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Sunday, 09 August 2026

Dharmendra Pradhan: Gen Z को गुमराह किया गया, इसलिए छोड़ा मंत्री पद; NEET पेपर लीक विवाद पर पहली बार बोले धर्मेंद्र प्रधान

Dharmendra Pradhan: Gen Z को गुमराह किया गया, इसलिए छोड़ा मंत्री पद; NEET पेपर लीक विवाद पर पहली बार बोले धर्मेंद्र प्रधान

डेली संवाद, भुवनेश्वर। Dharmendra Pradhan: पूर्व केंद्रीय शिक्षा मंत्री और भाजपा सांसद धर्मेंद्र प्रधान ने NEET पेपर लीक विवाद पर पहली बार अपनी चुप्पी तोड़ी है। उन्होंने कहा कि इस मामले को लेकर हुए विरोध-प्रदर्शनों के दौरान Gen Z (युवा पीढ़ी) को गुमराह करने की कोशिश की गई, जिसके चलते उन्होंने स्वेच्छा से केंद्रीय शिक्षा मंत्री पद छोड़ने का फैसला किया।

भुवनेश्वर स्थित जीएम यूनिवर्सिटी में छात्रों और शिक्षकों को संबोधित करते हुए प्रधान ने कहा कि उनके लिए मंत्री पद से अधिक महत्वपूर्ण देश के युवाओं का भविष्य है। उन्होंने बताया कि उन्होंने स्वयं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से संपर्क कर मंत्रिपरिषद से इस्तीफा देने की पेशकश की थी और इसके बाद 25 जुलाई को उन्होंने पद छोड़ दिया।

NEET Paper Leak Protest in Jalandhar
NEET Paper Leak Protest in Jalandhar

विश्व गुरु बनाने की क्षमता

धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि भारत में हर साल करीब दो करोड़ बच्चों का जन्म होता है और पिछले दस वर्षों में लगभग 20 करोड़ बच्चे पैदा हुए हैं। उन्होंने कहा कि यही युवा आने वाले समय में भारत को विश्व गुरु बनाने की क्षमता रखते हैं, इसलिए उनके भविष्य और विश्वास को बनाए रखना सबसे बड़ी जिम्मेदारी है।

बीजेडी और नवीन पटनायक पर भी साधा निशाना

रायराखोल में आयोजित एक अन्य कार्यक्रम में धर्मेंद्र प्रधान ने बीजू जनता दल (BJD) और उसके अध्यक्ष नवीन पटनायक पर भी तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि विरोध-प्रदर्शन और "वापस जाओ" जैसे नारों से उन्हें कोई फर्क नहीं पड़ता।

प्रधान ने कहा, "मैं एक किसान का बेटा हूं। अगर आप मुझे वापस जाने के लिए भी कहेंगे, तब भी मैं दोबारा लौटकर आऊंगा।" उन्होंने आरोप लगाया कि उनके खिलाफ विरोध प्रदर्शन में युवाओं को जानबूझकर शामिल किया गया।

'मैंने कभी ओडिशा को शर्मिंदा नहीं किया'

धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि उन पर कई तरह के आरोप लगाए गए, लेकिन उन्होंने अपने सार्वजनिक जीवन में कभी ऐसा कोई काम नहीं किया जिससे ओडिशा की छवि खराब हो। उन्होंने कहा कि भगवान जगन्नाथ और मां समलेश्वरी के आशीर्वाद से उन्हें देश की सेवा करने का अवसर मिला है और वे भविष्य में भी राज्य और देश के सम्मान के लिए काम करते रहेंगे।

उन्होंने यह भी बताया कि रायराखोल कार्यक्रम में जाने से पहले उन्होंने बीजेडी विधायक प्रसन्ना आचार्य से सलाह ली थी। आचार्य ने उन्हें कार्यक्रम में आने का निमंत्रण दिया और स्वागत का भरोसा भी दिलाया।

नई बहस शुरू होने की संभावना

NEET पेपर लीक मामले के बाद पहली बार दिए गए इस बयान को राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इससे एक बार फिर शिक्षा व्यवस्था, परीक्षा की पारदर्शिता और युवाओं की राजनीति को लेकर नई बहस शुरू होने की संभावना है।