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Friday, 04 September 2026

Haryana IDFC First Bank Scam: तीन IAS अफसर कभी भी हो सकते हैं गिरफ्तार, करोड़ों रुपए का घोटाला आया सामने, ब्यूरोक्रेसी में मचा हड़कंप

Haryana IDFC First Bank Scam: तीन IAS अफसर कभी भी हो सकते हैं गिरफ्तार, करोड़ों रुपए का घोटाला आया सामने, ब्यूरोक्रेसी में मचा हड़कंप

डेली संवाद, पंचकूला। Haryana IDFC First Bank Scam: हरियाणा के विभिन्न सरकारी विभागों और संस्थानों से जुड़े करीब 504 करोड़ रुपये के कथित IDFC First Bank घोटाले में तीन IAS अधिकारियों पर गिरफ्तारी की तलवार लटकने की बात सामने आई है। मामले में IAS डॉ. साकेत कुमार, विनीत गर्ग और मोहम्मद शाइन के खिलाफ CBI द्वारा जांच के दौरान महत्वपूर्ण सबूत जुटाए जाने की बात कही जा रही है।

जांच एजेंसी के अनुसार, इन अधिकारियों पर नियमों को दरकिनार कर IDFC First Bank में सरकारी खातों के संचालन और निर्धारित सीमा से अधिक धनराशि जमा या ट्रांसफर कराने से जुड़े आरोप हैं। हालांकि, आरोपों पर अंतिम फैसला न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही होगा।

अधिक राशि जमा कराने का आरोप

मामले की जांच में सामने आया है कि सरकारी धन को किसी एक बैंक में केंद्रित करने के लिए 50 करोड़ रुपये की सीमा निर्धारित थी। आरोप है कि इसके बावजूद इस सीमा से कहीं अधिक राशि बैंक खातों में जमा कराई गई।

बताया जा रहा है कि धनराशि चंडीगढ़ के सेक्टर-32 स्थित बैंक शाखा से भी संबंधित रही है। CBI इस पूरे मामले में अधिकारियों की भूमिका की जांच कर रही है।

कई अधिकारी पहले से जेल में

इस कथित घोटाले में IAS अधिकारी प्रदीप कुमार, राम कुमार सिंह और पंकज अग्रवाल पहले से ही जेल में बंद बताए जा रहे हैं। अब जांच का दायरा अन्य अधिकारियों तक भी पहुंच गया है।

कानूनी विशेषज्ञों के अनुसार, जिन अधिकारियों को जांच के दौरान गिरफ्तार नहीं किया गया और जिनके खिलाफ चार्जशीट दाखिल हो चुकी है, उन्हें अदालत से जमानत मिलने के मामले में परिस्थितियों के आधार पर राहत मिल सकती है।

विनीत गर्ग पर क्या हैं आरोप?

CBI की जांच के अनुसार, पूर्व IAS अधिकारी विनीत गर्ग की कथित भूमिका हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (HSPCB) के IDFC First Bank में खाते खुलवाने से जुड़ी बताई गई है।

जांच एजेंसी का आरोप है कि वित्त विभाग द्वारा सरकारी धन को एक बैंक में केंद्रित करने के लिए निर्धारित 50 करोड़ रुपये की सीमा के बावजूद बैंक में सरकारी धनराशि केंद्रित करने की प्रक्रिया जारी रही।

मोहम्मद शाइन की भूमिका की भी जांच

CBI ने IAS अधिकारी मोहम्मद शाइन के संबंध में भी आरोप लगाए हैं। जांच एजेंसी के मुताबिक, हरियाणा पावर जेनरेशन कॉरपोरेशन लिमिटेड (HPGCL) के प्रबंध निदेशक के रूप में उनके कार्यकाल के दौरान IDFC First Bank में करीब 50 करोड़ रुपये की राशि जमा कराने में उनकी कथित भूमिका की जांच की जा रही है।

साकेत कुमार पर भी बढ़ सकता है शिकंजा

मामले में IAS डॉ. साकेत कुमार का नाम भी जांच के दायरे में है। CBI द्वारा जुटाए गए साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की संभावना जताई जा रही है।

फिलहाल मामले की जांच और कानूनी प्रक्रिया जारी है। आरोपों की पुष्टि और संबंधित अधिकारियों की जिम्मेदारी का अंतिम निर्धारण अदालत और जांच प्रक्रिया के निष्कर्ष के आधार पर होगा।