Monday, 07 September 2026
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Assembly Elections 2027: पंजाब और यूपी समेत 5 राज्यों में फरवरी में हो सकते हैं चुनाव, जनगणना के फैसले से मिले संकेत
डेली संवाद, नई दिल्ली। Assembly Elections 2027: पंजाब, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड और गोवा में जनगणना 2027 की प्रक्रिया को आगे बढ़ाने तथा मणिपुर में जनगणना के पहले चरण को टालने के फैसले के बाद अब इन पांच राज्यों में 2027 विधानसभा चुनाव की तैयारियों को लेकर तस्वीर काफी हद तक साफ होती नजर आ रही है। माना जा रहा है कि इन पांचों राज्यों में विधानसभा चुनाव का अगला दौर फरवरी-मार्च 2027 में कराया जा सकता है।
इन पांच राज्यों में सबसे पहले मणिपुर विधानसभा का कार्यकाल 13 मार्च 2027 को समाप्त होगा। इसके बाद गोवा विधानसभा का कार्यकाल 14 मार्च, पंजाब का 16 मार्च और उत्तराखंड का 18 मार्च 2027 को खत्म होगा। वहीं उत्तर प्रदेश विधानसभा का कार्यकाल 22 मई 2027 तक है।
2022 में एक साथ हुए थे चुनाव
उत्तर प्रदेश, पंजाब, उत्तराखंड, गोवा और मणिपुर में वर्ष 2022 में विधानसभा चुनाव एक साथ कराए गए थे। हालांकि उत्तर प्रदेश विधानसभा की पहली बैठक 22 मई 2022 को हुई थी।
2027 में भी इन राज्यों में चुनाव एक ही चुनावी चक्र में कराए जाने की संभावना है। चुनाव आयोग की सामान्य चुनावी प्रक्रिया को देखते हुए संभावना है कि सबसे पहले खत्म होने वाली विधानसभा यानी मणिपुर की विधानसभा का कार्यकाल समाप्त होने से पहले पांचों राज्यों में चुनावी प्रक्रिया पूरी कर ली जाए।
इस स्थिति में उत्तर प्रदेश में विधानसभा का कार्यकाल समाप्त होने से करीब दो महीने पहले ही मतदान कराया जा सकता है।
फरवरी-मार्च से पहले शुरू हो सकती है वोटिंग
उत्तर प्रदेश देश का सबसे अधिक आबादी वाला राज्य है और यहां विधानसभा चुनाव आमतौर पर कई चरणों में कराए जाते हैं। ऐसे में 2027 के यूपी विधानसभा चुनाव में भी कई चरणों में मतदान होने की संभावना है।
हालांकि हाल के वर्षों में चुनाव आयोग ने कुछ बड़े राज्यों में मतदान के चरणों की संख्या कम करने का विकल्प भी अपनाया है। यदि उत्तर प्रदेश में भी अपेक्षाकृत कम चरणों में चुनाव कराने का फैसला होता है, तो फरवरी 2027 में मतदान शुरू होकर मार्च की शुरुआत तक पूरा कराया जा सकता है।
संविधान और चुनावी प्रक्रिया के तहत चुनाव आयोग विधानसभा का कार्यकाल खत्म होने से पहले चुनाव कराने की प्रक्रिया शुरू कर सकता है। इसी आधार पर उत्तर प्रदेश में भी तय कार्यकाल समाप्त होने से काफी पहले चुनाव कराए जाने की संभावना जताई जा रही है।
इस महीने चुनाव कार्यक्रम का ऐलान
पांचों राज्यों में मतदाता सूची को लेकर Special Intensive Revision (SIR) की प्रक्रिया भी चुनावी तैयारियों का अहम हिस्सा है। तीन राज्यों में SIR का काम पूरा हो चुका है, जबकि पंजाब और उत्तराखंड में प्रक्रिया जारी है।
ऐसे में चुनाव कार्यक्रम की घोषणा से ठीक पहले इन राज्यों में अलग से SIR कराने की संभावना कम मानी जा रही है। अंतिम मतदाता सूची जारी होने के बाद चुनाव आयोग चुनावी कार्यक्रम की ओर आगे बढ़ सकता है।
करोड़ों वोट काटे गए
उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, SIR के बाद उत्तर प्रदेश में मतदाताओं की संख्या करीब 13.4 करोड़ रह गई, जो करीब 13.2 प्रतिशत की कमी है। गोवा में मतदाताओं की संख्या करीब 10.6 लाख, यानी लगभग 10.2 प्रतिशत कम हुई।
वहीं मणिपुर में मतदाताओं की संख्या करीब 19.3 लाख, यानी 7.6 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई। पंजाब और उत्तराखंड की अंतिम मतदाता सूची आने वाले महीनों में जारी होने की उम्मीद है।
टकराव से बचने की तैयारी
केंद्र सरकार ने उत्तर प्रदेश, पंजाब और उत्तराखंड के बर्फ से मुक्त क्षेत्रों तथा गोवा में जनगणना 2027 के जनसंख्या गणना चरण को 1 दिसंबर 2026 से 4 जनवरी 2027 के बीच कराने का फैसला किया है। इसके लिए 5 जनवरी 2027 को रेफरेंस तारीख माना जाएगा। वहीं मणिपुर में जनगणना के हाउस-लिस्टिंग चरण को टालने का फैसला किया गया है।
जनगणना के कार्यक्रम में यह बदलाव इसलिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि विधानसभा चुनाव और जनगणना दोनों के संचालन में बड़ी संख्या में सरकारी कर्मचारियों की जरूरत होती है। इनमें बड़ी संख्या शिक्षकों की होती है। यदि दोनों प्रक्रियाएं एक ही समय पर चलतीं, तो प्रशासन के सामने कर्मचारियों और लॉजिस्टिक्स को लेकर बड़ी चुनौती पैदा हो सकती थी।
फरवरी में होती है जनगणना की दूसरी चरण की प्रक्रिया
आमतौर पर जनगणना का दूसरा चरण फरवरी में पूरे देश में कराया जाता है और 1 मार्च को रेफरेंस तारीख माना जाता है। लेकिन 2027 में जिन राज्यों में विधानसभा चुनाव प्रस्तावित हैं, वहां जनगणना कार्यक्रम में बदलाव से चुनाव आयोग और प्रशासन को दोनों बड़े अभियानों को अलग-अलग समय पर संचालित करने में मदद मिल सकती है।
2027 में इन पांच राज्यों में विधानसभा चुनाव
मणिपुर: विधानसभा का कार्यकाल 13 मार्च 2027 को खत्म होगा।
गोवा: विधानसभा का कार्यकाल 14 मार्च 2027 को खत्म होगा।
पंजाब: विधानसभा का कार्यकाल 16 मार्च 2027 को खत्म होगा।
उत्तराखंड: विधानसभा का कार्यकाल 18 मार्च 2027 को खत्म होगा।
उत्तर प्रदेश: विधानसभा का कार्यकाल 22 मई 2027 को खत्म होगा।
इस पूरे घटनाक्रम को देखते हुए जनवरी 2027 के आसपास चुनाव कार्यक्रम की घोषणा और फरवरी-मार्च में मतदान की संभावना मजबूत होती दिखाई दे रही है। हालांकि अंतिम चुनाव कार्यक्रम, मतदान की तारीखें और चरणों की संख्या का फैसला भारत निर्वाचन आयोग द्वारा आधिकारिक घोषणा के बाद ही स्पष्ट होगा।