ePaper Reading mode

Daily Samvad ePaper

Friday, 25 September 2026

ED Raid in Punjab: पंजाब मेंं AAP के दो बड़े नेताओं ने 10 हजार करोड़ रुपए का किया नुकसान, GMADA समेत 26 ठिकानों पर छापेमारी के बाद ED का बड़ा खुलासा

ED Raid in Punjab: पंजाब मेंं AAP के दो बड़े नेताओं ने 10 हजार करोड़ रुपए का किया नुकसान, GMADA समेत 26 ठिकानों पर छापेमारी के बाद ED का बड़ा खुलासा

डेली संवाद, चंडीगढ़/मोहाली। ED Raid in Punjab: पंजाब में प्रवर्तन निदेशालय (ED) की कार्रवाई से जुड़ा मामला अब और बड़ा होता जा रहा है। तिरुपति इंफ्राप्रोजेक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में ED ने दिल्ली, मोहाली, चंडीगढ़, पंचकूला और लुधियाना समेत 26 ठिकानों पर सर्च और सर्वे की कार्रवाई की।

यह कार्रवाई करीब तीन दिन तक चली और गुरुवार को पूरी हुई। जांच के दौरान GMADA और पंजाब सरकार के हाउसिंग एवं अर्बन डेवलपमेंट विभाग से जुड़े रिकॉर्ड भी खंगाले गए। इस दौरान ईडी के अफसरों ने बताया है कि करीब 10 हजार करोड़ रुपए का नुकसान हुआ है, जिसमें आम आदमी पार्टी के दो बड़े नेता संलिप्त है।

ED ने GMADA की जमीन को लेकर लगाए गंभीर आरोप

ED के अनुसार, जांच के दौरान GMADA की जमीन की नीलामी, भूमि अधिग्रहण, मुआवजे, मास्टर प्लान में बदलाव और निजी डेवलपर्स को दी गई कथित रियायतों से जुड़े मामलों की जांच की जा रही है।

एजेंसी ने आरोप लगाया कि नीलामी से पहले GMADA की बिना बिकी जमीन की रिजर्व कीमतों को कथित तौर पर कम किया गया। ED का दावा है कि इससे पंजाब सरकार और GMADA को करीब 10,000 करोड़ रुपये का संभावित नुकसान हो सकता था।

हालांकि, उपलब्ध रिपोर्टों के मुताबिक एजेंसी ने अपने नोट में इस पूरी अनुमानित राशि के वास्तविक नुकसान के तौर पर होने का स्वतंत्र प्रमाण प्रस्तुत नहीं किया है।

सत्येंद्र जैन और मनीष सिसोदिया पर ED के आरोप

ED ने दावा किया है कि AAP नेताओं सत्येंद्र जैन और मनीष सिसोदिया ने GMADA अधिकारियों के साथ अनौपचारिक बैठकें की थीं। एजेंसी के मुताबिक, नई नीलामी, भूमि अधिग्रहण और मुआवजे से जुड़े कुछ महत्वपूर्ण फैसलों पर इन बैठकों में चर्चा होती थी।

ED ने यह भी आरोप लगाया कि सत्येंद्र जैन के निर्देशों के तहत कुछ फैसले औपचारिक सरकारी प्रक्रिया से अलग तरीके से लिए गए। इन आरोपों की जांच अभी जारी है।

मोबाइल फोन से कथित हवाला चैट मिलने का दावा

ED के मुताबिक, तलाशी के दौरान जब्त किए गए कुछ मोबाइल फोन से ऐसी चैट मिली हैं, जिनमें पंजाब सरकार से जुड़े राजनेताओं के रिश्तेदारों को कथित हवाला भुगतान का उल्लेख है।

यह भी पढ़ें: जालंधर कैंट हलके में कट गई अवैध कालोनी, डिप्टी मेयर बोले- कालोनाइजर पर FIR दर्ज होगी

एजेंसी ने यह भी कहा कि Tila Consultancy Private Limited से जुड़े लोगों और GMADA/PUDA कार्यालयों के बीच कथित संपर्क की जांच की जा रही है। इन दावों की जांच का अंतिम निष्कर्ष अभी सामने नहीं आया है।

238 करोड़ रुपये के बैंक फ्रॉड से शुरू हुई जांच

ED की मनी लॉन्ड्रिंग जांच एक CBI FIR से शुरू हुई थी। इसमें तिरुपति इंफ्रा प्रोजेक्ट्स से जुड़े प्रमोटरों पर करीब 238 करोड़ रुपये के बैंक फ्रॉड का आरोप लगाया गया था।

ED ने कहा कि शुरुआती जांच में कथित नकद लेनदेन, फर्जी शेयर प्रीमियम और अन्य वित्तीय अनियमितताओं के संकेत मिले थे। इसके बाद जांच का दायरा GMADA और उससे जुड़े जमीन एवं रियल एस्टेट मामलों तक बढ़ाया गया।

Remigate को कथित 40-57 करोड़ रुपये के लाभ की जांच

ED ने Remigate Infra Developers Private Limited को कथित तौर पर वैधानिक बकाया और पेनल ब्याज में छूट दिए जाने की भी जांच की है। एजेंसी के अनुसार, इससे कंपनी को करीब 40 से 57 करोड़ रुपये का आर्थिक लाभ होने का अनुमान है।

इसके अलावा भूमि अधिग्रहण, मुआवजे और 2013 के भूमि अधिग्रहण कानून के तहत जारी प्रक्रियाओं में कथित अनियमितताओं की भी जांच की जा रही है।

पंजाब सरकार ने हाईकोर्ट का रुख किया

ED की लंबी कार्रवाई के दौरान पंजाब सरकार ने पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट का रुख किया। सरकार की ओर से अधिकारियों को कथित तौर पर अवैध हिरासत में रखे जाने का मुद्दा उठाया गया।

हाईकोर्ट ने स्थिति की जांच के लिए वारंट अधिकारी नियुक्त किया। ED के अनुसार, मौके पर अधिकारियों से बातचीत और रिकॉर्ड की जांच के बाद यह सामने आया कि अधिकारियों को अवैध रूप से हिरासत में नहीं रखा गया था। बाद में सर्च कार्रवाई पूरी होने के बाद पंजाब सरकार ने अपनी याचिका वापस ले ली।

AAP ने ED के आरोपों को किया खारिज

आम आदमी पार्टी ने ED के आरोपों का खंडन किया है। AAP ने कहा कि GMADA के खिलाफ कोई अलग FIR या मूल अपराध (predicate offence) दर्ज नहीं है और तिरुपति इंफ्रा से जुड़ी CBI FIR को GMADA की कार्रवाई से जोड़ने पर सवाल उठाए।

पार्टी ने सत्येंद्र जैन और मनीष सिसोदिया की GMADA अधिकारियों के साथ कथित अनौपचारिक बैठकों के दावे को भी गलत और राजनीतिक रूप से प्रेरित बताया।

अब आगे क्या?

ED की जांच में GMADA की जमीन की नीलामी, रिजर्व कीमतों, भूमि अधिग्रहण, मुआवजे, डेवलपर्स को दी गई कथित छूट और संबंधित कंपनियों के वित्तीय लेनदेन की जांच जारी है।

फिलहाल ED के लगाए आरोप जांच का हिस्सा हैं; अंतिम जिम्मेदारी या दोष का निर्धारण संबंधित जांच और न्यायिक प्रक्रिया के निष्कर्षों पर निर्भर करेगा।