Thursday, 16 April 2026
ब्रेकिंग न्यूज़
Canada: जालंधर की रेडियो होस्ट युवती को कनाडा में मिली 5 साल की सजा, करती थी 'गंदा' काम!
डेली संवाद, कनाडा/जालंधर।
Canada Radio Host Sukhwinder Sangha Jailed For Drug Smuggling: कनाडा में पंजाबी समुदाय की जानी-मानी रेडियो ब्रॉडकास्टर सुखविंदर कौर संघा (Sukhwinder Kuar Sangha) को ड्रग तस्करी के गंभीर मामले में सजा सुनाए जाने से प्रवासी समाज में हलचल मच गई है। ब्रिटिश कोलंबिया (British Columbia) सुप्रीम कोर्ट ने 15 अप्रैल को उन्हें साढ़े पांच साल की जेल की सजा सुनाई। 47 वर्षीय संघा का संबंध जालंधर (Jalandhar) के नकोदर से जुड़े परिवार से है, हालांकि उनका जन्म प्रिंस जॉर्ज (Prince George) में हुआ था।
पिछले एक दशक में सुखविंदर कौर संघा (Sukhwinder Kuar Sangha) ने कनाडा
(Canada)
के पंजाबी रेडियो (Punjabi Radio) और मीडिया जगत में अपनी अलग पहचान बनाई थी। एक फ्रीलांस रेडियो और टीवी होस्ट के रूप में उन्होंने तेजी से लोकप्रियता हासिल की। उनके शो में अक्सर राजनेता, पुलिस अधिकारी और अन्य प्रमुख हस्तियां शामिल होती थीं, जिससे वह पंजाबी समुदाय का एक जाना-पहचाना चेहरा बन गई थीं।
[caption id="attachment_104483" align="aligncenter" width="1200"]
Canada News[/caption]
Canada News[/caption]
Canada News[/caption]
तेज रफ्तार में कार से भागी संघा
यह मामला अक्टूबर 2021 का है, जब सुखविंदर कौर संघा (Sukhwinder Kuar Sangha) अमेरिका-कनाडा सीमा (US-Canada Border) के रास्ते कनाडा (Canada) में प्रवेश कर रही थीं। वह फ्लोरिडा नंबर प्लेट वाली एक रेंटल कार चला रही थीं। कनाडा बॉर्डर सर्विसेज एजेंसी के अधिकारियों ने उन्हें सरे स्थित चेकपोस्ट पर सेकेंडरी जांच के लिए रोका, लेकिन संघा ने रुकने के बजाय तेज रफ्तार में कार भगा ली।यह भी पढ़ें: Japnoor Travels के सतनाम सिंह पर 45 लाख रुपए ठगी का आरोप, किसानों ने दफ्तर घेरा
इसके बाद पुलिस ने उनका पीछा किया और उन्हें सरे की 16वीं एवेन्यू पर गिरफ्तार कर लिया। कार की तलाशी में अधिकारियों को चार डफल बैग मिले, जिनमें कुल 108 किलोग्राम मेथामफेटामाइन बरामद हुई। अंतरराष्ट्रीय बाजार में इस ड्रग्स की कीमत लगभग 83 करोड़ रुपये आंकी गई।अदालत में दिया ये तर्क
अदालत में सुनवाई के दौरान संघा ने खुद को निर्दोष बताते हुए दावा किया कि वह अपनी मौसी के अंतिम संस्कार में शामिल होने वाशिंगटन गई थीं और वहां उन्हें धमकाकर इस काम के लिए मजबूर किया गया। हालांकि, न्यायाधीश जॉन गिब-कार्सले ने उनके इस तर्क को खारिज कर दिया। कोर्ट में पेश किए गए मोबाइल टेक्स्ट मैसेज से यह स्पष्ट हुआ कि संघा इस तस्करी नेटवर्क में स्वेच्छा से शामिल थीं और पहले भी कई बार ड्रग्स की खेप पहुंचा चुकी थीं। अदालत ने टिप्पणी की कि उनके संदेशों का लहजा किसी डरे हुए व्यक्ति जैसा नहीं था, बल्कि यह दर्शाता है कि वह इस गिरोह की एक भरोसेमंद सदस्य थीं। [caption id="attachment_79107" align="aligncenter" width="1200"]
Canada News[/caption]