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Saturday, 24 October 2026

GST Scam: पंजाब के GST घोटाले में बड़ा खुलासा! लुधियाना के कारोबारियों तक पहुंची जांच टीम, मंडी गोबिंदगढ़ से लेकर दुबई तक बोगस बिलिंग के तार

GST Scam: पंजाब के GST घोटाले में बड़ा खुलासा! लुधियाना के कारोबारियों तक पहुंची जांच टीम, मंडी गोबिंदगढ़ से लेकर दुबई तक बोगस बिलिंग के तार

डेली संवाद, लुधियाना/दुबई। GST Scam: पंजाब में GST चोरी और बोगस बिलिंग का मामला एक बार फिर चर्चा में है। डायरेक्टरेट जनरल ऑफ GST इंटेलिजेंस (DGGI) की लुधियाना टीम ने पंचशील विहार स्थित एक आवासीय परिसर में छापेमारी की। इसके बाद सारंग थापर, रिशु गुप्ता और विनय गुप्ता समेत कुछ अन्य लोगों से घंटों पूछताछ हुई है।

पंजाब में करोड़ों रुपए का फर्जी बिलिंग का स्कैम चल रहा है। फर्जी बिलिंग, हवाला, ओवर-इनवॉयसिंग और विदेशों से जुड़े कारोबार की जांच को लेकर सवाल उठ रहे हैं। पंजाब में लुधियाना, मंडी गोबिंदगढ़ और जालंधर में बड़े पैमाने पर जीएसटी की बोगस बिलिंग हो रही है। इसे बड़े स्तर पर सीए और कई कारोबारी व ट्रांसपोर्टर जुड़े हैं।

गुप्ता बंधुओं तक पहुंची जांच की आंच?

सारंग थापर से जुड़े बोगस बिलिंग प्रकरण में जांच का दायरा बढ़ गया है। सैंट्रल जीएसटी और स्टेट जीएसटी की टीम रिशु गुप्ता और विनय गुप्ता के ठिकानों पर भी जांच कर रही है।

जांच का अहम पहलू यह पता लगाना हो सकता है कि बिलिंग नेटवर्क में किन कारोबारियों, कंपनियों और अन्य संस्थाओं की भूमिका रही है। इसके बाद लुधियाना के कारोबारी जगत में हलचल तेज हो गई है। सवाल उठ रहे हैं कि क्या जांच केवल फर्जी जीएसटी बिलिंग तक सीमित रहेगी या दुबई से जुड़े कथित विदेशी लेन-देन और निर्यात संबंधी वित्तीय अनियमितताओं की परतें भी खुलेंगी?

GST Scam
GST Scam

जांच के दायरे में थे कारोबारी?

सूत्रों का दावा है कि दोनों भाई पिछले कुछ समय से दुबई में रह रहे थे और दो-तीन दिन पहले ही लुधियाना लौटे थे। इसके बाद पंचशील विहार में कार्रवाई किए जाने की बात कही जा रही है। हालांकि, विदेश प्रवास के कारणों, कारोबारियों की गतिविधियों और कार्रवाई के बीच संबंध की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।

यह भी पढ़ें: जालंधर के 66 फुटी रोड पर सट्टेबाजी का 'उत्तम' खेल, सट्टा किंग RK के खिलाफ ED में शिकायत

जांच का एक महत्वपूर्ण पहलू यह भी हो सकता है कि जीएसटी रिकॉर्ड, बैंक खातों और विदेशी व्यापार से जुड़े दस्तावेजों का आपस में मिलान किया जाए। इससे कथित बिलिंग नेटवर्क की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकती है।

लुधियाना से दुबई तक कथित कनेक्शन की चर्चा

इस पूरे प्रकरण का तार दुबई से जुड़ रहा है। इन कारोबारी लेन-देन और बोगस बिलिंग नेटवर्क दुबई में रिएल स्टेट में अपना पैसा खपा रहा है। जांच में विदेशी कारोबार, वित्तीय लेन-देन और दस्तावेजों की बात सामने आई है। जीएसटी विभाग यह पता लगा रहा है कि ये पैसा दुबई के किन प्रोजैक्ट्स में लगाए गए हैं।

जांच एजेंसियां यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि बिलों में दिखाई गई वस्तुओं या सेवाओं की वास्तविक आपूर्ति हुई थी या नहीं। इसके साथ ही, निर्यात से जुड़े दस्तावेजों, बैंकिंग रिकॉर्ड और कंपनियों के बीच हुए लेन-देन का मिलान भी किया जा रहा है।

8 करोड़ रुपये की बिलिंग और निर्यात

करीब आठ करोड़ रुपये की बिलिंग और दुबई भेजे गए माल के मूल्य को लेकर जांच की चर्चा है। बताया गया है कि कुछ निर्यात संबंधी दस्तावेजों में माल की कीमत और वास्तविक मूल्य के बीच अंतर होने की आशंका जताई गई है। हालांकि, इन आंकड़ों की आधिकारिक पुष्टि और किसी कथित कर चोरी की वास्तविक राशि का निर्धारण जांच के बाद ही हो सकता है।

ऐसे मामलों में यह देखना महत्वपूर्ण होता है कि बिलों में दिखाई गई वस्तुओं की वास्तविक आपूर्ति हुई या नहीं, निर्यात के दस्तावेज सही हैं या नहीं और संबंधित कंपनियों ने जीएसटी नियमों का पालन किया या नहीं।

गुप्ता बंधुओं तक बढ़ रहा जांच का दायरा

जानकारी के मुताबिक सारंग थापर से जुड़े बोगस बिलिंग प्रकरण के साथ रिशु गुप्ता और विनय गुप्ता के नाम सामने आए हैं। सूत्र बता रहे हैं कि अगस्त में के.के. गर्ग और उनके बेटों के खिलाफ कथित बोगस बिलिंग मामले में भी कार्रवाई की जानकारी सामने आई थी।

इसके बाद सितंबर में शरमन जी और अन्य कारोबारियों से जुड़े कथित वित्तीय मामलों को लेकर भी रिपोर्टें प्रकाशित हुई थीं। अभिषेक जैन, सिधांस जैन तथा अन्य फर्मों के नाम का उल्लेख भी पुराने मामलों की रिपोर्टिंग में किया गया है।

यही नहीं, लुधियाना की इस कार्रवाई के बाद मंडी गोबिंदढ़ और जालंधर में हलचल देखने को मिल रही है। मंडी गोबिंदगढ़ के कई कारोबारियों ने अपना रिकार्ड नष्ट कर दिया है। जबकि जालंधर के 120 फुटी रोड और काला संघिया रोड पर दो कारोबारी भी इसकी जद में है।

DGGI की जांच पर टिकी नजरें

इस पूरे मामले में अब सबसे महत्वपूर्ण सवाल यह है कि जांच एजेंसियों को दस्तावेजों, बैंक खातों और कारोबारी लेन-देन की पड़ताल में क्या तथ्य मिलते हैं। यदि कथित फर्जी बिलिंग या कर चोरी के सबूत सामने आते हैं, तो संबंधित कानूनों के तहत आगे की कार्रवाई हो सकती है।

इस मामले में अभी तक रिशु गुप्ता, विनय गुप्ता या सारंग थापर का पक्ष आना बाकी है। अगर ये कारोबारी अपना पक्ष रखना चाहते हैं तो डेली संवाद को 9888190945 पर अपना पक्ष लिखित में WhatsApp कर सकते हैं। हम उसे प्रमुखता से प्रकाशित करेंगे।