Friday, 21 August 2026
पंजाब
GST News: GST विभाग की बड़ी कार्रवाई, 1 करोड़ बकाया न चुकाने पर कारोबारी की संपत्ति को नीलाम करने के आदेश
डेली संवाद, मोगा। GST News: पंजाब (Punjab) के मोगा (Moga) में जीएसटी (GST) विभाग ने सरकारी बकाया राशि की वसूली के लिए बड़ी कार्रवाई की है। एक करोड़ रुपये से अधिक का GST बकाया नहीं चुकाने पर विभाग ने एक व्यापारी की संपत्ति को अटैच कर लिया है। अब इस संपत्ति की 24 अगस्त 2026 को नीलामी की जाएगी।
मोगा (Moga) स्थित जीएसटी (GST) कार्यालय की ओर से जारी कार्रवाई के तहत बाघापुराना तहसील के गांव कालेके में स्थित 20 मरले जमीन को नीलामी के लिए रखा गया है। विभाग के अधिकारियों के मुताबिक, यह जमीन जेएमसी कंस्ट्रक्शन कंपनी से संबंधित व्यापारी की है।
एक करोड़ से ज्यादा GST बकाया
सहायक आयुक्त राज्य कर मनु गर्ग और राज्य कर अधिकारी चमन लाल ने बताया कि जेएमसी कंस्ट्रक्शन कंपनी पर जीएसटी विभाग की एक करोड़ रुपये से अधिक की राशि बकाया है। विभाग को संबंधित व्यापारी की गांव कालेके में जमीन होने की जानकारी मिली थी।
इसके बाद जीएसटी विभाग ने बकाया राशि की वसूली के लिए जमीन को अटैच कर लिया। अब नियमानुसार इस संपत्ति की नीलामी कर बकाया सरकारी राशि की वसूली की जाएगी।
20 मरले जमीन की नीलामी
जीएसटी विभाग के अनुसार, गांव कालेके की 20 मरले जमीन की नीलामी 24 अगस्त को की जाएगी। विभाग ने इच्छुक लोगों से नीलामी में भाग लेने की अपील की है।
अधिकारियों ने बताया कि GST की बकाया राशि की वसूली के लिए विभाग नियमानुसार संपत्ति और अन्य परिसंपत्तियों के खिलाफ कार्रवाई कर सकता है।
GST बकाया नहीं चुकाने पर अटैच
ACST मनु गर्ग ने व्यापारियों को समय पर GST और अन्य सरकारी बकाया राशि का भुगतान करने की अपील की है। उन्होंने कहा कि यदि कोई व्यक्ति या कारोबारी सरकार का GST बकाया नहीं चुकाता है तो नियमानुसार संपत्ति और बैंक खाते अटैच किए जा सकते हैं।
विभाग ने व्यापारियों को समय पर टैक्स जमा करने की सलाह देते हुए कहा कि इससे भविष्य में होने वाली कार्रवाई से बचा जा सकता है।
GST जमा करने की अपील
जीएसटी विभाग ने व्यापारिक संस्थानों और कारोबारियों से अपील की है कि वे अपने टैक्स संबंधी दायित्वों को समय पर पूरा करें। अधिकारियों ने कहा कि बकाया राशि लंबे समय तक जमा नहीं करने पर विभाग की ओर से वसूली की कार्रवाई की जा सकती है।
मोगा में GST विभाग की यह कार्रवाई उन कारोबारियों के लिए भी संदेश है जो लंबे समय से सरकारी टैक्स बकाया का भुगतान नहीं कर रहे हैं। अब विभाग की नजर बकाया राशि की वसूली के लिए अन्य संपत्तियों पर भी हो सकती है।