Wednesday, 15 April 2026
जालंधर
Jalandhar News: जालंधर इंप्रूवमेंट ट्रस्ट के रिटायर पटवारी का गजब 'सेवाभाव', न नौकरी-न एक्सटेंशन, न वेतन, फिर भी कुर्सी से चिपके!
डेली संवाद, जालंधर।
Jalandhar News: जालंधर इंप्रूवमेंट ट्रस्ट (Jalandhar Improvement Trust) में गजब खेल चल रहा है। ट्रस्ट आफिस में रिटायरमेंट के बाद भी पटवारी कुर्सी से चिपके हुए हैं। हैरानी की बात तो यह है कि पटवारी रिटायर हो गया, लेकिन आज भी वह अपनी सीट पर बैठकर काम कर रहा है। यही नहीं, उक्त पटवारी के पास इंप्रूवमेंंट ट्रस्ट का सारा रेवेन्यू रिकार्ड भी है। रिटायर होने के बाद सरकार ने न तो उसे एक्सटेंशन दिया और न ही ट्रस्ट सैलरी दे रही है, लेकिन पटवारी का 'सेवाभाव' हैरान करने वाला है।
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इंप्रूवमेंट ट्रस्ट में 'सेवाभाव' नहीं रुक रही है। ट्रस्ट की स्कीमों के प्लाट से लेकर मकान और कोठियों का काम दफ्तर में मौजूद एजैंट और रिटायर हो चुका पटवारी कर रहा है। सबसे बड़ा खेल उन पीड़ितों के साथ हो रहा है, जिनकी कई साल पहले इंप्रूवमेंट ट्रस्ट (Jalandhar Improvement Trust) ने जमीन तो एक्वायर कर लिया, लेकिन उन्हें आज तक मुआवजा नहीं दिया।
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जालंधर इंप्रूवमेंट ट्रस्ट के दफ्तर में बैठा रिटायर पटवारी - 'कर लो दुनिया मुट्ठी में'[/caption]
जालंधर इंप्रूवमेंट ट्रस्ट के दफ्तर में रिटायर पटवारी के पास पुराना रिकार्ड[/caption]
इस संबंध में ट्रस्ट के ही कुछ मुलाजिम कहते हैं कि अगर रेवेन्यू रिकार्ड गुम होता है तो सीधे तौर पर हरमेश की कोई जिम्मेदारी नहीं होगी। इसके लिए मौजूद मुलाजिम जिम्मेदार होगा। पहले ही इंप्रूवमेंट ट्रस्ट (Jalandhar Improvement Trust) से कई फाइलें गुम हुई है, जिसके खिलाफ एफआईआर दर्ज है।
इसे लेकर इंप्रूवमेंट ट्रस्ट (Jalandhar Improvement Trust) के चेयरमैन रमनीक सिंह रंधावा को फोन किया गया तो उनके पीए ने फोन उठाया और सीएम के कार्यक्रम में बिजी होने की बात कही। जबकि इस संबंध में इंप्रूवमेंट ट्रस्ट के ईओ राजेश चौधरी से बात नहीं हो सकी।
जालंधर इंप्रूवमेंट ट्रस्ट के दफ्तर में बैठा रिटायर पटवारी - 'कर लो दुनिया मुट्ठी में'[/caption]
अफसर की मिलीभगत
यही नहीं, इंप्रूवमेंट ट्रस्ट (Jalandhar Improvement Trust) के फ्लैट्स को जानबूझकर कंडम बताया जा रहा है, उसके बाद कंज्यूमर कोर्ट में केस दायर करवा कर ब्याज समेत पैसा वापस करवाया जा रहा है। इस पूरे खेल में रिटायर हो चुके अफसर के साथ ट्रस्ट के कुछ अफसर की मिलीभगत बताई जा रही है। असली खेल तो मुआवजा की रकम देने का है। मुआवजा की रकम देने के लिए 10 से 25 फीसदी सुविधा शुल्क वसूल किया जाता है। सूत्र बता रहे हैं कि यह सुविधा शुल्क कुछ एजैंट ले रहे हैं। इन एजैंटों का अफसरों के साथ सीधा संबंध है।रिकार्ड का होना बहुत जरूरी
इस सब काम के लिए इंप्रूवमेंट ट्रस्ट (Jalandhar Improvement Trust) से रिकार्ड का होना बहुत जरूरी है। रेवेन्यू रिकार्ड का सारा जिम्मा रिटायर हो चुके पटवारी हरमेश का है। हरमेश न तो सरकारी मुलाजिम रह गया है और न ही ट्रस्ट उसे वेतन दे रही है, लेकिन रिटायर पटवारी हरमेश ट्रस्ट में सुबह से लेकर देर शाम तक काम करता है। [caption id="attachment_107816" align="aligncenter" width="1200"]
जालंधर इंप्रूवमेंट ट्रस्ट के दफ्तर में रिटायर पटवारी के पास पुराना रिकार्ड[/caption]
इस संबंध में ट्रस्ट के ही कुछ मुलाजिम कहते हैं कि अगर रेवेन्यू रिकार्ड गुम होता है तो सीधे तौर पर हरमेश की कोई जिम्मेदारी नहीं होगी। इसके लिए मौजूद मुलाजिम जिम्मेदार होगा। पहले ही इंप्रूवमेंट ट्रस्ट (Jalandhar Improvement Trust) से कई फाइलें गुम हुई है, जिसके खिलाफ एफआईआर दर्ज है।
इसे लेकर इंप्रूवमेंट ट्रस्ट (Jalandhar Improvement Trust) के चेयरमैन रमनीक सिंह रंधावा को फोन किया गया तो उनके पीए ने फोन उठाया और सीएम के कार्यक्रम में बिजी होने की बात कही। जबकि इस संबंध में इंप्रूवमेंट ट्रस्ट के ईओ राजेश चौधरी से बात नहीं हो सकी।