Friday, 07 August 2026
जालंधर
Jalandhar News: जालंधर में अवैध शराब बरामदगी पर BJP का सरकार पर हमला, पूरे नेटवर्क की जांच और सख्त कार्रवाई की मांग
डेली संवाद, जालंधर। Jalandhar News: जालंधर में हाल ही में आबकारी विभाग द्वारा करीब 700 पेटी अवैध शराब बरामद किए जाने के मामले को लेकर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने पंजाब सरकार पर निशाना साधा है। इस मुद्दे को लेकर भाजपा का एक प्रतिनिधिमंडल जिला अध्यक्ष अशोक सरीन हिक्की के नेतृत्व में एक्साइज कमिश्नर रंजीत सिंह से जीएसटी भवन में मिला और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की।
प्रतिनिधिमंडल में पूर्व विधायक शीतल अंगूराल, पूर्व मुख्य संसदीय सचिव के.डी. भंडारी, पंजाब भाजपा सचिव अमरजीत सिंह अमरी, पूर्व जिला अध्यक्ष सुशील शर्मा और महासचिव राजेश कपूर सहित कई नेता शामिल रहे।
केवल एक डंप का खुलासा
भाजपा नेताओं ने कहा कि 700 पेटी अवैध शराब की बरामदगी केवल एक डंप का खुलासा है। उनका आरोप है कि इससे यह संकेत मिलता है कि जालंधर ही नहीं बल्कि पूरे पंजाब में अवैध शराब का संगठित नेटवर्क सक्रिय हो सकता है। उन्होंने सरकार से मांग की कि यह पता लगाया जाए कि शराब किसकी थी, इसे कौन लेकर आया, किसके संरक्षण में इसका भंडारण किया गया और इसे कहां सप्लाई किया जाना था।
नमूनों की सरकारी लैब में जांच
भाजपा ने यह भी मांग की कि जिस कंपनी के नाम पर शराब तैयार की गई, उसके लाइसेंस, बॉटलिंग प्लांट और उत्पादन व्यवस्था की विस्तृत जांच कराई जाए। साथ ही बरामद शराब के नमूनों की सरकारी लैब में जांच कर यह सुनिश्चित किया जाए कि वह मानव स्वास्थ्य के लिए हानिकारक या जहरीली तो नहीं थी।
पूर्व मुख्य संसदीय सचिव के.डी. भंडारी ने कहा कि इस अवैध कारोबार से सरकार को करोड़ों रुपये के राजस्व का नुकसान हुआ है। उन्होंने मांग की कि मामले की जांच केवल आबकारी विभाग तक सीमित न रखकर आर्थिक अपराध के सभी पहलुओं की जांच की जाए और जरूरत पड़ने पर केंद्रीय एजेंसियों की भी मदद ली जाए।
कई अवैध ठिकाने संचालित
पूर्व विधायक शीतल अंगूराल ने कहा कि यदि जालंधर के एक क्षेत्र से इतना बड़ा अवैध शराब का जखीरा बरामद हुआ है तो संभावना है कि पंजाब के अन्य हिस्सों में भी ऐसे कई अवैध ठिकाने संचालित हो रहे हों। उन्होंने पूरे राज्य में विशेष अभियान चलाकर इस नेटवर्क को खत्म करने की मांग की।
भाजपा नेताओं ने अवैध शराब कारोबार से जुड़े सभी ठेकेदारों, लाइसेंस धारकों और अन्य आरोपियों के लाइसेंस रद्द करने तथा उनके खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की मांग की। उनका कहना है कि अवैध और संभावित रूप से जहरीली शराब का कारोबार केवल राजस्व की चोरी नहीं, बल्कि लोगों की जान से खिलवाड़ भी है।
तस्करों का मनोबल बढ़ रहा
भाजपा ने यह भी आरोप लगाया कि मौजूदा कानून के तहत बड़ी मात्रा में शराब तस्करी के मामलों में भी केवल जुर्माने का प्रावधान है, जिससे तस्करों का मनोबल बढ़ रहा है। पार्टी ने राज्यपाल से इस तरह के मामलों में गैर-जमानती धाराएं लागू करने की मांग करते हुए कहा कि दोषियों के खिलाफ सख्त कानून बनाया जाना चाहिए।