Saturday, 26 September 2026
पंजाब
Jalandhar News: जालंधर में AAP पार्षद मनमोहन सिंह राजू और बेटे सुमित सिंह पर जमीन रजिस्ट्री में धोखाधड़ी के आरोप, NRI की मौत के बाद 5 दिन में करवा डाली 11 रजिस्ट्रियां
डेली संवाद, जालंधर। Jalandhar News: जालंधर में आम आदमी पार्टी (AAP) के वार्ड-20 के पार्षद मनमोहन सिंह राजू और उनके दोनों बेटे सुमित सिंह और जसमीत सिंह (शुभम) पर एक एनआरआई की मौत के बाद उसकी जमीन की रजिस्ट्री कराने का आरोप लगा है। यह आरोप जिला कांग्रेस कमेटी के वरिष्ठ उपाध्यक्ष दीनानाथ प्रधान ने लगाया है।
जिला कांग्रेस कमेटी के वरिष्ठ उपाध्यक्ष दीनानाथ प्रधान ने शनिवार को प्रेस क्लब में प्रेस कांफ्रेंस करते हुए आरोप लगाया है कि अमेरिका निवासी NRI दलमिंदर सिंह मिन्हास की मौत के बाद उसकी पावर ऑफ अटॉर्नी का इस्तेमाल कर पार्षद मनमोहन सिंह राजू और उनके दोनों बेटों ने करीब 43 मरला जमीन की 11 सेल डीड (रजिस्ट्री) कराई गईं।
मृतक की पावर आफ अटार्नी पर रजिस्ट्री
दीनानाथ प्रधान ने बताया कि लद्देवाली में कृष्णा स्वीट के पीछे करीब 40 मरला जमीन से संबंधित एक पावर ऑफ अटॉर्नी अमेरिका निवासी दलमिंदर सिंह मिन्हास ने सुमित सिंह के नाम जारी की थी।
शिकायतकर्ता दीनानाथ प्रधान ने बताया कि पावर आफ अटार्नी देने वाले दलमिंदर सिंह मिन्हास की अमेरिका में मौत हो गई। इस संबंध में 1 सितंबर 2026 को उसके भाई ने अपने फेसबुक पेज पर दलमिंदर सिंह मिन्हास की मौत की खबर शोक संदेश के साथ पोस्ट की। इसके बाद 4 सितंबर को अंतिम अरदास और भोग की वीडियो उनके फेसबुक पेज पर लाइव चला।

मौत के बाद 11 रजिस्ट्री कर डाली
हैरानी की बात तो यह है कि जिस दिन यानी 1 सितंबर 2026 को दलमिंदर सिंह मिन्हास की मौत की खबर सामने आई, उसी दिन से पार्षद मनमोहन सिंह राजू के बेटे सुमित सिंह ने उक्त 40 मरले जमीन की रजिस्ट्री करना शुरू कर दिया। जबकि कानूनन मौत के बाद पावर आफ अटार्नी स्वता खारिज हो जाती है और संबंधित व्यक्ति किसी को रजिस्ट्री नहीं कर सकता है।
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दीनानाथ प्रधान ने बताया कि दलमिंदर सिंह मिन्हास की मौत के बाद भी 1 सितंबर 2026 से लेकर 15 सितंबर तक अलग-अलग तारीखों में कुल 11 सेल डीड (रजिस्ट्री) कराई गईं। सबसे हैरान करने वाली बात तो यह रही कि पार्षद मनमोहन सिंह राजू के बेटे सुमित सिंह जहां रजिस्ट्री करता है, वहीं उसका भाई जसमीत सिंह उर्फ शुभम गवाह बन जाता है।
इस दिन करवाई गई रजिस्ट्री
1 सितंबर 2026 को तरनदीप कौर पत्नी पवित्र सिंह निवासी मोता सिंह नगर के नाम पर 3 मरला 229 स्क्वायर फुट जमीन की रजिस्ट्री की गई।
2 सितंबर 2026 को मनीषा पत्नी संजीव कुमार निवासी सतनाम नगर के नाम पर 3 मरला 164 वर्ग फुट जमीन की रजिस्ट्री सुमित सिंह ने की, जबकि इसका गवाह पार्षद का दूसरा बेटा जसमीत सिंह उर्फ शुभम बन गया।
2 सितंबर को ही मनीषा पत्नी संजीव कुमार के नाम से दूसरी रजिस्ट्री भी हुई, जो 4 मरला 79 वर्ग फुट जमीन की है, इसमें भी गवाह पार्षद का बेटा जसमीत सिंह शुभम ही है।
2 सितंबर को ही ज्योति पत्नी राजकुमार निवासी अवतार नगर चौगिट्टी के नाम पर 4 मरला 232 वर्ग फुट जमीन की रजिस्ट्री की गई
2 सितंबर को ही डोली शर्मा पत्नी राजीव शर्मा निवासी दीन दयाल उपाध्याय नगर के नाम पर 4 मरला 78 वर्ग फुट जमीन की रजिस्ट्री की गई।2 सितंबर को बलविंदर कौर पत्नी लखबीर सिंह निवासी पीएपी गेट नंबर-4 के नाम पर 7 मरला 228 वर्ग फुट जमीन की रजिस्ट्री की गई है।
2 सितंबर को ही मनीष कुमार पुत्र राजकुमार निवासी अवतार नगर चौगिट्टी के नाम पर 3 मरला 234 वर्ग फुट जमीन की रजिस्ट्री की गई।
2 सितंबर को ही सन्नी व तमन्ना पुत्र व पुत्री शिवराज निवासी पंजाब एवेन्यू लद्देवाली के नाम पर 4 मरला 9 वर्ग फुट जमीन की रजिस्ट्री की गई।
3 सितंबर को मुश्ताक आलम निवासी दशमेश नगर लद्देवाली के नाम पर 2 मरला 86 वर्ग फुट जमीन की रजिस्ट्री की गई।
8 सितंबर को जेसिका शर्मा पत्नी विपन कुमार निवासी सूर्या एंक्लेव के नाम पर 3 मरला 235 वर्ग फुट जमीन की रजिस्ट्री की गई।
15 सितंबर 2026 को ज्योति सैनी पत्नी हरमिंदर सैनी निवासी करोल बाग के नाम पर 4 मरला 78 वर्ग फुट की रजिस्ट्री की गई।

40 मरले की पावर आफ अटार्नी पर 43 मरले की रजिस्ट्री
पार्षद मनमोहन सिंह राजू के बेटे सुमित सिंह ने मृतक दलमिंदर सिंह मिन्हास की पावर आफ अटार्नी के नाम पर करीब 43 मरला 469 वर्ग फुट जमीन की रजिस्ट्री कर डाली। जबकि पावर आफ अटार्नी उन्हें 40 मरले की मिली हुई थी। सबसे हैरानी की बात तो यह है कि इसमें गवाह पार्षद छोटे बेटे जसमीत सिंह और संजीव कुमार ही हैं। संजीव कुमार वहीं है, जिसकी पत्नी के नाम पर दो अलग अलग रजिस्ट्री हुई है।
दीनानाथ प्रधान ने कहा है कि इस मामले में जालंधर के डिप्टी कमिश्नर, पुलिस कमिश्नर, पंजाब विजीलैंस ब्यूरो, मुख्यमंत्री दफ्तर, इनकम टैक्स दफ्तर और ईडी को शिकायत करेंगे। क्योंकि इसमें लाखों रुपए के सौदेबाजी शामिल है। वहीं, इस संबंध में अभी तक पार्षद मनमोहन सिंह राजू और उनके बेटे की प्रतिक्रिया नहीं आई है। उनकी प्रतिक्रिया सामने आते ही उसे भी प्रकाशित किया जाएगा।