ePaper Reading mode

Daily Samvad ePaper

Thursday, 13 August 2026

Jalandhar Improvement Trust: जालंधर इंप्रूवमेंट ट्रस्ट में विवादित क्लर्क प्रवीण कुमार को फिर सौंपी गई महत्वपूर्ण सेल ब्रांच की जिम्मेदारी

Jalandhar Improvement Trust: जालंधर इंप्रूवमेंट ट्रस्ट में विवादित क्लर्क प्रवीण कुमार को फिर सौंपी गई महत्वपूर्ण सेल ब्रांच की जिम्मेदारी

डेली संवाद, जालंधर। Jalandhar Improvement Trust News: जालंधर इंप्रूवमेंट ट्रस्ट में विवादों में रहे क्लर्क प्रवीण कुमार को अब ट्रस्ट की महत्वपूर्ण विकास योजनाओं से संबंधित सेल ब्रांच का काम सौंपे जाने से सवाल खड़े हो गए हैं। ट्रस्ट के कार्यकारी अधिकारी राजेश चौधरी की ओर से ऑफिस ऑर्डर नंबर 1243, दिनांक 13 अगस्त 2026 जारी कर प्रवीण कुमार को विभिन्न विकास योजनाओं से संबंधित कार्य सौंपा गया है।

ऑफिस ऑर्डर के अनुसार प्रवीण कुमार को 94.5 एकड़ स्कीम, जे.पी. नगर, ट्रांसपोर्ट नगर (74.9 एकड़), गुजराल नगर (25 एकड़), न्यू जवाहर नगर (112.8 एकड़), राम वाटिका (13.37 एकड़), 14 एकड़ स्कीम प्रताप बाग, 1 कनाल 16 मरला गाजी गुल्ला स्कीम, 3.71 एकड़ गुरु रविदास नगर 31.78 एकड़, 31.36 एकड़, विजय नगर (22.5 एकड़), भाई दीत सिंह नगर (14.5 एकड़), कीर्ति नगर 8 एकड़, (12.36 एकड़) राजिंदर नगर, (73.5 एकड़ लाजपत नगर सहित अन्य स्कीमों के कार्यों की जिम्मेदारी दी गई है।

2023 के सरकारी आदेश से उठे सवाल

गौरतलब है कि पंजाब सरकार के 14 नवंबर 2023 के आदेश के तहत प्रवीण कुमार की जालंधर इंप्रूवमेंट ट्रस्ट में तैनाती की गई थी। उक्त आदेश में संबंधित कर्मचारियों को ऐसी महत्वपूर्ण सीटों पर तैनात न करने के निर्देश दिए गए थे, जहां वित्तीय मामले अथवा महत्वपूर्ण प्रशासनिक कार्य जुड़े हों।

Jalandhar Improvement Trust Parveen Kumar.jpg

ऐसे में अब 13 अगस्त 2026 के नए आदेश के माध्यम से प्रवीण कुमार को ट्रस्ट की कई महत्वपूर्ण विकास योजनाओं से संबंधित सेल ब्रांच का कार्य सौंपे जाने पर सरकारी आदेश की भावना और उसकी अनुपालना को लेकर सवाल उठने लगे हैं।

Jalandhar Improvement Trust Parveen Kumar News.jpg

“उच्च अधिकारी मामले का संज्ञान लें” — राजीव धमीजा

सूर्या एंक्लेव वेलफेयर सोसाइटी के प्रधान राजीव धमीजा ने इस नियुक्ति पर सवाल उठाते हुए कहा कि प्रवीण कुमार को लेकर पहले भी गंभीर शिकायतें और आरोप सामने आते रहे हैं तथा उनके विरुद्ध विभागीय कार्रवाई और न्यायालय में मामला लंबित होने की बात कही जाती रही है।

उन्होंने कहा कि “जब सरकार के पुराने आदेश में कर्मचारियों को महत्वपूर्ण वित्तीय/प्रशासनिक सीटों पर लगाने से बचने के स्पष्ट निर्देश दिए गए थे, तो ऐसे कर्मचारी को अब महत्वपूर्ण सेल ब्रांच का कार्य सौंपने की आवश्यकता क्यों पड़ी, यह समझ से परे है।”

राजीव धमीजा ने कहा कि -

सेल ब्रांच में ट्रस्ट की विभिन्न विकास योजनाओं और उनसे जुड़े महत्वपूर्ण कार्यों का निपटारा होता है। ऐसे में इस नियुक्ति को लेकर उच्च अधिकारियों को पूरे मामले की जांच करनी चाहिए और यह सुनिश्चित करना चाहिए कि सरकारी आदेशों की पूरी तरह पालना हो।

न्यायिक कार्यवाही लंबित

उन्होंने पंजाब सरकार के स्थानीय निकाय विभाग तथा ट्रस्ट के उच्च अधिकारियों से मांग की कि 13 अगस्त 2026 के इस आदेश की समीक्षा की जाए और 14 नवंबर 2023 के सरकारी आदेश में दिए गए निर्देशों के अनुरूप ही कर्मचारी की जिम्मेदारी निर्धारित की जाए।

उन्होंने कहा कि यदि किसी कर्मचारी के विरुद्ध विभागीय अथवा न्यायिक कार्यवाही लंबित है, तो उसे महत्वपूर्ण सार्वजनिक एवं प्रशासनिक जिम्मेदारी सौंपने से पहले सभी तथ्यों और नियमों की निष्पक्ष जांच की जानी चाहिए।