Tuesday, 12 May 2026
पंजाब
CBI Raid: पंजाब विजिलेंस ब्यूरो के मुख्यालय पर CBI ने मारा छापा, 20 लाख रिश्वत में रीडर और बिचौलिया गिरफ्तार, अफसरों में मचा हड़कंप
डेली संवाद, मोहाली।
CBI Raid Punjab Vigilance Bribery Case: पंजाब विजीलैंस पर केंद्रीय एजैंसी ने बड़ा एक्शन लिया है। Central Bureau of Investigation
(CBI)
ने पंजाब में भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए मोहाली स्थित पंजाब विलीजैंस ब्यूरो (Punjab Vigilance Bureau) मुख्यालय पर छापा मारा है। सोमवार देर रात शुरू हुई यह कार्रवाई मंगलवार सुबह तक जारी है।
बताया जा रहा है कि पंजाब विलीजैंस ब्यूरो (Punjab Vigilance Bureau) के खिलाफ सीबीआई 20 लाख रुपये की कथित रिश्वत मांगने के मामले की जांच कर रही है। इस कार्रवाई के बाद पंजाब विजिलेंस ब्यूरो के अंदर हड़कंप मच गया है और कई अधिकारियों की भूमिका जांच के दायरे में आ सकती है।
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CBI Raid, Punjab Vigilance, Bribery Case, Mohali Vigilance Office[/caption]
Sunil Jakhar BJP Punjab[/caption]
CBI Raid, Punjab Vigilance, Bribery Case, Mohali Vigilance Office[/caption]
विजिलेंस दफ्तर में दबिश
जानकारी के अनुसार, CBI टीम ने सोमवार रात मोहाली स्थित विजिलेंस दफ्तर में दबिश देकर एक वरिष्ठ विजिलेंस अधिकारी के रीडर ओपी राणा के खिलाफ कार्रवाई की। हालांकि, छापेमारी के दौरान राणा मौके से फरार हो गया। वहीं, कथित बिचौलियों राघव गोयल और उसके पिता विकास गोयल को हिरासत में लेकर बाद में गिरफ्तार कर लिया गया। दोनों मुक्तसर जिले के मलोट स्थित कृष्णा कॉलोनी के निवासी बताए जा रहे हैं। बिचौलिया राघव गोयल भाजपा नेता बताया जा रहा है।यह भी पढ़ें: Japnoor Travels के सतनाम सिंह पर 45 लाख रुपए ठगी का आरोप, किसानों ने दफ्तर घेरा
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, CBI ने चंडीगढ़ के एक पांच सितारा होटल में भी ट्रैप लगाया था। आरोप है कि यहां शिकायतकर्ता से 20 लाख रुपये की रिश्वत को लेकर सौदेबाजी चल रही थी। बताया जा रहा है कि शिकायतकर्ता 13 लाख रुपये की नकदी लेकर पहुंचा था, जिसे CBI ने मौके से बरामद कर लिया। एजेंसी का दावा है कि यह रकम कथित तौर पर रिश्वत के रूप में दी जानी थी।
बिचौलिया गिरफ्तार
CBI अधिकारियों के अनुसार, मामले में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम (Prevention of Corruption Act) के तहत FIR दर्ज की गई है। FIR में ओपी राणा और राघव गोयल को नामजद किया गया है। सूत्रों के मुताबिक, राघव गोयल का विजिलेंस विभाग के कुछ अधिकारियों से करीबी संबंध था और उसे पंजाब सरकार की ओर से पुलिस सुरक्षा भी मिली हुई थी। इस पूरे मामले ने राज्य की भ्रष्टाचार विरोधी व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। जिस विभाग की जिम्मेदारी भ्रष्टाचार रोकने की है, उसी विभाग के भीतर कथित रिश्वतखोरी और बिचौलियों के नेटवर्क की बात सामने आने से सरकार और प्रशासन दोनों पर दबाव बढ़ गया है।रीडर की मिलीभगत
सूत्रों का कहना है कि जांच अब केवल एक रीडर या दो बिचौलियों तक सीमित नहीं रहेगी। CBI अब उन अधिकारियों, कर्मचारियों और कथित एजेंटों की भूमिका की भी जांच कर रही है, जिनके जरिए डील फिक्स कराने का काम किया जाता था। एजेंसी पूरे नेटवर्क की परत-दर-परत जांच कर रही है और आने वाले दिनों में कई और नाम सामने आ सकते हैं। बताया जा रहा है कि CBI को पिछले कुछ समय से इस कथित रिश्वत डील की जानकारी मिल रही थी। इसके बाद एजेंसी ने योजना बनाकर ट्रैप लगाया और कार्रवाई को अंजाम दिया। कार्रवाई के दौरान कथित बिचौलिये राघव गोयल से 13 लाख रुपये नकद बरामद किए गए हैं। वहीं, फरार बताए जा रहे ओपी राणा की तलाश जारी है। [caption id="attachment_101835" align="aligncenter" width="1200"]
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