Friday, 30 October 2026
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Punjab News: फ्रांस में दो पंजाबी युवकों की मौत से पंजाब में शोक, अमृतसर के आयुष और जालंधर के नरिंदर की गई जान; शव भारत लाने के लिए मांगी आर्थिक मदद
डेली संवाद, पेरिस। Punjab News: फ्रांस से पंजाब के लिए दो बेहद दुखद खबरें सामने आई हैं। अक्टूबर महीने में फ्रांस की राजधानी पेरिस और आसपास के इलाकों में दो पंजाबी युवकों की मौत हो गई। मृतकों की पहचान अमृतसर के 22 वर्षीय आयुष वर्मा और जालंधर के 42 वर्षीय नरिंदर कुमार के रूप में हुई है।
दोनों परिवारों पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। अब परिवारों के सामने अपने प्रियजनों के पार्थिव शरीर को अंतिम संस्कार के लिए भारत लाने की चुनौती है। इसके लिए एक समाजसेवी संस्था और पीड़ित परिवारों की ओर से पंजाबी समुदाय तथा दानवीरों से आर्थिक मदद की अपील की गई है।
समंदर की तेज लहरों में डूबा अमृतसर का 22 वर्षीय आयुष
पहला मामला अमृतसर के कोट खालसा स्थित दशमेश नगर का है। यहां का रहने वाला 22 वर्षीय आयुष वर्मा बेहतर भविष्य की तलाश में कुछ समय पहले फ्रांस गया था। जानकारी के मुताबिक, आयुष फ्रांस के मार्सिले (Marseille) इलाके में समुद्र किनारे नहाने गया था।
इसी दौरान समुद्र में उठीं तेज लहरों के कारण वह गहरे पानी में चला गया और डूबने लगा। उसे तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया, लेकिन तमाम कोशिशों के बावजूद 25 अक्टूबर को इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।
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बताया जा रहा है कि आयुष का परिवार आर्थिक रूप से बेहद कमजोर है। ऐसे में बेटे का पार्थिव शरीर भारत लाने का खर्च उठाना परिवार के लिए बड़ी चुनौती बन गया है।
पेरिस के पास बॉबिग्नी में जालंधर के नरिंदर कुमार की मौत
दूसरा दुखद मामला जालंधर के रुड़का कलां से जुड़ा है। यहां के रहने वाले 42 वर्षीय नरिंदर कुमार की फ्रांस के बॉबिग्नी (Bobigny) इलाके में संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई।
यह घटना 23 और 24 अक्टूबर की दरमियानी रात की बताई जा रही है। नरिंदर की मौत के कारणों का अभी स्पष्ट खुलासा नहीं हुआ है। स्थानीय पुलिस मामले की जांच कर रही है।
दोनों शव भारत लाने के लिए आर्थिक मदद की अपील
दोनों पंजाबी युवकों के पार्थिव शरीरों को फ्रांस से पंजाब लाने के लिए सामाजिक संस्था 'ऑर्डोन' (Ordon) के संचालक इकबाल सिंह भट्टी और पीड़ित परिवारों की ओर से मदद की अपील की जा रही है।
संस्था ने विदेशों में रहने वाले पंजाबी समुदाय, सामाजिक संगठनों और दानवीरों से अपील की है कि वे आगे आकर परिवारों की आर्थिक सहायता करें। इस राशि का इस्तेमाल जरूरी कागजी कार्रवाई और पार्थिव शरीरों को भारत पहुंचाने के ट्रांसपोर्टेशन खर्च के लिए किया जाएगा।
दो परिवार अपने बेटों और अपनों के अंतिम दर्शन के इंतजार में हैं। ऐसे मुश्किल समय में आर्थिक सहयोग इन परिवारों के लिए बड़ी राहत साबित हो सकता है।