Wednesday, 28 October 2026
उत्तराखंड
Haridwar News: पंजाब की तीर्थयात्रा वाली बसें उत्तराखंड में सीज, मंत्री उनियाल और दलेर मेहंदी के विवाद के बाद उत्तराखंड सरकार की बड़ी कार्ऱवाई
डेली संवाद, हरिद्वार। Haridwar News: उत्तराखंड के मंत्री सुबोध उनियाल और गायक दलेर मेहंदी के बीच विवाद के बीच पंजाब सरकार की तीर्थयात्रा योजना के तहत चलने वाली बसों की चेकिंग तेज हो गई है। हरिद्वार परिवहन विभाग की जांच में कई बसों में परमिट, टैक्स और यात्री सुरक्षा से जुड़ी खामियां सामने आने की बात कही गई है। ॉ
विभाग के अनुसार, तीन बसों को जरूरी दस्तावेजों और सुरक्षा मानकों में कमी के कारण इंपाउंड किया गया, जबकि पांच बसों के चालान काटे गए। इससे पंजाब से लेकर उत्तराखंड तक सियासत भी गरमा गई है।
हरिद्वार में पंजाब की बसों की चेकिंग तेज
हरिद्वार परिवहन विभाग के मुताबिक, पंजाब सरकार की तीर्थयात्रा योजना के तहत हर दिन करीब 10 बसें हरिद्वार आती हैं। जांच अभियान के दौरान बसों के परमिट, टैक्स और तकनीकी स्थिति की पड़ताल की गई।
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विभागीय अधिकारियों के अनुसार, कुछ बसों के पास जरूरी परमिट नहीं थे और टैक्स जमा करने से संबंधित कमियां भी मिलीं। अधिकारियों ने इन खामियों को यात्री सुरक्षा और सरकारी राजस्व से जुड़ा गंभीर मामला बताया है।
बसों में मिलीं ये बड़ी खामियां
1. परमिट और टैक्स से जुड़ी अनियमितताएं
हरिद्वार की एआरटीओ वरुणा सैनी के अनुसार, तीर्थयात्रा योजना के तहत आने वाली कई बसों के दस्तावेजों में कमियां पाई गईं। उन्होंने बताया कि कुछ बसों के पास जरूरी परमिट नहीं थे और टैक्स जमा नहीं किया गया था।
2. बसों की बॉडी में बदलाव का आरोप
मोटर व्हीकल इंस्पेक्टर आनंद वर्द्धन के मुताबिक, कुछ बसों की बॉडी की लंबाई बढ़ाई गई थी, जिससे अतिरिक्त सीटें लगाने की संभावना बनी। उनके अनुसार, बसों के पिछले टायर से पीछे के हिस्से की लंबाई निर्धारित मानकों से अधिक पाई गई।
3. इमरजेंसी एग्जिट की कमी
अधिकारियों ने कुछ बसों में इमरजेंसी एग्जिट डोर और खिड़कियां नहीं होने की बात कही। आपात स्थिति में यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए ऐसे निकास बेहद जरूरी होते हैं।
4. फायर सेफ्टी सिस्टम नहीं मिला
एमवीआई आनंद वर्द्धन के अनुसार, जांच की गई बसों में अग्निशमन प्रणाली नहीं मिली। अधिकारियों ने इसे यात्रियों की सुरक्षा के लिहाज से गंभीर कमी बताया।
5. यात्रियों की सुरक्षा पर चिंता
परिवहन विभाग का कहना है कि बसों की बॉडी में बदलाव और अतिरिक्त सीटें लगाने से सुरक्षा संबंधी जोखिम बढ़ सकते हैं। विभाग ने बस ऑपरेटरों को निर्धारित नियमों का पालन करने की हिदायत दी है।
तीन बसें इंपाउंड, पांच के चालान
परिवहन विभाग के अनुसार, जांच के दौरान तीन बसों को इंपाउंड किया गया और पांच बसों के चालान काटे गए। विभागीय जानकारी में यह भी कहा गया कि सुरक्षा राशि जमा कराने और खामियां दूर करने के लिए समय मांगने के बाद संबंधित बस ऑपरेटरों को चेतावनी देकर बसें ले जाने की अनुमति दी गई।
अधिकारियों ने चेतावनी दी कि यदि बसें दोबारा नियमों का उल्लंघन करती पाई गईं तो उनके खिलाफ और सख्त कार्रवाई की जा सकती है।
सुबोध उनियाल और दलेर मेहंदी के बीच क्या है विवाद?
यह विवाद 18 अक्टूबर को उत्तराखंड के टिहरी में आयोजित सिद्धपीठ मां कुंजापुरी पर्यटन एवं विकास मेले में गायक दलेर मेहंदी की प्रस्तुति के दौरान शुरू हुआ था। कार्यक्रम के बीच उत्तराखंड के कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल मंच पर आए और गायक की प्रस्तुति पर नाराजगी जताई।
मंत्री ने आरोप लगाया था कि गायक ठीक से प्रस्तुति नहीं दे रहे थे और शराब पीकर लोगों को बेवकूफ बना रहे थे। इस घटना के बाद दोनों के बीच विवाद चर्चा में आ गया।
बाद में सुबोध उनियाल ने स्पष्ट किया कि दलेर मेहंदी से माफी मांगने का सवाल ही नहीं उठता और इस संबंध में उनकी किसी से बातचीत नहीं हुई है।
बस ऑपरेटरों और सरकार की जिम्मेदारी पर सवाल
परिवहन विभाग ने कहा है कि तीर्थयात्रियों को ले जाने वाले ऑपरेटरों को सुरक्षा मानकों और दस्तावेजों की सभी शर्तें पूरी करनी चाहिए। यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए बसों के परमिट, टैक्स, तकनीकी फिटनेस और अग्निशमन व्यवस्था की नियमित जांच जरूरी है।