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Monday, 10 August 2026

Jalandhar News: जालंधर के लतीफपुरा में अऱबों की सरकारी जमीन कब्जा कर बना दी दुकानें, किराए पर चढ़ा कर वसूले लाखों रुपए, अब होगी कार्रवाई

Jalandhar News: जालंधर के लतीफपुरा में अऱबों की सरकारी जमीन कब्जा कर बना दी दुकानें, किराए पर चढ़ा कर वसूले लाखों रुपए, अब होगी कार्रवाई

डेली संवाद, जालंधर। Jalandhar Improvement Trust News: जालंधर इंप्रूवमेंट ट्रस्ट की लतीफपुरा स्थित करीब 1 कनाल सरकारी जमीन पर ही नहीं, कई कनाल जमीन को कब्जा किया गया है। इसका खुलासा इंप्रूवमेंट ट्रस्ट के दस्तावेजों से हुआ है। फिलहाल इंप्रूवमेंट ट्रस्ट अपनी जमीन खाली करवाने के लिए प्रक्रिया शुरू कर दी है।

जालंधर के माडल टाउन और जीटीबी नगर के पास स्थित अरबों की सरकारी जमीन पर भूमाफिया काबिज है। यही नहीं भूमाफिया इतना प्रभावशाली है कि सरकारी जमीन पर अवैध निर्माण करवा कर उसे किराए पर देकर हर महीने लाखों रुपए किराया खा रहा है। अब हाईकोर्ट के आदेश के बाद सरकारी जमीन को छुड़ाने का प्रयास शुरू किया गया है।

जालंधर इंप्रूवमेंट ट्रस्ट के ईओ राजेश चौधरी ने बताया कि इस जमीन को लेकर कई वर्षों से कानूनी विवाद चल रहा था। बिल्डिंग मैटेरियल्स ने जमीन पर अपना दावा जताते हुए अदालत का दरवाजा खटखटाया था, लेकिन पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने उनकी अपील को खारिज कर दिया।

हाईकोर्ट ने कब्जा माना अवैध

21 जुलाई 2026 को न्यायमूर्ति विक्रम अग्रवाल ने अपने फैसले में कहा कि संबंधित पक्ष सार्वजनिक संपत्ति पर अनधिकृत कब्जे में था और उसने कानूनी प्रक्रिया में हुई देरी का अनुचित लाभ उठाने की कोशिश की। अदालत ने माना कि जालंधर इंप्रूवमेंट ट्रस्ट ने अपनी 110 एकड़ विकास योजना के तहत अधिग्रहित भूमि पर अपना स्वामित्व साबित कर दिया है।

अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि बिल्डिंग मैटेरियल्स का मालिक यह साबित नहीं कर सका कि उसका कब्जा वैध था। ट्रायल कोर्ट और प्रथम अपीलीय अदालत के फैसलों को बरकरार रखते हुए हाईकोर्ट ने कहा कि सार्वजनिक भूमि पर अवैध निर्माण और व्यवसाय को संरक्षण नहीं दिया जा सकता।

सरकारी जमीन पर किराया वसूलने का आरोप

जानकारी के अनुसार, विवादित जमीन पर बने पुराने निर्माण में एक कबाड़ की दुकान भी चल रही है। दुकान संचालक का दावा है कि वह साथ वाली बिल्डिंग के मालिकों को नियमित किराया देता है। इससे यह सवाल भी उठ रहा है कि सरकारी जमीन पर कथित कब्जा कर उसे किराए पर देकर आर्थिक लाभ कैसे उठाया जा रहा था।

जल्द होगी कार्रवाई

ईओ राजेश चौधरी ने कहा कि हाईकोर्ट के आदेश के अनुरूप जल्द ही सरकारी जमीन को कब्जामुक्त कराया जाएगा। ट्रस्ट की टीम आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी कर अवैध निर्माण हटाने और जमीन को अपने कब्जे में लेने की कार्रवाई करेगी।