Sunday, 28 December 2025
पंजाब
Jalandhar News: जालंधर में दबंग ठेकेदार के आगे अफसर और नेता सभी ‘नतमस्तक’, जबरन वसूली का चला रहा है बड़ा रैकेट
डेली संवाद, जालंधर।
Jalandhar News: जालंधर शहर (Jalandhar City) की सबसे प्रमुख और व्यस्त सब्जी मंडियों में शुमार मकसूदां सब्जी मंडी (Maksudan Sabji Mandi) इन दिनों गंभीर विवाद के चलते सुर्खियों में है। मंडी में पार्किंग ठेकेदार की कथित धक्केशाही और आम जनता व व्यापारियों से जबरन वसूली को लेकर आढ़तियों में भारी रोष देखा जा रहा है।
जालंधर
(Jalandhar)
के मकसूदां सब्जी मंडी (Maksudan Sabji Mandi) का यह विवाद अब इतना बढ़ चुका है कि आढ़ती एसोसिएशन ने मंडी को पूरी तरह बंद रखने का ऐलान कर दिया है, जिससे शहर की सब्जी आपूर्ति व्यवस्था पर संकट के बादल मंडराने लगे हैं। आढ़ती एसोसिएशन ने ऐलान किया है कि मंगलवार को पूरी मंडी कर चाबियां डीसी को सौंप देंगे।
[caption id="attachment_97844" align="aligncenter" width="1200"]
maksuda mandi jalandhar[/caption]
DC Himanshu Aggarwal[/caption]
एसोसिएशन के प्रतिनिधियों का कहना है कि उनका यह कदम किसी दबाव की राजनीति के लिए नहीं, बल्कि आम जनता और व्यापारियों के हितों की रक्षा के लिए उठाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि मंडी एक सार्वजनिक स्थल है, जहां किसानों और आम लोगों को बिना किसी डर और शोषण के आना-जाना चाहिए। पार्किंग के नाम पर की जा रही अवैध वसूली से न केवल जनता परेशान है, बल्कि मंडी की छवि भी खराब हो रही है।
maksuda mandi jalandhar[/caption]
मंडी में इंट्री फीस वसूली
आढ़ती एसोसिएशन का आरोप है कि मंडी परिसर में आने वाले ग्राहकों, किसानों और छोटे व्यापारियों से पार्किंग के नाम पर मनमानी वसूली की जा रही है। नियमों के अनुसार जहां दोपहिया और चारपहिया वाहनों के लिए 15 से 20 रुपये तक शुल्क निर्धारित है, वहीं ठेकेदार के कर्मचारी 50 से लेकर 200 रुपये तक जबरन वसूल रहे हैं। आरोप है कि वसूली से इनकार करने पर लोगों के साथ बदसलूकी की जाती है और कई बार धमकाया भी जाता है। आढ़तियों का कहना है कि यह समस्या नई नहीं है, बल्कि पिछले काफी समय से चली आ रही है। मंडी में आए दिन ठेकेदारों और आढ़तियों के बीच इसी मुद्दे को लेकर कहासुनी और विवाद होता रहा है।
ठेकेदार के कारिंदे करते हैं मारपीट
कई बार मामला हाथापाई तक पहुंचने की कगार पर भी पहुंच चुका है। इसके बावजूद संबंधित अधिकारियों द्वारा कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया, जिससे ठेकेदारों के हौसले और बुलंद हो गए। एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने बताया कि उन्होंने इस गंभीर समस्या को लेकर मंडी बोर्ड के अधिकारियों और जिला प्रशासन के समक्ष कई बार लिखित शिकायतें दी हैं।यह भी पढ़ें: अमेरिका ने एच-1बी वीजा के लिए लॉटरी सिस्टम किया खत्म, भारतीयों को लगा बड़ा झटका
अधिकारियों को पार्किंग वसूली के नियमों और ठेकेदार की मनमानी से अवगत करवाया गया, लेकिन अब तक कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई। आढ़तियों का आरोप है कि प्रशासनिक उदासीनता के चलते ठेकेदार अपनी मनमर्जी से लोगों को लूटने में लगे हुए हैं।आढ़तियों का ऐलान
प्रशासन की इस कथित अनदेखी से नाराज आढ़तियों ने अब आर-पार की लड़ाई का मन बना लिया है। आढ़ती एसोसिएशन ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि सोमवार तक पार्किंग ठेकेदार की धक्केशाही पर रोक नहीं लगाई गई, तो मंगलवार को सभी आढ़ती अपनी-अपनी दुकानों की चाबियां जिला उपायुक्त हिमांशु अग्रवाल को सौंप देंगे और मंडी को पूरी तरह बंद कर दिया जाएगा। यह फैसला सर्वसम्मति से लिया गया है और इसमें सभी आढ़तियों का समर्थन बताया जा रहा है। [caption id="attachment_95468" align="aligncenter" width="1200"]
DC Himanshu Aggarwal[/caption]
एसोसिएशन के प्रतिनिधियों का कहना है कि उनका यह कदम किसी दबाव की राजनीति के लिए नहीं, बल्कि आम जनता और व्यापारियों के हितों की रक्षा के लिए उठाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि मंडी एक सार्वजनिक स्थल है, जहां किसानों और आम लोगों को बिना किसी डर और शोषण के आना-जाना चाहिए। पार्किंग के नाम पर की जा रही अवैध वसूली से न केवल जनता परेशान है, बल्कि मंडी की छवि भी खराब हो रही है।