और जांच टीम ने उससे लगभग छह घंटे तक विस्तृत पूछताछ की।
पूछताछ के दौरान सामने आए खुलासों की जानकारी देते हुए डीएसपी ने बताया कि मोहन सिंह ने गुरुद्वारा तख्त श्री केसगढ़ साहिब में ड्राइवर के रूप में अपनी नौकरी की पुष्टि की। ड्राइवर ने बताया कि शिकायतकर्ता/पीड़ित महिला तख्त श्री केसगढ़ साहिब के निकट स्थित विभिन्न सरायों में लगभग आठ महीने तक रही थी। मोहन सिंह ने बताया कि वह अपनी ड्यूटी के तहत कई बार पीड़ित महिला को आसपास के गुरुद्वारों तक लेकर गया था।
आगे की कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी
ड्राइवर ने आगे बताया कि पीड़ित महिला के रहने, खाने-पीने और स्थानीय आवागमन से संबंधित सभी आवश्यक व्यवस्थाएं आरोपी अमरजीत सिंह चावला द्वारा गुरुद्वारा तख्त श्री केसगढ़ साहिब की सरायों में की गई थीं और चावला उसके साथ लगातार संपर्क में रहता था। उसने बताया कि तख्त श्री केसगढ़ साहिब की सरायों के दैनिक प्रशासनिक कार्यों की देखरेख करने वाले एसजीपीसी के कर्मचारी इन व्यवस्थाओं तथा अमरजीत सिंह चावला और पीड़ित महिला के बीच जारी संपर्क से पूरी तरह अवगत थे।
निष्पक्ष और गहन जांच के प्रति प्रतिबद्धता दोहराते हुए, डीएसपी जशनदीप सिंह मान ने कहा कि सभी तथ्यों और बयानों का व्यापक स्तर पर सत्यापन किया जा रहा है और कानून के अनुसार आगे की कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।