ePaper Reading mode

Daily Samvad ePaper

Tuesday, 01 September 2026

Jalandhar News: जालंधर वेस्ट हलके में अवैध कालोनियों और दुकानों से नगर निगम को करोड़ों रुपए की चपत, पार्षद दफ्तर के सामने बन गई 6 अवैध दुकानें

Jalandhar News: जालंधर वेस्ट हलके में अवैध कालोनियों और दुकानों से नगर निगम को करोड़ों रुपए की चपत, पार्षद दफ्तर के सामने बन गई 6 अवैध दुकानें

डेली संवाद, जालंधर। Jalandhar News: जालंधर के वेस्ट हलके में अवैध कालोनियों और अवैध कामर्शियल निर्माण की बाढ़ आ गई है। एक के बाद एक कई अवैध कालोनियों इस हलके में काटी जा रही है। यहीं नहीं कामर्शियल निर्माण अवैध तरीके से कर नगर निगम को करोड़ों रुपए का चूना लगाया जा रहा है।

ताजा मामला बस्ती मिट्ठू रोड पर अवैध रूप से बनाई जा रही 6 दुकानों का सामने आया है। मोहल्ले के लोगों द्वारा बार-बार शिकायत के बाद इन दुकानों को नोटिस तो जारी कर दिया गया, लेकिन अवैध दुकानों पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। जिससे मोहल्ले के लोगों में भारी नाराजगी है।

नोटिस का खेल जारी

जानकारी के अनुसार, नगर निगम के नोटिस में संबंधित लोगों को निर्माण बंद करने और नियमों का पालन करने के निर्देश दिए गए थे। बावजूद इसके, मौके पर दुकानों का निर्माण जारी बताया जा रहा है।

स्थानीय लोगों का आरोप है कि निगम अधिकारियों की कार्रवाई केवल नोटिस चिपकाने तक ही सीमित रह गई है। वहीं, कुछ दुकानदारों का कहना है कि उन्होंने नियमों के अनुसार निर्माण किया है और मामले को लेकर निगम से बातचीत भी की जा रही है।

पार्षद दफ्तर के सामने बनी दुकानें

मोहल्ले के लोगों ने बताया कि पार्षद मुकेश सेठी के दफ्तर के ठीक सामने अवैध रूप से 6 दुकाने बन रही है, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हो रही है। शिकायतकर्ताओं ने नगर निगम के अफसरों पर आरोप लगाया है। उनका कहना है कि अफसरों ने बिल्डर्स से सांठगांठ कर लिया है, जिससे लाखों रुपए की वसूली की गई है।

आपको बता दें कि इससे पहले नगर निगम हाउस की बैठक में भाजपा पार्षद दल के नेता मनजीत सिंह टीटू ने अवैध कालोनियों का मुद्दा उठाया था। टीटू ने जालंधर वेस्ट हलके में अवैध कालोनियों की एक लिस्ट मेयर वनीत धीर और निगम कमिश्नर संदीप ऋषि को दी है।

अवैध कालोनियों से निगम को नुकसान

पार्षद ने मांग की है कि वेस्ट हलके के बस्ती पीरदाद, काला संघिया रोड, नाहलां पिंड के आसपास एक साथ कई अवैध कालोनियों काटी जा रही है, लेकिन नगर निगम के अफसर कोई कार्रवाई नहीं कर रहे हैं। जिससे नगर निगम को करोड़ों रुपए का नुकसान हो रहा है।