Tuesday, 08 September 2026
पंजाब
Jalandhar News: जालंधर में वीजा एजेंसी के खिलाफ किसानों का धरना, लाखों रुपये फंसने का दावा; सड़क जाम की चेतावनी
डेली संवाद, जालंधर। Jalandhar News: जालंधर के सतनाम नगर स्थित किंगडम कंसल्टेंट इमिग्रेशन ऑफिस के बाहर भारतीय किसान यूनियन (BKU) के नेतृत्व में किसानों ने धरना-प्रदर्शन शुरू कर दिया है। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि सोशल मीडिया पर आकर्षक विज्ञापन दिखाकर कनाडा (Canada) का वीजा लगवाने के नाम पर लाखों रुपये लिए गए, लेकिन वीजा रिफ्यूज होने के बाद भी रकम वापस नहीं की जा रही।
पीड़ितों का कहना है कि कई महीनों से वे अपने पैसे वापस लेने के लिए इमिग्रेशन एजेंसी के चक्कर काट रहे हैं। परेशान होकर किसानों ने अब दफ्तर के बाहर पक्का मोर्चा लगा दिया है।
बेटी के कनाडा वीजा के लिए दिए 5.12 लाख रुपये
पीड़ित किसान जगमेल सिंह ने बताया कि करीब 11 महीने पहले उन्होंने अपनी बेटी के कनाडा वीजा के लिए किंगडम कंसल्टेंट से संपर्क किया था। एजेंसी के स्टाफ ने उन्हें करीब दो महीने में वीजा लगवाने का भरोसा दिया था। जगमेल के मुताबिक, उन्होंने एजेंसी को कुल 5.12 लाख रुपये दिए, जिसमें से 4.22 लाख रुपये ऑनलाइन ट्रांसफर किए गए।
उनके पास ऑनलाइन भुगतान का रिकॉर्ड भी मौजूद है। हालांकि, कई महीने बीतने के बाद भी वीजा नहीं आया। बाद में वीजा रिफ्यूज होने की जानकारी मिली और पैसे वापस मांगने पर कथित तौर पर उन्हें लगातार टालमटोल का सामना करना पड़ा।
कर्ज लेकर दी थी रकम, परिवार पर बढ़ा आर्थिक दबाव
जगमेल सिंह का कहना है कि उन्होंने यह रकम भारी ब्याज पर कर्ज लेकर दी थी। पैसे वापस नहीं मिलने के कारण परिवार आर्थिक दबाव में है। उनका दावा है कि तनाव के चलते परिवार का एक सदस्य बीमार होकर अस्पताल में भर्ती हो चुका है।
किसान नेताओं ने कहा कि फिलहाल वे पुलिस को शिकायत देने की बजाय दफ्तर के बाहर धरना जारी रखेंगे। उनका कहना है कि अगर पीड़ित परिवार को पूरी रकम वापस नहीं मिली तो वे मुख्य सड़क जाम करने का कदम उठा सकते हैं।
6 लाख दिए, 4 लाख वापसी का समझौता; चेक हुआ बाउंस
एक अन्य पीड़ित विक्रम ने बताया कि उसने अपने बच्चों के कनाडा वीजा के लिए एजेंसी को करीब 6 लाख रुपये दिए थे। वीजा रिफ्यूज होने के बाद सितंबर में कथित तौर पर 4 लाख रुपये वापस करने का समझौता हुआ।
विक्रम के अनुसार, एजेंसी की ओर से दिया गया चेक जब बैंक में लगाया गया तो बाउंस हो गया। उनका कहना है कि वह सुबह 9 बजे से पैसे वापस लेने के लिए दफ्तर में बैठे हैं, लेकिन रकम नहीं दी गई।
एजेंसी कर्मचारी ने माना वीजा हुआ था रिफ्यूज
किंगडम कंसल्टेंट के कर्मचारी करण ने दोनों मामलों में कनाडा वीजा रिफ्यूज होने की बात स्वीकार की है। करण के मुताबिक, जगमेल सिंह के परिवार के साथ 2.80 लाख रुपये वापस करने का समझौता हुआ था और चेक बाउंस होने के बाद भी एजेंसी इतनी रकम लौटाने के लिए तैयार है।
हालांकि, पीड़ित परिवार अब कथित तौर पर 5 लाख रुपये की मांग कर रहा है। वहीं विक्रम के मामले में भी कर्मचारी ने तय समझौते के अनुसार 4 लाख रुपये लौटाने की बात कही है।
पैसे वापस मिलने तक जारी रहेगा किसानों का धरना
फिलहाल इमिग्रेशन ऑफिस का महिला स्टाफ वहां से जा चुका है और किसान दफ्तर के बाहर डटे हुए हैं। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि जब तक उनकी मेहनत की कमाई वापस नहीं मिलती, तब तक उनका धरना जारी रहेगा।
नोट: पीड़ितों और एजेंसी की ओर से लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि होना बाकी है। मामले में पुलिस या संबंधित प्रशासन की आधिकारिक कार्रवाई/जांच सामने आने के बाद स्थिति और स्पष्ट होगी।