Wednesday, 09 September 2026
पंजाब
Jalandhar News: जालंधर कैंट हलके में कट गई अवैध कालोनी, पार्षद ने की शिकायत, डिप्टी मेयर बोले- कालोनाइजर पर FIR दर्ज होगी
डेली संवाद, जालंधर कैंट। Jalandhar News: जालंधर कैंट के दीप नगर-रहमानपुर रोड पर सेंट जोसेफ स्कूल के पास करीब 5 एकड़ कृषि भूमि पर अवैध कॉलोनी विकसित किए जाने का मामला सामने आया है। इस संबंध में अधिकारियों को लिखित शिकायत देकर मामले की निष्पक्ष जांच और नियमों के मुताबिक कार्रवाई की मांग की है।
शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया है कि संबंधित कृषि भूमि का चेंज ऑफ लैंड यूज (CLU) करवाए बिना ही कॉलोनी विकसित करने का काम शुरू कर दिया गया। शिकायत में मौके पर सड़कें निकालने और प्लॉट काटे जाने का भी दावा किया गया है।
3.50 लाख रुपये तक प्लॉट बेचने का दावा
शिकायत में दावा किया गया है कि अवैध कॉलोनी में एक प्लॉट की कीमत करीब 3.50 लाख रुपये बताई जा रही है। इसके अलावा मुख्य सड़क की तरफ करीब 13 से 14 कमर्शियल प्लॉट काटे जाने का भी आरोप लगाया गया है।
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शिकायत के मुताबिक, संभावित खरीदारों को कथित तौर पर यह भरोसा दिलाया जा रहा है कि कॉलोनी पास है और प्लॉट की रजिस्ट्री करवाने में कोई परेशानी नहीं आएगी। लेकिन यह कालोनी पास नहीं है। लोगों को झूठ बोलकर प्लाट बेचा जा रहा है।
आप पार्षद ने की शिकायत
हैरानी की बात तो यह है कि उक्त अवैध कालोनी की आम आदमी पार्टी के वार्ड-14 के पार्षद ने खुद निगम अधिकारियों से शिकायत की है, लेकिन अफसरों ने कोई कार्रवाई नहीं की। पार्षद मोंटू सभ्रवाल ने इसकी लिखित शिकायत दी है।
एफआईआर दर्ज होगी - डिप्टी मेयर
डिप्टी मेयर मलकीत सिंह ने कहा है कि अवैध रूप से कालोनी नहीं काटने दी जाएगी। उन्होंने कहा है कि पार्षद की शिकायत को गंभीरता से लेकर अफसरों को निर्देश दिए गए हैं। अवैध कालोनी काटने वाले के खिलाफ एफआईआऱ दर्ज करने को कहा गया है।
नगर निगम से रिकॉर्ड जांचने की मांग
शिकायतकर्ता ने नगर निगम और अन्य संबंधित विभागों से कॉलोनी की मंजूरी, CLU, लेआउट प्लान और अन्य जरूरी दस्तावेजों की जांच करने की मांग की है। शिकायत में कहा गया है कि यदि जांच के दौरान कॉलोनी का विकास नियमों के विपरीत पाया जाता है तो संबंधित लोगों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाए।
फिलहाल शिकायत के बाद नगर निगम और जिला प्रशासन की जांच एवं कार्रवाई पर नजर है। संबंधित रिकॉर्ड और विभागीय जांच के बाद ही स्पष्ट होगा कि उक्त कृषि भूमि पर कॉलोनी विकसित करने के लिए सभी आवश्यक मंजूरियां ली गई थीं या नहीं।