Monday, 13 April 2026
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Asha Bhosle: सांगली में जन्मी आशा भोसले, सराफा की मिठाइयों से था खास लगाव; जाने आशा जी के बचपन के बारे में
डेली संवाद, इंदौर।
Asha Bhosle: दिग्गज गायिका आशा भोसले का 92 वर्ष की उम्र में निधन हो गया। उन्होंने रविवार दोपहर ब्रीच कैंडी अस्पताल में अंतिम सांस ली। बताया जा रहा है कि शनिवार शाम उनकी तबीयत बिगड़ने पर उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां इलाज के दौरान उन्होंने दुनिया को अलविदा कह दिया। आशा भोसले का जन्म 8 सितंबर, 1933 को ब्रिटिश भारत की बॉम्बे प्रेसिडेंसी के एक शहर सांगली में हुआ था (जो अब भारत के महाराष्ट्र राज्य का हिस्सा है)।
उनका जन्म एक संगीत-प्रेमी परिवार में हुआ था—विशेष रूप से सांगली रियासत के 'गोअर' नामक गाँव में—और वे पंडित दीनानाथ मंगेशकर की पुत्री थीं।
आशा भोसले (Asha Bhosle)
का मध्य प्रदेश, खासकर इंदौर से गहरा भावनात्मक जुड़ाव रहा। उनका बचपन इंदौर के छावनी क्षेत्र स्थित मुराई मोहल्ले में बीता था। वे अक्सर अपने बचपन की यादों में इंदौर का जिक्र किया करती थीं। शहर की संस्कृति, खान-पान और अपनापन उनके व्यक्तित्व में साफ झलकता था।
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Asha Bhosle[/caption]
singer Asha Bhosle passed away[/caption]
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सराफा चौपाटी जाया करती थी आशा
इंदौर निवासी उनके रिश्तेदार मनोज बिनवाले के अनुसार, आशा ताई को यहां के पारंपरिक स्वाद बेहद पसंद थे। खासतौर पर सीहोर के शरबती गेहूं की रोटियां उन्हें बहुत प्रिय थीं, जिन्हें वे कई बार मंगवाया करती थीं। इसके अलावा इंदौर के सराफा बाजार की खाऊ गली के गुलाब जामुन, रबड़ी और दही बड़े भी उनकी पसंदीदा सूची में शामिल थे। बचपन में वे अक्सर सराफा चौपाटी जाया करती थीं।यह भी पढ़ें: Japnoor Travels के सतनाम सिंह पर 45 लाख रुपए ठगी का आरोप, किसानों ने दफ्तर घेरा
करीब 17 साल पहले एक कार्यक्रम के सिलसिले में वे इंदौर आई थीं, जहां उन्होंने सयाजी होटल में ठहराव किया था। इस दौरान उन्होंने अपने रिश्तेदारों से घर का बना खाना मंगवाया था। वे खुद भी खाना बनाने की शौकीन थीं और नए-नए व्यंजन आजमाती रहती थीं।विजयवर्गीय बोले-इंदौर से आत्मीय रिश्ता
उनके जीवन से जुड़े कई दिलचस्प किस्से भी सामने आते हैं। मनोज बिनवाले बताते हैं कि बचपन में आशा भोसले अपनी बहनों लता मंगेशकर और मीना मंगेशकर तथा मां के साथ छावनी से तोपखाना तक करीब ढाई किलोमीटर पैदल चलकर भोजन करने जाया करती थीं। इंदौर से उनका लगाव इतना गहरा था कि वे यहां कई बार आती थीं और इसे अपना दूसरा घर मानती थीं। उनके निधन पर मध्य प्रदेश के मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने शोक व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि आशा भोसले की आवाज ने भारतीय संगीत को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया और इंदौर से उनका संबंध शहर के लिए गर्व का विषय है। उन्होंने यह भी याद दिलाया कि उनके पिता दीनानाथ मंगेशकर की नाटक कंपनी के साथ परिवार कुछ समय इंदौर में रहा था, और इसी दौरान लता मंगेशकर का जन्म भी यहीं हुआ था। [caption id="attachment_107599" align="aligncenter" width="1200"]
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