Sunday, 30 August 2026
बिहार
Board Exam Rules: बोर्ड परीक्षा का तनाव होगा कम, 10वीं-12वीं के नियमों में बड़े बदलाव की तैयारी; ‘फेल’ की जगह मिलेगा नया दर्जा
डेली संवाद, नई दिल्ली। Board Exam Rules: बोर्ड परीक्षाओं के दबाव को कम करने के लिए बिहार शिक्षा विभाग कई अहम बदलावों पर काम कर रहा है। प्रस्तावित व्यवस्था के तहत 10वीं और 12वीं कक्षा के छात्रों की मार्कशीट में इस्तेमाल होने वाली भाषा में बदलाव किया जा सकता है, ताकि परीक्षा में अपेक्षित अंक न आने पर छात्रों का मनोबल प्रभावित न हो।
शिक्षा विभाग की योजना के अनुसार, 'फेल' शब्द के स्थान पर 'कौशल के लिए पात्र' या स्किल के लिए योग्य जैसी भाषा का इस्तेमाल किया जा सकता है। ऐसे छात्रों को कौशल विकास से जोड़ने पर भी विचार किया जा रहा है।
मार्कशीट से हट सकता है 'फेल' शब्द
शिक्षा मंत्री की ओर से किए गए एक ट्वीट में कहा गया कि परीक्षा में उम्मीद के मुताबिक प्रदर्शन न कर पाना किसी छात्र की सीमित प्रतिभा का संकेत नहीं माना जाना चाहिए। परीक्षा प्रमाणपत्र में इस्तेमाल की जाने वाली भाषा ऐसी होनी चाहिए, जो छात्रों का हौसला बढ़ाए और उन्हें निराश न करे।
इसी सोच के तहत मार्कशीट और परीक्षा परिणाम में 'फेल' शब्द हटाने की दिशा में बदलाव की तैयारी की जा रही है। इसके बदले छात्रों को उनकी क्षमता के अनुसार कौशल प्रशिक्षण से जोड़ने की योजना पर काम किया जा रहा है।
शनिवार को सिर्फ 3:30 घंटे पढ़ाई की योजना
बिहार शिक्षा विभाग रविवार की साप्ताहिक छुट्टी के अलावा शनिवार को पढ़ाई का समय कम करने पर भी विचार कर रहा है। प्रस्तावित योजना के अनुसार, शनिवार को छात्रों को केवल 3 घंटे 30 मिनट तक पढ़ाई करवाई जा सकती है।
इसके साथ ही स्कूलों में 'नो-बैग डे' की व्यवस्था भी लागू करने की योजना है। इस दिन नियमित पढ़ाई के बजाय खेल, कला, रचनात्मक और अन्य अतिरिक्त गतिविधियां करवाई जा सकती हैं, जिससे छात्र अपनी रुचि के अनुसार नई चीजें सीख सकें।
मैट्रिक सप्लीमेंट्री परीक्षा के लिए विशेष क्लास
बिहार बोर्ड 10वीं की सप्लीमेंट्री परीक्षा देने वाले छात्रों के लिए भी विशेष तैयारी की योजना बना रहा है। इसके तहत ऐसे छात्रों को बोर्ड की ओर से एक महीने की विशेष कक्षाएं उपलब्ध करवाई जा सकती हैं। इन कक्षाओं का उद्देश्य छात्रों को दोबारा परीक्षा की तैयारी में मदद करना होगा, ताकि वे बेहतर प्रदर्शन कर सकें।
हालांकि, इन बदलावों को लेकर विभाग की ओर से औपचारिक आदेश जारी होने के बाद ही नियमों के लागू होने की स्थिति स्पष्ट होगी। बिहार स्कूल एग्जामिनेशन बोर्ड (BSEB) इसके बाद संबंधित दिशा-निर्देश जारी कर सकता है।विभाग से औपचारिक आदेश मिलने के बाद बिहार स्कूल एजुकेशन बोर्ड द्वारा यह नियम लागू कर दिए जायेंगे।