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Saturday, 23 May 2026

Kanpur: पुलिस कमिश्नर दफ्तर को ITBP के हथियारबंद कमांडो ने घेरा, पुलिस कर्मियों में मचा हड़कंप

डेली संवाद, कानपुर। Kanpur Police Commissionerate: उत्तर प्रदेश के कानपुर में मंगलवार को उस समय हड़कंप मच गया, जब ITBP (भारत-तिब्बत सीमा पुलिस) के 40-50 हथियारबंद जवान पुलिस कमिश्नरेट परिसर पहुंच गए। जवान अपने साथी कमांडो विकास सिंह की शिकायत पर कार्रवाई न होने से नाराज थे। सभी जवान वर्दी और हथियारों के साथ परिसर में अलग-अलग जगहों पर तैनात हो गए। अचानक बड़ी संख्या में जवानों को देखकर पुलिसकर्मी भी सतर्क हो गए और कुछ समय के लिए माहौल तनावपूर्ण बना रहा। करीब एक घंटे तक कानपुर (Kanpur) पुलिस कमिश्नर कार्यालय के बाहर स्थिति बेहद गंभीर रही। बाद में पुलिस कमिश्नर, स्वास्थ्य विभाग और ITBP अधिकारियों के बीच लंबी बातचीत के बाद मामला शांत कराया गया। पूरा विवाद ITBP कमांडो विकास सिंह की मां निर्मला देवी के इलाज में कथित लापरवाही से जुड़ा है। विकास सिंह मूल रूप से फतेहपुर जिले के खागा हथगाम क्षेत्र के रहने वाले हैं और वर्तमान में कानपुर के महाराजपुर स्थित 32वीं बटालियन में तैनात हैं। [caption id="attachment_111728" align="aligncenter" width="1200"] ITBP Jawans ITBP Jawans[/caption]

सांस लेने में तकलीफ

विकास के अनुसार उनकी 56 वर्षीय मां निर्मला देवी को सांस लेने में तकलीफ, कब्ज और कमजोरी की शिकायत थी। पहले उन्हें ITBP अस्पताल में दिखाया गया, लेकिन 13 मई 2026 को अचानक तबीयत ज्यादा बिगड़ने पर डॉक्टरों ने उन्हें हायर सेंटर रेफर कर दिया। विकास सिंह अपनी मां को एम्बुलेंस से लेकर निकले, लेकिन रास्ते में भारी जाम के कारण उन्होंने जल्दबाजी में टाटमिल चौराहे स्थित कृष्णा सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल में भर्ती करा दिया। वहां डॉक्टरों ने उन्हें ऑक्सीजन सपोर्ट पर लिया और हाथ में कैनुला लगाया। विकास का आरोप है कि इलाज के दौरान गलत इंजेक्शन लगाने से उनकी मां के हाथ में गंभीर संक्रमण फैल गया। देखते ही देखते हाथ काला पड़ने लगा और सूजन बढ़ती चली गई। हालत बिगड़ने पर 14 मई की शाम उन्हें बिठूर रोड स्थित पारस हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया। यहां डॉक्टरों ने इलाज की कोशिश की, लेकिन संक्रमण इतना फैल चुका था कि 17 मई को उनकी मां का हाथ काटना पड़ा। विकास सिंह का कहना है कि यह सब कृष्णा हॉस्पिटल की लापरवाही का परिणाम है।

अस्पताल के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग

विकास सिंह ने बताया कि उनकी मां ने जिन हाथों से उन्हें बचपन से पाला-पोसा, वही हाथ उनके सामने काट दिया गया। उन्होंने कहा कि सेना में होने के बावजूद अगर वह अपनी मां को इंसाफ नहीं दिला सकते तो यह बेहद दुखद है। घटना के बाद विकास सिंह अपनी मां का कटा हुआ हाथ लेकर पुलिस कमिश्नर कार्यालय पहुंचे थे और अस्पताल के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की थी। पुलिस कमिश्नर ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच के लिए CMO कार्यालय को भेज दिया था। स्वास्थ्य विभाग की ओर से एक जांच कमेटी गठित की गई, लेकिन शुरुआती रिपोर्ट में न तो स्पष्ट रूप से लापरवाही की पुष्टि हुई और न ही अस्पताल के खिलाफ कोई कार्रवाई की गई। इसी बात से ITBP जवान नाराज हो गए।

जांच के आदेश जारी

मंगलवार को बड़ी संख्या में ITBP जवान अपने अधिकारियों के साथ पुलिस कमिश्नर कार्यालय पहुंचे और दोबारा निष्पक्ष जांच तथा अस्पताल के खिलाफ कार्रवाई की मांग करने लगे। स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने तुरंत हस्तक्षेप किया। बाद में CMO हरिदत्त नेमी ने दोबारा जांच के आदेश जारी किए। CMO हरिदत्त नेमी ने बताया कि - 
मामले की गहन जांच के लिए दो वरिष्ठ अधिकारियों के नेतृत्व में नई टीम बनाई गई है। यह टीम अस्पताल पहुंचकर सभी दस्तावेज, इलाज की प्रक्रिया और संबंधित पक्षों के बयान दर्ज करेगी। उन्होंने कहा कि जांच पूरी तरह निष्पक्ष होगी और रिपोर्ट आने के बाद उचित कार्रवाई की जाएगी।
वहीं ITBP के लाइजनिंग ऑफिसर अर्पित सिंह ने दावा किया कि कृष्णा हॉस्पिटल पर पहले भी इलाज में लापरवाही के आरोप लग चुके हैं। उन्होंने बताया कि ITBP की एक महिला कांस्टेबल और एक इंस्पेक्टर की भी इलाज के दौरान कथित लापरवाही से मौत हो चुकी है। इसी वजह से जवानों में अस्पताल के खिलाफ भारी नाराजगी है। [caption id="attachment_111727" align="aligncenter" width="1200"] ITBP Jawans Surround Kanpur Police Commissionerate ITBP Jawans Surround Kanpur Police Commissionerate[/caption]

संयुक्त जांच समिति गठित

हालांकि पुलिस प्रशासन ने “घेराव” की खबरों को खारिज किया है। एडिशनल पुलिस कमिश्नर लॉ एंड ऑर्डर विपिन ताडा ने कहा कि जवान अपॉइंटमेंट लेकर अपने अधिकारियों के साथ आए थे। उन्होंने मेडिकल रिपोर्ट पर कुछ आपत्तियां जताई थीं, जिसके बाद संयुक्त जांच समिति गठित की गई है। इस कमेटी में पुलिस, ITBP और स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी शामिल हैं। उन्होंने कहा कि जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे सख्त कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल यह मामला पूरे उत्तर प्रदेश में चर्चा का विषय बना हुआ है। सोशल मीडिया पर भी लोग अस्पताल प्रशासन और स्वास्थ्य व्यवस्था पर सवाल उठा रहे हैं। अब सभी की नजर नई जांच रिपोर्ट पर टिकी है, जिससे यह स्पष्ट होगा कि वास्तव में इलाज में लापरवाही हुई थी या नहीं।