Thursday, 10 September 2026
पंजाब
Jalandhar News: आज जालंधर-होशियारपुर में बंद, प्रदर्शनकारियों ने खुले बाजार बंद करवाए, एंबुलेंस भी जाम में फंसी
डेली संवाद, जालंधर। Jalandhar News: लुधियाना में संविधान निर्माता डॉ. भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा के जूतों की माला से अपमान के विरोध में दलित समाज की ओर से आज 10 सितंबर को जालंधर और होशियारपुर बंद का आह्वान किया गया है। बंद के चलते जालंधर में सुबह से ही ज्यादातर बाजारों की दुकानें बंद हैं। कई जगह बैंक भी बंद रहे।
वहीं होशियारपुर में प्रदर्शनकारियों ने बाजार बंद करवाए। बंद के दौरान प्रदर्शनकारियों ने वाल्मीकि चौक पर एकजुट होकर रैली निकाली। रैली डॉ. भीमराव अंबेडकर चौक तक पहुंची। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने जो दुकानें खुली थीं, उन्हें भी बंद करवाया।
जालंधर में सड़कों पर उतरा दलित समाज
जालंधर में डॉ. अंबेडकर की प्रतिमा के अपमान के विरोध में बड़ी संख्या में लोग प्रदर्शन में शामिल हुए। प्रदर्शनकारी वाल्मीकि चौक से रैली के रूप में निकले और डॉ. भीमराव अंबेडकर चौक पहुंचे।
प्रदर्शन के दौरान ज्योति चौक पर एक एंबुलेंस भी जाम में फंस गई। हालांकि प्रदर्शनकारियों ने कुछ देर बाद एंबुलेंस को रास्ता देकर वहां से निकाल दिया।
शाम 5 बजे तक रहेगा बंद
भगवान वाल्मीकि शक्ति क्रांति सेना पंजाब के अध्यक्ष राजीव गोरा और भीम क्रांति सेना के अध्यक्ष गौरव वाल्मीकि ने कहा कि बंद शाम 5 बजे तक रहेगा।
प्रदर्शनकारियों ने कहा कि आम लोगों की परेशानी को देखते हुए हाईवे जाम नहीं किए गए हैं। इसके अलावा मेडिकल स्टोर और अस्पताल जैसी जरूरी एवं आपातकालीन सेवाओं को बंद से बाहर रखा गया है।
स्कूल-कॉलेज भी बंद नहीं करवाए गए
बच्चों की परीक्षाओं को देखते हुए प्रदर्शनकारियों ने स्कूल और कॉलेज बंद नहीं करवाने का फैसला किया है। इसी तरह इमरजेंसी सेवाओं को भी काम करने की छूट दी गई है, ताकि मरीजों और जरूरतमंद लोगों को किसी तरह की परेशानी न हो।
लुधियाना में पुलिस कमिश्नर ने की दलित समाज से बैठक
उधर, लुधियाना में पुलिस लाइन में पुलिस कमिश्नर स्वप्न शर्मा ने दलित समाज के प्रतिनिधियों के साथ बैठक की। बैठक के दौरान समाज के लोगों ने प्रतिमा के अपमान के मामले में आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी की मांग की।
समाज के प्रतिनिधियों ने कहा कि एक सप्ताह के भीतर आरोपियों को गिरफ्तार किया जाए, अन्यथा इसके बाद बड़ा आंदोलन किया जाएगा।
आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग
प्रदर्शनकारियों का कहना है कि डॉ. भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा के अपमान की घटना बेहद गंभीर है और इसमें शामिल आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। दलित समाज ने प्रशासन से मामले की निष्पक्ष जांच कर आरोपियों को जल्द गिरफ्तार करने की मांग की है।