Thursday, 05 November 2026
पंजाब
ED Raid: AAP विधायक के घर 36 घंटे चली ED की जांच खत्म, समर्थकों ने पटाखे चलाकर मनाया जश्न
डेली संवाद, मोगा। ED Raid: पंजाब के मोगा से आम आदमी पार्टी (AAP) की विधायक डॉ. अमनदीप कौर अरोड़ा के आवास पर प्रवर्तन निदेशालय (ED) की छापेमारी करीब 36 घंटे बाद खत्म हो गई। रेड समाप्त होने के बाद AAP कार्यकर्ताओं ने पटाखे चलाकर जश्न मनाया।
वहीं, विधायक ने दावा किया कि उन पर भाजपा में शामिल होने के लिए दबाव बनाया जा रहा था, लेकिन वह आखिरी सांस तक अरविंद केजरीवाल और मुख्यमंत्री भगवंत मान के साथ खड़ी रहेंगी। विधायक डॉ. अमनदीप कौर अरोड़ा ने कहा कि उन्होंने ED के सभी सवालों के जवाब दिए हैं, लेकिन जांच एजेंसी को उनके खिलाफ कुछ नहीं मिला।
भ्रष्टाचार की शिकायत से जुड़ा है मामला: एडवोकेट वरिंदर रत्तियां
उन्होंने यह भी कहा कि अगर ED भविष्य में उन्हें पूछताछ के लिए बुलाती है तो वह जांच में शामिल होंगी। विधायक के वकील एडवोकेट वरिंदर रत्तियां ने बताया कि ED ने उनसे मामले से संबंधित कुछ दस्तावेज मांगे थे।
इनमें मोगा कोर्ट और लोकपाल से जुड़े दस्तावेज शामिल थे। उनके मुताबिक, यह मामला भ्रष्टाचार की एक शिकायत से जुड़ा था, जिसे पहले ही वापस लिया जा चुका था।
विधायक के 7 ठिकानों पर ED की तलाशी
ED की टीमों ने मोगा में विधायक के आवास सहित कई ठिकानों पर तलाशी ली। इनमें डोसांझ रोड स्थित मॉडल कॉलोनी का कैंप कार्यालय और GT रोड स्थित आइकॉन हाइट्स का एक फ्लैट शामिल था। इसके अलावा खन्ना के नजदीक लिबड़ा गांव में उनके ननिहाल से जुड़े ठिकाने पर भी जांच की गई।
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बाघापुराना स्थित आशीर्वाद नशा मुक्ति एवं पुनर्वास अस्पताल में भी तलाशी की जानकारी सामने आई। इस अस्पताल का संबंध विधायक के पति डॉ. राकेश अरोड़ा से बताया गया है। इसके अलावा उनके पति से जुड़े अन्य परिसरों और परिवार के सदस्यों व करीबियों से संबंधित ठिकानों पर भी कार्रवाई की गई।
सस्पेंडेड पटवारी नवदीप सिंह के घर भी रेड
गुरुवार सुबह ED की टीम ने फिरोजपुर जिले के जीरा में निलंबित पटवारी नवदीप सिंह के घर भी छापेमारी की। नवदीप सिंह पहले मोगा जिले के धर्मकोट में तैनात था। उसके खिलाफ 16 जून 2024 को धर्मकोट थाने में धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया गया था।
पुलिस ने उसे गिरफ्तार किया था, जिसके बाद राजस्व विभाग ने निलंबित कर दिया था। उस पर करोड़ों रुपये की धोखाधड़ी के आरोप हैं। गिरफ्तारी के बाद वह फरीदकोट जेल में बंद था। उसे 7 जुलाई 2026 को जमानत मिलने के बाद रिहा किया गया था।
सरकारी जमीन का फर्जी इंतकाल बनाकर मुआवजा लेने का आरोप
इस मामले की शुरुआत पंजाब पुलिस द्वारा 16 जून 2024 को धर्मकोट थाने में दर्ज FIR से हुई थी। मामला मोगा जिले के आदरमान गांव की सरकारी जमीन से संबंधित है। आरोप है कि नेशनल हाईवे-754A के निर्माण के लिए जमीन अधिग्रहण के दौरान राजस्व रिकॉर्ड में कथित तौर पर फर्जी इंतकाल तैयार किया गया।
आरोपों के मुताबिक, सरकारी जमीन को निजी जमीन दिखाकर मुआवजे की रकम हासिल की गई। इस मामले में निजी लाभार्थी दिलखुश कुमारी को करीब 1 करोड़ 65 हजार 724 रुपये का मुआवजा जारी किया गया था। बाद की जांच में संबंधित जमीन पंजाब सरकार की पाई गई।
यह भी आरोप है कि तत्कालीन तहसीलदार के फर्जी हस्ताक्षरों के आधार पर राजस्व रिकॉर्ड में बदलाव किया गया था। मोहाली की फॉरेंसिक साइंस लैब की जांच में दस्तावेजों पर मौजूद हस्ताक्षर कथित तौर पर फर्जी पाए गए थे।
ED रेड के खिलाफ AAP कार्यकर्ताओं ने किया था प्रदर्शन
ED की कार्रवाई की सूचना मिलते ही आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ता विधायक के आवास के बाहर एकत्रित हो गए थे। उन्होंने केंद्र सरकार और भाजपा के खिलाफ नारेबाजी की थी। AAP नेताओं और समर्थकों ने इस कार्रवाई को राजनीतिक बदले की भावना से प्रेरित बताया था।
36 घंटे तक चली छापेमारी खत्म होने के बाद पार्टी कार्यकर्ताओं ने पटाखे चलाकर जश्न मनाया। वहीं, विधायक अमनदीप कौर अरोड़ा ने दोहराया कि वह किसी भी जांच से पीछे नहीं हटेंगी और ED के साथ पूरा सहयोग करेंगी।