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Monday, 20 April 2026

Jalandhar News: जालंधर के काला संघिया रोड पर करोड़ों रुपए के कबाड़ का अवैध कारोबार, तीसरे दिन भी नहीं बुझी आग, मौत के मुंहाने पर लोग!

डेली संवाद, जालंधर। Jalandhar News: जालंधर के काला सिंघिया रोड इलाके में लगी आग ने एक गंभीर और चिंताजनक स्थिति पैदा कर दी है। घटना को तीन दिन बीत जाने के बावजूद आग की चिंगारियां अभी भी सुलग रही हैं, जिससे इलाके में खतरा लगातार बना हुआ है। यह आग उन झुग्गियों में लगी, जहां कबाड़ का काम करने वाले कई परिवार रहते थे। इस हादसे में अनेक परिवारों का सामान जलकर राख हो गया और उनकी मेहनत की कमाई कुछ ही पलों में खत्म हो गई। जालंधर (Jalandhar) के काला संघिया रोड पर कबाड़ का करोड़ों रुपए का काम है। यहां प्लाट की किराया 70 से 80 हजार रुपए महीने वसूल किया जाता है। हैरानी की बात तो यह है कि करोड़ों रुपए के इस कबाड़ के कारोबार पर न तो जिला प्रशासन की कोई चैकिंग है और न टैक्स महकमे की। जिससे जहां आसपास के लोग मौत के मुहाने पर बैठे हैं, वहीं सरकार की टैक्स चोरी भी खूब हो रही है। [caption id="attachment_108228" align="aligncenter" width="1200"] Jalandhar Waste Fire News Jalandhar Waste Fire News[/caption]

तिरपाल तानकर झुग्गियां बनाई

स्थानीय लोगों के मुताबित खाली प्लाटों को किराए पर लोगों पर तिरपाल तानकर झुग्गियां बनाई जाती है, फिर बड़े स्तर पर प्लास्टिक और कचरे का कारोबार किया जाता है। यहां आसपास बड़े पैमाने पर प्लास्टिक और अन्य ज्वलनशील कबाड़ जमा रहता है। जिससे आगजनी हुई है।

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लोगों के मुताबिक यहां रहने वाले लोग कूड़ा इकट्ठा कर अपना जीवन यापन करते हैं, लेकिन अनजाने में वे बेहद खतरनाक परिस्थितियों में रह रहे थे। बताया जा रहा है कि एक ही प्लॉट में 70 से 80 लोगों के रहने की व्यवस्था की गई थी, जहां सुरक्षा के कोई इंतजाम नहीं थे। [caption id="attachment_108229" align="aligncenter" width="1200"] Jalandhar Waste Fire News Jalandhar Waste Fire News[/caption]

70 हजार रुपये प्रति माह किराया

स्थानीय लोगों का कहना है कि इन प्लॉटों का किराया लगभग 70 हजार रुपये प्रति माह तक वसूला जाता है, जबकि बिजली का बिल अलग से लिया जाता है। इसके बावजूद रहने वालों की सुरक्षा के लिए कोई ठोस व्यवस्था नहीं की गई थी। यह स्थिति न केवल अवैध बस्तियों की वास्तविकता को उजागर करती है, बल्कि प्रशासनिक लापरवाही पर भी सवाल खड़े करती है। [caption id="attachment_108230" align="aligncenter" width="1200"] Jalandhar Waste Fire News Jalandhar Waste Fire News[/caption] दमकल विभाग की गाड़ियां दो दिनों तक मौके पर पहुंचकर आग बुझाने का प्रयास करती रहीं, लेकिन पूरी तरह से खतरा अभी भी टला नहीं है। स्थानीय लोगों का कहना है कि अगर यह आग रात के समय लगती, तो जनहानि की आशंका और भी अधिक हो सकती थी। [caption id="attachment_108231" align="aligncenter" width="1200"] Jalandhar Waste Fire News Jalandhar Waste Fire News[/caption]

सरकार को चूना

अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि इन प्रभावित परिवारों की मदद कौन करेगा और क्या प्रशासन इस मामले में सख्त कार्रवाई करेगा। साथ ही, यह भी जांच का विषय है कि इन प्लॉटों का मालिक कौन है और इतनी बड़ी संख्या में लोगों को असुरक्षित परिस्थितियों में क्यों रहने दिया गया। प्रशासन के लिए यह एक बड़ी चुनौती और जिम्मेदारी का समय है।