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Friday, 19 June 2026

Jalandhar News: जालंधर के मेयर वनीत धीर का सख्त फैसला, अब अवैध कॉलोनियों में प्लाटों और कोठियों की नहीं होगी रजिस्ट्री!

Vaneet-Dhir-Mayor-Jalandhar
Vaneet-Dhir-Mayor-Jalandhar
डेली संवाद, जालंधर। Jalandhar News: शहर में अवैध कॉलोनियों के मेयर वनीत धीर ने बड़ा फैसला लिया है। मेयर वनीत धीर ने कहा है कि शहर की अवैध कालोनियों में प्लाटों की रजिस्ट्री बंद होगी। इसके लिए डीसी को पत्र लिखेंगे, जिससे अवैध कालोनियों में प्लाटों की रजिस्ट्री बंद होगी। इन अवैध कालोनियों के मालिकों के खिलाफ पहले ही बड़ी कार्रवाई की जा रही है। जालंधर (Jalandhar) में अवैध कालोनियों खिलाफ मेयर वनीत धीर (Mayor Vaneet Dhir) और कमिश्नर संदीप ऋषि बड़ा कदम उठाने की तैयारी में है। जालंधर के मेयर वनीत धीर ने कहा है कि शहर में 100 से ज्यादा अवैध कॉलोनियों में जमीन की खरीद-फरोख्त और रजिस्ट्री पर तत्काल प्रभाव से रोक लगाने के लिए डीसी को पत्र लिखा जाएगा। मेयर का कहना है कि इन कॉलोनियों के मालिकों ने नियमों की अनदेखी करते हुए प्लॉट बेच दिए, लेकिन नगर निगम को विकास शुल्क और अन्य सरकारी फीस जमा नहीं करवाई। [caption id="attachment_14076" align="aligncenter" width="1200"] Jalandhar-illegal-Colony-New-Gautam-Nagar Jalandhar-illegal-Colony-New-Gautam-Nagar[/caption]

कॉलोनाइजर लंबे समय से डिफाल्टर

जानकारी के अनुसार नगर निगम के रिकॉर्ड में दर्ज कई कॉलोनाइजर लंबे समय से डिफाल्टर हैं। उन्होंने कॉलोनियां विकसित करने और प्लॉट बेचने का कार्य तो कर लिया, लेकिन सरकार और नगर निगम के नियमों के तहत जमा करवाई जाने वाली फीस का भुगतान नहीं किया। इससे निगम को करोड़ों रुपये के राजस्व का नुकसान होने की आशंका है।

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मेयर वनीत धीर ने बताया कि जब तक संबंधित कॉलोनाइजर बकाया राशि जमा नहीं करवाते, तब तक इन कॉलोनियों में किसी भी प्रकार की रजिस्ट्री या संपत्ति का लेन-देन नहीं होगा। इसके लिए डीसी को पत्र लिखा जाएगा। उनका मानना है कि इस कदम से न केवल सरकारी राजस्व की वसूली होगी, बल्कि भविष्य में अवैध कॉलोनियां काटने वालों पर भी लगाम लगेगी।

नगर निगम को भारी नुकसान

नगर निगम अधिकारियों का कहना है कि अवैध कॉलोनियों में रहने वाले लोगों को भी कई बुनियादी सुविधाओं की समस्या का सामना करना पड़ता है, क्योंकि इन कॉलोनियों को नियमानुसार मंजूरी नहीं मिली होती। ऐसे में सड़क, सीवरेज, स्ट्रीट लाइट और पेयजल जैसी सुविधाओं का विकास प्रभावित होता है।