Friday, 25 September 2026
राजनीति
Captain Amarinder Singh: कैप्टन अमरिंदर सिंह बोले- भाजपा में 4 साल में कुछ नहीं मिला, पंजाब पर कभी नहीं ली गई राय; राहुल गांधी PM बन सकते हैं
डेली संवाद, चंडीगढ़। Captain Amarinder Singh: पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री और भाजपा के वरिष्ठ नेता कैप्टन अमरिंदर सिंह ने भाजपा में अपने चार साल के सफर को लेकर खुलकर बात की है। एक इंटरव्यू में कैप्टन ने कहा कि भाजपा में शामिल होने के बाद उन्हें वास्तव में कुछ हासिल नहीं हुआ और पंजाब से जुड़े मामलों पर पार्टी ने उनसे कभी सलाह नहीं ली।
हालांकि, उन्होंने भाजपा छोड़कर कांग्रेस में वापस जाने की किसी योजना से इनकार किया है। कैप्टन अमरिंदर सिंह 2021 में कांग्रेस छोड़ने के बाद भाजपा में शामिल हुए थे। इससे पहले उन्होंने अपनी अलग पार्टी बनाई थी, जिसका बाद में भाजपा में विलय हुआ। वह पंजाब के दो बार मुख्यमंत्री रह चुके हैं।
भाजपा पंजाब को नहीं समझती
कैप्टन अमरिंदर सिंह (Captain Amarinder Singh) ने इंटरव्यू में कहा कि भाजपा को पंजाब की राजनीति और राज्य की परिस्थितियों को बेहतर तरीके से समझने की जरूरत है। उन्होंने अपने लंबे राजनीतिक अनुभव का जिक्र करते हुए कहा कि करीब छह दशक से वह पंजाब की राजनीति को देखते आए हैं।
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उनके मुताबिक, इसके बावजूद पिछले चार वर्षों में पंजाब की राजनीति या नीतियों को लेकर उनसे कोई सलाह नहीं ली गई। उन्होंने कहा कि भाजपा में शामिल होने का उन्हें अफसोस नहीं है, लेकिन पार्टी में आने के बाद उन्हें क्या हासिल हुआ, इसका जवाब उनके पास नहीं है।
अकाली दल से गठबंधन की पैरवी
पंजाब विधानसभा चुनाव 2027 को लेकर कैप्टन अमरिंदर सिंह ने भाजपा और शिरोमणि अकाली दल के बीच गठबंधन की जरूरत पर जोर दिया। उनका कहना है कि दोनों दल लंबे समय तक सहयोगी रहे हैं और यदि भाजपा पंजाब में सरकार बनाने की कोशिश करती है तो अकाली दल के साथ गठबंधन एक महत्वपूर्ण राजनीतिक विकल्प हो सकता है।
हालांकि, भाजपा की ओर से गठबंधन को लेकर हाल में अलग-अलग बयान सामने आए हैं। केंद्रीय मंत्री हरदीप पुरी ने कहा है कि भविष्य में कोई गठबंधन हुआ तो भाजपा बराबरी की शर्तों पर बात करेगी।
भगवंत मान पर भी कैप्टन का निशाना
कैप्टन अमरिंदर सिंह ने पंजाब की मौजूदा सरकार और मुख्यमंत्री भगवंत मान पर भी टिप्पणी की। उन्होंने सरकार के कामकाज पर सवाल उठाते हुए कहा कि मुख्यमंत्री की भूमिका में भगवंत मान उन्हें एक्टर के तौर पर ज्यादा नजर आते हैं।
कैप्टन ने पंजाब में नशे, किसानों और बेरोजगारी जैसे मुद्दों का भी जिक्र किया और मौजूदा हालात पर अपनी असहमति जाहिर की। ये कैप्टन के राजनीतिक विचार और आकलन हैं, जिन पर संबंधित पक्षों की अलग-अलग राय हो सकती है।
कांग्रेस में वापसी की संभावना से इनकार
कांग्रेस में वापसी को लेकर पूछे गए सवाल पर कैप्टन अमरिंदर सिंह ने कहा कि उनकी कांग्रेस में लौटने की कोई योजना नहीं है। उन्होंने बताया कि पिछले कुछ वर्षों में सोनिया गांधी, राहुल गांधी या प्रियंका गांधी से उनकी बातचीत नहीं हुई है।
उन्होंने यह भी कहा कि निजी रिश्ते और राजनीति अलग-अलग चीजें हैं और अगर कभी किसी मदद की जरूरत होगी तो वह मदद करने के लिए तैयार हैं।
मुख्यमंत्री बनने के सवाल पर नहीं किया स्पष्ट इनकार
अगर भाजपा पंजाब में सत्ता में आती है और उन्हें मुख्यमंत्री पद की पेशकश होती है तो क्या वह इसे स्वीकार करेंगे—इस सवाल पर कैप्टन ने सीधे तौर पर हां या ना नहीं कहा।
उन्होंने अपनी उम्र का जिक्र करते हुए कहा कि वह 84 वर्ष के हैं और इस संदर्भ में मोरारजी देसाई का उदाहरण दिया, जो 92 वर्ष की उम्र में प्रधानमंत्री बने थे। इसलिए उन्होंने इस संभावना को पूरी तरह बंद नहीं किया।
अमृतपाल सिंह की रिहाई की वकालत
कैप्टन अमरिंदर सिंह ने सांसद अमृतपाल सिंह को लेकर भी अपनी राय रखी। उन्होंने कहा कि अमृतपाल को रिहा किया जाना चाहिए ताकि वह चुनाव लड़ सकें। साथ ही उन्होंने कहा कि अगर किसी व्यक्ति ने अपराध किया है तो कानून को अपना काम करना चाहिए।
उन्होंने अपने तर्क के समर्थन में लंबे समय तक हिरासत में रहने वाले नेताओं के राजनीतिक प्रभाव का उदाहरण भी दिया। अमृतपाल सिंह की हिरासत और उनके खिलाफ कानूनी मामलों का अंतिम फैसला संबंधित कानूनी प्रक्रिया पर निर्भर है।
राहुल गांधी के प्रधानमंत्री बनने पर क्या बोले?
राहुल गांधी के प्रधानमंत्री बनने की संभावना को लेकर पूछे गए सवाल पर कैप्टन अमरिंदर सिंह ने कहा कि “क्यों नहीं?” उन्होंने राहुल गांधी की एक रैली का जिक्र करते हुए वहां मौजूद भीड़ का उल्लेख किया और कहा कि राजनीति लगातार बदलती रहती है।
कैप्टन ने 2027 के पंजाब विधानसभा चुनाव को लेकर किसी पार्टी की जीत की भविष्यवाणी नहीं की। उनके अनुसार पंजाब की राजनीति में कई राजनीतिक दल और गुट सक्रिय हैं और चुनाव से पहले परिस्थितियां बदल सकती हैं।
कैप्टन अमरिंदर सिंह का राजनीतिक सफर
कैप्टन अमरिंदर सिंह पंजाब के दो बार मुख्यमंत्री रह चुके हैं। उनका पहला कार्यकाल 2002 से 2007 और दूसरा कार्यकाल 2017 से 2021 तक रहा। 2021 में कांग्रेस से अलग होने के बाद उन्होंने Punjab Lok Congress नाम से अपनी पार्टी बनाई और बाद में इसका भाजपा में विलय कर दिया। वह वर्तमान में भाजपा के वरिष्ठ नेता हैं।
कैप्टन अमरिंदर सिंह के ताजा इंटरव्यू से पंजाब की राजनीति में 2027 विधानसभा चुनाव से पहले कई मुद्दे फिर चर्चा में आ गए हैं। भाजपा में अपने अनुभव, पंजाब को लेकर पार्टी की रणनीति, अकाली दल के साथ गठबंधन, भगवंत मान सरकार, अमृतपाल सिंह और राहुल गांधी को लेकर दिए उनके बयानों ने राजनीतिक बहस को नया संदर्भ दिया है।