Thursday, 05 November 2026
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Immigration Rules 2026: सरकार ने इमीग्रेशन नियमों में किया बड़ा बदलाव, गृह मंत्रालय ने जारी किया नया आदेश, भारतीयों पर पड़ेगा असर?
डेली संवाद, नई दिल्ली। Immigration Rules 2026: भारत सरकार ने नेपाल और भूटान की यात्रा करने वाले भारतीय नागरिकों के लिए इमिग्रेशन नियमों में बदलाव किया है। केंद्रीय गृह मंत्रालय ने गुरुवार को 'इमिग्रेशन एंड फॉरेनर्स (एग्जेंप्शन) (अमेंडमेंट) ऑर्डर, 2026' जारी किया है।
इसके तहत भारतीय नागरिकों को नेपाल और भूटान की यात्रा करते समय या वहां से भारत लौटते समय इमिग्रेशन अधिकारियों के सामने निर्धारित पहचान दस्तावेजों में से कोई एक दिखाना होगा।
नए आदेश के मुताबिक, यात्रा के दौरान इमिग्रेशन अधिकारी द्वारा मांगी गई अन्य जानकारी भी उपलब्ध करवानी होगी। यह बदलाव इमिग्रेशन एंड फॉरेनर्स (एग्जेंप्शन) ऑर्डर, 2025 में संशोधन के तहत किया गया है।
नेपाल-भूटान जाने वाले भारतीयों को दिखाना होगा पहचान पत्र
संशोधित नियमों के अनुसार, नेपाल या भूटान जाने वाले और वहां से भारत लौटने वाले भारतीय नागरिकों को इमिग्रेशन अधिकारी के सामने वीजा मैनुअल में निर्धारित पहचान दस्तावेजों में से कोई एक प्रस्तुत करना होगा।
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इसके अलावा, अधिकारियों की ओर से मांगी गई जानकारी देना भी जरूरी होगा। यानी नेपाल और भूटान की यात्रा करने वाले भारतीय नागरिकों को अब निर्धारित पहचान दस्तावेज साथ रखने होंगे।
तीसरे देश से आने-जाने वालों को नहीं मिलेगी छूट
गृह मंत्रालय के नए आदेश में स्पष्ट किया गया है कि यह छूट उन भारतीय नागरिकों पर लागू नहीं होगी, जो नेपाल या भूटान के अलावा किसी अन्य देश से भारत-नेपाल या भारत-भूटान सीमा के रास्ते भारत में प्रवेश कर रहे हैं या बाहर जा रहे हैं।
ऐसे यात्रियों के पास वैध पासपोर्ट होना अनिवार्य होगा। साथ ही, भारत में प्रवेश करने या देश से बाहर जाने के लिए उन्हें केवल निर्धारित इमिग्रेशन पोस्ट का इस्तेमाल करना होगा।
नेपाल और भूटान के नागरिकों के लिए भी बदले नियम
नए आदेश के तहत नेपाल और भूटान के नागरिकों को भी भारत में प्रवेश करते समय या भारत से बाहर जाते समय इमिग्रेशन अधिकारियों के सामने निर्धारित पहचान दस्तावेज दिखाने होंगे। इसके साथ ही अधिकारियों द्वारा मांगी गई जानकारी भी देनी होगी।
हालांकि, यह छूट उन नेपाली और भूटानी नागरिकों को नहीं मिलेगी, जो नेपाल या भूटान के अलावा किसी अन्य देश से भारत आ रहे हैं या वहां जा रहे हैं।
इसके अलावा चीन, मकाऊ, हांगकांग या पाकिस्तान से उड़ान भरकर आने वाले या इन स्थानों से होकर यात्रा करने वाले नागरिकों पर भी यह छूट लागू नहीं होगी। ऐसे मामलों में वैध पासपोर्ट और वीजा दोनों जरूरी होंगे।
इन लोगों को पासपोर्ट और वीजा की अनिवार्यता से छूट
गृह मंत्रालय के संशोधित आदेश में कुछ विशेष श्रेणियों के लोगों को भारत में प्रवेश करने, रहने या देश से बाहर जाने के लिए वैध पासपोर्ट और वीजा रखने की अनिवार्यता से छूट दी गई है।
इनमें शामिल हैं:
1. भारतीय सेना के जवान: भारतीय थल सेना, नौसेना और वायु सेना के वे सदस्य जो आधिकारिक ड्यूटी पर भारत आ रहे हैं या देश से बाहर जा रहे हैं। सरकारी परिवहन से उनके साथ यात्रा करने वाले परिवार के सदस्य भी इसमें शामिल हैं।
2. पंजीकृत श्रीलंकाई तमिल नागरिक: वे श्रीलंकाई तमिल नागरिक जिन्होंने 9 जनवरी 2015 को या उससे पहले भारत में शरण ली थी और जिनका पंजीकरण केंद्र या राज्य सरकार द्वारा नियुक्त अधिकारी के पास है।
3. विदेशी सैन्य जहाजों के चालक दल: सैन्य जहाजों और गैर-व्यावसायिक उद्देश्यों के लिए इस्तेमाल होने वाले अन्य सरकारी जहाजों के विदेशी चालक दल के सदस्य, जो मरम्मत के लिए भारत आते हैं। उनके पास निर्धारित इमिग्रेशन चौकी से जारी सैन्य जहाज मरम्मत परमिट और वैध सैन्य पहचान दस्तावेज होना जरूरी है।
यात्रियों के लिए जरूरी है नए नियमों की जानकारी
गृह मंत्रालय के इस संशोधन का उद्देश्य भारत में प्रवेश और बाहर जाने की इमिग्रेशन प्रक्रिया को निर्धारित नियमों के तहत संचालित करना है। नेपाल और भूटान की यात्रा करने वाले भारतीय नागरिकों के साथ-साथ इन देशों के नागरिकों को भी यात्रा से पहले नए नियमों और जरूरी दस्तावेजों की जानकारी रखना जरूरी होगा।