Friday, 19 December 2025
हरियाणा
GST Scam: जीएसटी टीम की बड़ी कार्रवाई, 118 करोड़ का फर्जी बिल पकड़ा, सरिया कारोबारी गिरफ्तार, लुधियाना-जालंधर में हड़कंप
डेली संवाद, मंडी गोबिंदगढ़/सोनीपत/लुधियाना/जालंधर।
GST Scam News Update: जीएसटी घोटाले का पर्दफाश हुआ है। इस घोटाले में पंजाब, हरियाणा, हिमाचल और दिल्ली की कई फर्मों का नाम सामने आया है। करीब 118 करोड़ रुपए का जीएसटी स्कैम (GST Scam) पकड़ में आया है। इसमें सैंट्रल जीएसटी की टीम ने सोनीपत की एक कंपनी के मालिक को गिरफ्तार किया है। जबकि कईय़ों की खोजबीन की जी रही है।
जानकारी के मुताबिक केंद्रीय जीएसटी (GST) आयुक्त कार्यालय ने 118 करोड़ रुपये के बड़े
जीएसटी (GST)
घोटाले का खुलासा करते हुए सोनीपत (Sonipat) स्थित एक कंपनी के प्रमोटर पावेल गर्ग को गिरफ्तार किया है। इस घोटाले में पंजाब के मंडी गोबिंदगढ़, लुधियाना और जालंधर की कुछ कंपनियां शामिल हैं। सैंट्रल जीएसटी की टीम लुधियाना और जालंधर की संदिग्ध फर्मों की जांच कर रही है।
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GST Raid[/caption]
CGST Punjab Office[/caption]
GST News[/caption]
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फर्जी कंपनियों और नकली इनवॉइस
जांच एजेंसियों के अनुसार आरोपी ने फर्जी कंपनियों और नकली इनवॉइस के माध्यम से सरकार को भारी राजस्व नुकसान पहुंचाया। यह मामला हाल के वर्षों में सामने आए बड़े जीएसटी घोटालों में से एक माना जा रहा है। इससे पहले सैंट्रल जीएसटी ने लुधियाना में कुछ लोगों को गिरफ्तार किया था, जबकि जालंधर के एक सरिया कारोबारी को पूछताछ के बाद छोड़ा गया था।यह भी पढ़ें: रिची ट्रैवल पर ED ने मारा छापा, लाखों रुपए लेकर डंकी रूट से भेजते थे अमेरिका
सूत्रों के मुताबिक, केंद्रीय जीएसटी विभाग को लंबे समय से कुछ संदिग्ध लेन-देन और इनपुट टैक्स क्रेडिट (आईटीसी) के दुरुपयोग की शिकायतें मिल रही थीं। जांच के दौरान यह सामने आया कि पावेल गर्ग ने कई फर्जी फर्मों का नेटवर्क खड़ा किया था। इन फर्मों के जरिए बिना किसी वास्तविक माल की खरीद-बिक्री के केवल कागजों पर इनवॉइस जारी किए गए, ताकि अवैध रूप से इनपुट टैक्स क्रेडिट का लाभ उठाया जा सके। [caption id="attachment_80194" align="aligncenter" width="1200"]
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118 करोड़ रुपये की टैक्स चोरी
जांच अधिकारियों ने बताया कि आरोपी ने योजनाबद्ध तरीके से फर्जी दस्तावेज तैयार किए और जीएसटी नियमों का उल्लंघन करते हुए करोड़ों रुपये का टैक्स हड़प लिया। प्रारंभिक जांच में करीब 118 करोड़ रुपये की टैक्स चोरी का खुलासा हुआ है, हालांकि विभाग को आशंका है कि आगे की जांच में यह राशि और बढ़ सकती है। केंद्रीय जीएसटी आयुक्त कार्यालय की टीम ने गहन जांच और पर्याप्त सबूत जुटाने के बाद पावेल गर्ग को गिरफ्तार किया। गिरफ्तारी के बाद आरोपी को सोनीपत के ड्यूटी मजिस्ट्रेट के समक्ष पेश किया गया। न्यायालय ने मामले की गंभीरता को देखते हुए पावेल गर्ग को न्यायिक हिरासत में भेजने के आदेश दिए।संदिग्धों की पहचान करने में जुटी टीम
अधिकारियों का कहना है कि यह घोटाला केवल एक व्यक्ति तक सीमित नहीं हो सकता। जांच के दायरे में कई अन्य लोग और कंपनियां भी आ सकती हैं, जिन्होंने फर्जी इनवॉइस जारी करने या इस नेटवर्क को संचालित करने में भूमिका निभाई हो। विभाग अब आरोपी से पूछताछ के आधार पर अन्य संदिग्धों की पहचान करने में जुटा है। जीएसटी विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि फर्जी इनवॉइस और बोगस फर्मों के जरिए टैक्स चोरी देशभर में एक बड़ी चुनौती बन चुकी है। ऐसे मामलों से न केवल सरकारी राजस्व को नुकसान होता है, बल्कि ईमानदार करदाताओं पर भी अतिरिक्त बोझ पड़ता है। अधिकारी ने कहा कि सरकार टैक्स चोरी के खिलाफ ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति अपना रही है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा रही है। [caption id="attachment_73918" align="aligncenter" width="1200"]
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