Saturday, 06 September 2025
हिमाचल प्रदेश
Himachal Rainfall: हिमाचल में बाढ़ और लैंडस्लाइड का कहर जारी, अब तक 360 लोगों की मौत, 1000 से ज्यादा सड़कें बंद
डेली संवाद, शिमला।
Himachal Rainfall Flood Lansdslide News Update: मूसलाधार बारिश के बीच हिमाचल प्रदेश (Himachal Pradesh) में लैंड स्लाइड (Landslide) का कहर जारी है। हिमाचल में इस मानसूनी सीजन के चलते अब तक 360 लोगों की मौत हो गई।
हिमाचल प्रदेश
(Himachal Pradesh)
राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एसडीएमए) के अनुसार, शुक्रवार शाम तक राज्य भर में 1,087 सड़कें, 2,838 बिजली आपूर्ति लाइनें और 509 जल आपूर्ति योजनाएं बाधित हो गई हैं।
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हिमाचल में फिर लैंडस्लाइड, भरमौर और मणिमहेश में 2,000 से ज्यादा टूरिस्ट फंसे, रेस्क्यू जारी[/caption]
Himachal Weather Rainfall News Update[/caption]
Himachal Weather Rainfall News Update[/caption]
हिमाचल में फिर लैंडस्लाइड, भरमौर और मणिमहेश में 2,000 से ज्यादा टूरिस्ट फंसे, रेस्क्यू जारी[/caption]
360 की मौत
रिपोर्ट के अनुसार, 20 जून, 2025 से अब तक आपदा से मरने वालों की संख्या बढ़कर 360 हो गई है, जिनमें से 197 मौतें बारिश से संबंधित घटनाओं जैसे भूस्खलन, अचानक बाढ़, बादल फटना, डूबना, बिजली गिरना और अन्य मौसम संबंधी दुर्घटनाओं के कारण हुई हैं।426 लोग घायल
एसडीएमए की रिपोर्ट से पता चलता है कि मानसून से उत्पन्न आपदाओं में 426 लोग घायल हुए हैं और 1,440 पशुओं की मौत हुई है, जबकि 47 लोग लापता हैं।यह भी पढ़ें: अमेरिका जाने की तैयारी करने वाले भारतीयों को बड़ा झटका, VISA को लेकर नया आदेश जारी
कुल आर्थिक नुकसान 3,979.52 करोड़ रुपये से अधिक होने का अनुमान है, जिसमें सार्वजनिक और निजी दोनों तरह के बुनियादी ढांचों को भारी नुकसान पहुंचा है। [caption id="attachment_82115" align="aligncenter" width="1200"]
Himachal Weather Rainfall News Update[/caption]
मंडी में ज्यादा हुई मौत
मंडी जिले में वर्षा जनित मौतों की सबसे अधिक संख्या (36) दर्ज की गई, उसके बाद कांगड़ा (31), कुल्लू (20), चंबा (21) और शिमला (21) का स्थान रहा। एसडीएमए ने बताया कि भूस्खलन से 37, अचानक बाढ़ से 9, बादल फटने से 17, डूबने की घटनाओं से 33, बिजली और गिरने से 15-15, और अन्य कारणों से 28 मौतें हुई हैं। एसडीएमए के एक प्रवक्ता ने कहा कि अवरुद्ध सड़कों, क्षतिग्रस्त जलापूर्ति योजनाओं और बाधित बिजली लाइनों की मरम्मत का काम युद्धस्तर पर किया जा रहा है। उन्होंने आगे कहा कि इस मौसम में कृषि, बागवानी और पशुधन को अभूतपूर्व नुकसान हुआ है। [caption id="attachment_80841" align="aligncenter" width="1200"]
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