Sunday, 15 March 2026
जालंधर
Jalandhar News: थाना भार्गव कैंप में बवाल, दो पक्षों के बीच जमकर मारपीट; जाने पूरा मामला
डेली संवाद, जालंधर।
Jalandhar: पंजाब के जालंधर के थाना भारगो कैंप (Bhargo Camp) क्षेत्र में एक युवक की पिटाई को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। दयोल नगर इलाके में रविवार शाम करीब 7 बजे हुई इस घटना में लकड़ी उठाने के आरोप में कुछ लोगों ने युवक को पीट दिया। बाद में मामला थाना भारगो कैंप पहुंच गया, जहां दोनों पक्षों के बीच तीखी बहस और आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू हो गया। पुलिस ने फिलहाल दोनों पक्षों के बयान दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
जानकारी के अनुसार घटना दयोल नगर इलाके में स्थित बूटा मंडी के पास की बताई जा रही है। Satish Kumar Khosla ने बताया कि वह फाइनेंस का काम करते हैं। उनके पास काम करने वाले इंद्रजीत ने उन्हें सूचना दी कि उसके साले जोबन को कुछ लोगों ने बुरी तरह पीट दिया है।
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थाने में एक-दूसरे को थप्पड़-मुक्के मार हाथापाई होते दो पक्ष।[/caption]
थाने में एक-दूसरे को थप्पड़-मुक्के मार हाथापाई होते दो पक्ष।[/caption]
चोरी का आरोप लगाते हुए मारपीट शुरू कर दी
इंद्रजीत के अनुसार उसका साला जोबन बूटा मंडी में शेरू पंजाबी ढाबा के पास से गुजर रहा था। इस दौरान ढाबे के बाहर रखी एक टेबल की लकड़ी उसने उठा ली और वहां आग सेंकने की कोशिश करने लगा। इसी बात को लेकर ढाबा संचालक और वहां मौजूद कुछ कर्मचारियों ने उस पर चोरी का आरोप लगाते हुए मारपीट शुरू कर दी। परिजनों का आरोप है कि मारपीट के दौरान युवक की बाजू तीन जगह से टूट गई। इसके बाद मामले की शिकायत पुलिस को दी गई और पुलिस युवक को थाने ले आई।यह भी पढ़ें: Japnoor Travels के सतनाम सिंह पर 45 लाख रुपए ठगी का आरोप, किसानों ने दफ्तर घेरा
जब पीड़ित परिवार मदद के लिए सतीश कुमार खोसला के पास पहुंचा तो वह भी उनके साथ जालंधर (Jalandhar) थाना भारगो कैंप पहुंचे। सतीश कुमार का आरोप है कि जब वे थाने में पहुंचे तो ढाबा संचालक और उसके साथ मौजूद लोगों ने पुलिस की मौजूदगी में उनके साथ भी बदसलूकी की और मारपीट की। उन्होंने आरोप लगाया कि इस दौरान उनके गले में पहनी सोने की चेन भी तोड़ दी गई। उन्होंने इस संबंध में थाना पुलिस को लिखित शिकायत दी है।5-10 कर्मचारियों ने उसे बेरहमी से पीटा
सतीश कुमार ने घटना के बारे में तीन अहम बातें बताते हुए कहा कि इंद्रजीत का साला आग सेंकने के लिए लकड़ी जलाने की कोशिश कर रहा था, जिस पर ढाबे के 5-10 कर्मचारियों ने उसे बेरहमी से पीट दिया। उनका दावा है कि पहले पुलिस ने दोनों पक्षों के बीच राजीनामा करवा दिया था, लेकिन बाद में दबाव के चलते युवक को दोबारा उठा लिया गया। इस दौरान उसकी मां भी नंगे पैर थाने तक दौड़ती हुई पहुंची। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि जब वह समाज सेवक के तौर पर पीड़ित परिवार की मदद के लिए थाने पहुंचे और एक पुलिसकर्मी से घटना के बारे में पूछा तो वहां मौजूद कुछ लोगों ने उनके साथ बदतमीजी की। उनका कहना है कि अचानक उन पर हमला किया गया और उन्हें जान से मारने की धमकी भी दी गई। सतीश कुमार ने मांग की है कि घायल युवक का सही तरीके से मेडिकल कराया जाए और आरोपियों के खिलाफ कड़ी धाराओं में मामला दर्ज किया जाए। उनका कहना है कि युवक की पसलियों और सिर में गंभीर चोटें आई हैं, इसलिए मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। वहीं दूसरी ओर दूसरे पक्ष के एक व्यक्ति ने अपना नाम न बताने की शर्त पर आरोपों को झूठा बताया है। उसका कहना है कि उन्होंने अपने घर का दरवाजा उखाड़कर बाहर रखा हुआ था और आरोपी युवक उसे तोड़ने लगा था। जब उसे रोका गया तो उसने कहा कि उसे किसी को पीटने के लिए लकड़ी चाहिए।